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दिल्ली जाने के लिए नहीं आए आंदोलनकारी किसान, पुलिस रही मुस्तैद
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए शुक्रवार को बहादुरगढ़ शहर के सभी प्रमुख नाकों और दिल्ली-हरियाणा की तमाम सीमाओं पर पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे, लेकिन दिल्ली जाने के लिए कोई किसान बहादुरगढ़ नहीं पहुंचा। रैपिड एक्शन फोर्स के पर्याप्त जवान मुस्तैद रहे। जिला पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए थे।
पुलिस और प्रशासन को रोहतक, भिवानी, जींद, हिसार, फतेहाबाद व सिरसा जिलों से किसान आंदोलनकारियों के बहादुरगढ़ के रास्ते दिल्ली जाने की जानकारी मिली थी। इसलिए अधिकारियों ने वीरवार शाम से ही पुलिस बल को अलर्ट कर दिया था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेेंद्र सिंह की अगुवाई में शुक्रवार को सभी प्रमुख स्थानों पर सशस्त्र पुलिस बल तैनात रहा। लेकिन प्रदर्शनकारी किसान नहीं आए। पुलिस प्रवक्ता चमन लाल ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में किसानों के आने की संभावना थी, लेकिन एक भी ट्रैक्टर-ट्रॉली में किसान नहीं आए। कानून व्यवस्था दुरुस्त बनी रही। जिला वासियों व प्रशासन को किसी भी तरह की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा।
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ये की गई थी व्यवस्था
किसानों की भीड़ से निपटने के लिए पुलिस ने जाखोदा बाईपास चौक पर फायर ब्रिगेड भी तैनात की थी। आवश्यकता पड़ने पर इस्तेमाल करने के लिए हरियाणा राज्य परिवहन की कई बसें भी तैयार रखी गई थी। बहादुरगढ़ के डीएसपी भगतराम और रोहतक से आए दो डीएसपी रोहतास व नारायण चंद को भी कई नाकों की जिम्मेदारी सौंपी गई। आंदोलनकारियों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस ने टीकरी बार्डर, झाड़ोदा बार्डर, सेक्टर-9 मोड़, नया गांव चौक, निजामपुर बार्डर, ढांसा बार्डर, रोहतक-दिल्ली रोड पर जाखोदा बाईपास चौक व रोहद टोल टैक्स बैरियर समेत अन्य प्रमुख नाकों पर आरएएफ और जिला पुलिस के जवान तैनात कर रखे थे। बहादुरगढ़ सदर थाना प्रभारी जसबीर सिंह व शहर थाना प्रभारी ललित कुमार को भी जिम्मेदारियां सौंपी गई थी।
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बहादुरगढ़।
प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए शुक्रवार को बहादुरगढ़ शहर के सभी प्रमुख नाकों और दिल्ली-हरियाणा की तमाम सीमाओं पर पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे, लेकिन दिल्ली जाने के लिए कोई किसान बहादुरगढ़ नहीं पहुंचा। रैपिड एक्शन फोर्स के पर्याप्त जवान मुस्तैद रहे। जिला पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए थे।
पुलिस और प्रशासन को रोहतक, भिवानी, जींद, हिसार, फतेहाबाद व सिरसा जिलों से किसान आंदोलनकारियों के बहादुरगढ़ के रास्ते दिल्ली जाने की जानकारी मिली थी। इसलिए अधिकारियों ने वीरवार शाम से ही पुलिस बल को अलर्ट कर दिया था।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेेंद्र सिंह की अगुवाई में शुक्रवार को सभी प्रमुख स्थानों पर सशस्त्र पुलिस बल तैनात रहा। लेकिन प्रदर्शनकारी किसान नहीं आए। पुलिस प्रवक्ता चमन लाल ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में किसानों के आने की संभावना थी, लेकिन एक भी ट्रैक्टर-ट्रॉली में किसान नहीं आए। कानून व्यवस्था दुरुस्त बनी रही। जिला वासियों व प्रशासन को किसी भी तरह की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा।
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ये की गई थी व्यवस्था
किसानों की भीड़ से निपटने के लिए पुलिस ने जाखोदा बाईपास चौक पर फायर ब्रिगेड भी तैनात की थी। आवश्यकता पड़ने पर इस्तेमाल करने के लिए हरियाणा राज्य परिवहन की कई बसें भी तैयार रखी गई थी। बहादुरगढ़ के डीएसपी भगतराम और रोहतक से आए दो डीएसपी रोहतास व नारायण चंद को भी कई नाकों की जिम्मेदारी सौंपी गई। आंदोलनकारियों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस ने टीकरी बार्डर, झाड़ोदा बार्डर, सेक्टर-9 मोड़, नया गांव चौक, निजामपुर बार्डर, ढांसा बार्डर, रोहतक-दिल्ली रोड पर जाखोदा बाईपास चौक व रोहद टोल टैक्स बैरियर समेत अन्य प्रमुख नाकों पर आरएएफ और जिला पुलिस के जवान तैनात कर रखे थे। बहादुरगढ़ सदर थाना प्रभारी जसबीर सिंह व शहर थाना प्रभारी ललित कुमार को भी जिम्मेदारियां सौंपी गई थी।