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जिला बनने के दो साल बाद भी उपमंडल स्तर पर चल रहा है कृषि विभाग कार्यालय
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। चरखी दादरी को जिला बने करीब दो साल होने के बाद भी जिला कृषि कार्यालय स्थापित नहीं हो सका है। चरखी दादरी में कृषि विभाग कार्यालय उपमंडल की तर्ज पर चल रहा है। ऐसे में अभी पुराने जिला मुख्यालय से ही फाइलों का निपटान हो रहा है। इस समय 18 पद खंड कृषि विकास अधिकारियों के भी रिक्त पड़े हैं। जिले में करीब 1.22 लाख हैक्टेयर कृषि का रकबा है। जिले के 70 प्रतिशत लोगों की आजीविका कृषि पर ही टिकी है।
कृषि का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है। किसान की आय तभी बढ़ेगी जब कृषि विभाग के विशेषज्ञ समय-समय पर कृषि संबंधी नई पॉलिसी करते हैं और इन पॉलिसी को किसानों तक पहुंचाया जाता है। इन पॉलिसी को किसानों तक पहुंचाने का कार्य कृषि विकास अधिकारियों का ही है। चरखी दादरी जिला दो साल का होने जा रहा है लेकिन जिला स्तर का कृषि कार्यालय यहां शुरू नहीं हो सका है। इस समय उपमंडल स्तर का ही कार्यालय चल रहा है। ऐसे में पुराने जिला मुख्यालय से ही मेन फाइलों व कार्यों का निपटान हो रहा है। जिससे किसानों को भी परेशानी हो रही है। कई बार किसानों को भिवानी या हिसार जाकर अपनी समस्याओं का समाधान करवाना होता है।
बाक्स:: ये पद स्वीकृत होने चाहिए
कृषि विभाग कार्यालय में डिप्टी डायरेक्टर का पद जिसकी तैनाती नहीं हो सकी है। इसके अलावा क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर का पद सृजित होना चाहिए। इसी प्रकार जिला स्तर पर असिस्टेंड प्लांट प्रोटेक्शन ऑफिसर का भी पद होता है। विषय विशेषज्ञ यानी कृषि वैज्ञानिकों के भी तीन पद जिला स्तर पर होते हैं जो मंजूर नहीं हुए हैं। वास्तविक स्थिति यह है कि इस समय उपमंडल स्तर पर एसडीओ का पद भी रिक्त पड़ा है। लोहारू के एसडीओ को अतिरिक्त चार्ज सौंप रखा है।
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बाढड़ा उपमंडल में नहीं एसडीओ, एडीओ के पद भी खाली
जिले के बाढड़ा उपमंडल में भी एसडीओ का पद खाली पड़ा है। उपमंडल के लिहाज से यहां एसडीओ का पद सृजित होना है। इसी प्रकार झोझू कलां ब्लॉक में भी ब्लॉक कृषि अधिकारी का पद मंजूर नहीं हुआ है। इस समय जिले में एडीओ के 18 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। कृषि विकास अधिकारियों (एडीओ )के यह पद खाली होने से किसानों को समय समय पर कृषि संबंधी नवीनतम जानकारी नहीं मिल पा रही है। एडीओ ही गांवों में जाकर किसानों को नई नीतियों से अवगत करवाते हैं तथा उनका मार्गदर्शन करते हैं। एक एडीओ को सात से आठ गांवों का काम संभालना होता है लेकिन इस समय एक एडीओ को 40 से अधिक गांव संभालने पड़ रहे हैं। इस समय जिले में मात्र चार एडीओ तैनात हैं जबकि जिले में 172 गांव हैं।
::वर्जन
जिला के अनुरूप कृषि अधिकारियों की डिमांड भेज रखी है। जल्द ही यह पद स्वीकृत होने की उम्मीद है। फिलहाल मौजूदा स्टाफ से काम चलाया जा रहा है। किसानों की हर प्रकार की समस्याओं का समय पर निदान हो रहा है।
डॉ. ईश्वर सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग,चरखी दादरी
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चरखी दादरी। चरखी दादरी को जिला बने करीब दो साल होने के बाद भी जिला कृषि कार्यालय स्थापित नहीं हो सका है। चरखी दादरी में कृषि विभाग कार्यालय उपमंडल की तर्ज पर चल रहा है। ऐसे में अभी पुराने जिला मुख्यालय से ही फाइलों का निपटान हो रहा है। इस समय 18 पद खंड कृषि विकास अधिकारियों के भी रिक्त पड़े हैं। जिले में करीब 1.22 लाख हैक्टेयर कृषि का रकबा है। जिले के 70 प्रतिशत लोगों की आजीविका कृषि पर ही टिकी है।
कृषि का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है। किसान की आय तभी बढ़ेगी जब कृषि विभाग के विशेषज्ञ समय-समय पर कृषि संबंधी नई पॉलिसी करते हैं और इन पॉलिसी को किसानों तक पहुंचाया जाता है। इन पॉलिसी को किसानों तक पहुंचाने का कार्य कृषि विकास अधिकारियों का ही है। चरखी दादरी जिला दो साल का होने जा रहा है लेकिन जिला स्तर का कृषि कार्यालय यहां शुरू नहीं हो सका है। इस समय उपमंडल स्तर का ही कार्यालय चल रहा है। ऐसे में पुराने जिला मुख्यालय से ही मेन फाइलों व कार्यों का निपटान हो रहा है। जिससे किसानों को भी परेशानी हो रही है। कई बार किसानों को भिवानी या हिसार जाकर अपनी समस्याओं का समाधान करवाना होता है।
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बाक्स:: ये पद स्वीकृत होने चाहिए
कृषि विभाग कार्यालय में डिप्टी डायरेक्टर का पद जिसकी तैनाती नहीं हो सकी है। इसके अलावा क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर का पद सृजित होना चाहिए। इसी प्रकार जिला स्तर पर असिस्टेंड प्लांट प्रोटेक्शन ऑफिसर का भी पद होता है। विषय विशेषज्ञ यानी कृषि वैज्ञानिकों के भी तीन पद जिला स्तर पर होते हैं जो मंजूर नहीं हुए हैं। वास्तविक स्थिति यह है कि इस समय उपमंडल स्तर पर एसडीओ का पद भी रिक्त पड़ा है। लोहारू के एसडीओ को अतिरिक्त चार्ज सौंप रखा है।
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बाढड़ा उपमंडल में नहीं एसडीओ, एडीओ के पद भी खाली
जिले के बाढड़ा उपमंडल में भी एसडीओ का पद खाली पड़ा है। उपमंडल के लिहाज से यहां एसडीओ का पद सृजित होना है। इसी प्रकार झोझू कलां ब्लॉक में भी ब्लॉक कृषि अधिकारी का पद मंजूर नहीं हुआ है। इस समय जिले में एडीओ के 18 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। कृषि विकास अधिकारियों (एडीओ )के यह पद खाली होने से किसानों को समय समय पर कृषि संबंधी नवीनतम जानकारी नहीं मिल पा रही है। एडीओ ही गांवों में जाकर किसानों को नई नीतियों से अवगत करवाते हैं तथा उनका मार्गदर्शन करते हैं। एक एडीओ को सात से आठ गांवों का काम संभालना होता है लेकिन इस समय एक एडीओ को 40 से अधिक गांव संभालने पड़ रहे हैं। इस समय जिले में मात्र चार एडीओ तैनात हैं जबकि जिले में 172 गांव हैं।
::वर्जन
जिला के अनुरूप कृषि अधिकारियों की डिमांड भेज रखी है। जल्द ही यह पद स्वीकृत होने की उम्मीद है। फिलहाल मौजूदा स्टाफ से काम चलाया जा रहा है। किसानों की हर प्रकार की समस्याओं का समय पर निदान हो रहा है।
डॉ. ईश्वर सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग,चरखी दादरी