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जानलेवा प्रदूषण झेल रहे हैं पांच हजार लोग
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
निजामपुर रोड और उसके आसपास की कई कालोनियों में रहने वाले पांच हजार लोग कई वर्षों से जानलेवा प्रदूषण का दंश झेल रहे हैं। कई लोग इस प्रदूषण के कारण भयंकर बीमारियों से भी ग्रस्त हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद न प्रदूषण विभाग और न ही प्रशासनिक अधिकारी इस तरफ ध्यान देते।
हैंड पंपों का पानी भी हो रहा खराब
निजामपुर रोड पर बिहार कॉलोनी, नेताजी नगर, नर सिंह नगर व बलजीत नगर हैं। इसके अलावा परनाला गांव भी इन फैक्ट्रियों के नजदीक है। फैक्ट्रियों के नजदीक बने मकानों में लगे हैंड पंपों का पानी भी खराब हो चुका है। लोगों के मुताबिक, हैंड पंपों से निकलने वाले पानी को यदि तीन दिनों तक एल्युमीनियम की बाल्टी में रख दिया जाए तो बाल्टी खराब हो जाती है।
क्या कहते हैं लोग
आसपास के इलाके की हो रही हवा खराब
निजामपुर रोड निवासी कप्तान राठी का कहना है कि प्रदूषण के कारण आसपास के इलाके की हवा पूरी तरह से खराब हो गई है। यहां रहना लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। कई लोग भयंकर बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। वे स्वयं भी बीमारी से ग्रस्त हुए हैं। इन फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं रात के समय तो और भी खराब हो जाता है क्योंकि यह फैक्ट्री मालिक रात के समय फैक्ट्री को चलाते हैं।
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दो किलोमीटर दूर का पानी पीने लायक
नेताजी नगर-2 निवासी दिलीप सिंह का कहना है कि यहां से दो किलोमीटर दूर निजामपुर व बामनोली गांव में लगे हैंड पंपों का पानी पूरी तरह से साफ है और वह पीने लायक हैं। यहां पर जमीन से निकलने वाले पानी को शरीर से छुआ भी नहीं जा सकता। इस पानी से शरीर पर कई तरह के दाग हो जाते हैं। यहां फैक्ट्रियों से लगातार फैल रहे प्रदूषण से वे अस्थमा की बीमारी से पीड़ित हो गए हैं। यह फैक्ट्रियां वर्ष 2002 से चल रही हैं। कार्रवाई किसी तरह की नहीं हो रही।
निजामपुर रोड के निवासी 72 वर्षीय केहर सिंह कहते हैं कि इस प्रदूषण के कारण उनका जीना पूरी तरह मुहाल हो रहा है। मगर न तो कोई नेता और न ही प्रशासनिक अधिकारी इन फैक्ट्रियों को यहां से शिफ्ट करवा रहे हैं। अधिकारी केवल अपने काम की इतिश्री करके यहां से चले जाते हैं।
प्रदूषण से मनुष्य की 8-10 वर्ष उम्र कम होती है : शर्मा
ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक मनीष शर्मा ने कहा कि जिस आबादी में अधिक प्रदूषण होता है, उस इलाके में इंसान की उम्र 8-10 वर्ष कम हो जाती है। अध्ययन में यह सामने आया है कि जिस इलाके में पांच साल पहले जितने कैंसर के मरीज होते थे, अब उससे कहीं अधिक हो रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में भी प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से संबंधित काफी मरीज आते हैं। प्रदूषण से गर्भवती महिलाओं को भी ज्यादा खतरा रहता है। होने वाले बच्चे के अंदर भी बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है।
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बहादुरगढ़।
निजामपुर रोड और उसके आसपास की कई कालोनियों में रहने वाले पांच हजार लोग कई वर्षों से जानलेवा प्रदूषण का दंश झेल रहे हैं। कई लोग इस प्रदूषण के कारण भयंकर बीमारियों से भी ग्रस्त हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद न प्रदूषण विभाग और न ही प्रशासनिक अधिकारी इस तरफ ध्यान देते।
हैंड पंपों का पानी भी हो रहा खराब
निजामपुर रोड पर बिहार कॉलोनी, नेताजी नगर, नर सिंह नगर व बलजीत नगर हैं। इसके अलावा परनाला गांव भी इन फैक्ट्रियों के नजदीक है। फैक्ट्रियों के नजदीक बने मकानों में लगे हैंड पंपों का पानी भी खराब हो चुका है। लोगों के मुताबिक, हैंड पंपों से निकलने वाले पानी को यदि तीन दिनों तक एल्युमीनियम की बाल्टी में रख दिया जाए तो बाल्टी खराब हो जाती है।
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क्या कहते हैं लोग
आसपास के इलाके की हो रही हवा खराब
निजामपुर रोड निवासी कप्तान राठी का कहना है कि प्रदूषण के कारण आसपास के इलाके की हवा पूरी तरह से खराब हो गई है। यहां रहना लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। कई लोग भयंकर बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। वे स्वयं भी बीमारी से ग्रस्त हुए हैं। इन फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं रात के समय तो और भी खराब हो जाता है क्योंकि यह फैक्ट्री मालिक रात के समय फैक्ट्री को चलाते हैं।
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दो किलोमीटर दूर का पानी पीने लायक
नेताजी नगर-2 निवासी दिलीप सिंह का कहना है कि यहां से दो किलोमीटर दूर निजामपुर व बामनोली गांव में लगे हैंड पंपों का पानी पूरी तरह से साफ है और वह पीने लायक हैं। यहां पर जमीन से निकलने वाले पानी को शरीर से छुआ भी नहीं जा सकता। इस पानी से शरीर पर कई तरह के दाग हो जाते हैं। यहां फैक्ट्रियों से लगातार फैल रहे प्रदूषण से वे अस्थमा की बीमारी से पीड़ित हो गए हैं। यह फैक्ट्रियां वर्ष 2002 से चल रही हैं। कार्रवाई किसी तरह की नहीं हो रही।
निजामपुर रोड के निवासी 72 वर्षीय केहर सिंह कहते हैं कि इस प्रदूषण के कारण उनका जीना पूरी तरह मुहाल हो रहा है। मगर न तो कोई नेता और न ही प्रशासनिक अधिकारी इन फैक्ट्रियों को यहां से शिफ्ट करवा रहे हैं। अधिकारी केवल अपने काम की इतिश्री करके यहां से चले जाते हैं।
प्रदूषण से मनुष्य की 8-10 वर्ष उम्र कम होती है : शर्मा
ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक मनीष शर्मा ने कहा कि जिस आबादी में अधिक प्रदूषण होता है, उस इलाके में इंसान की उम्र 8-10 वर्ष कम हो जाती है। अध्ययन में यह सामने आया है कि जिस इलाके में पांच साल पहले जितने कैंसर के मरीज होते थे, अब उससे कहीं अधिक हो रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में भी प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से संबंधित काफी मरीज आते हैं। प्रदूषण से गर्भवती महिलाओं को भी ज्यादा खतरा रहता है। होने वाले बच्चे के अंदर भी बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है।