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पल-पल की अपडेट लेता रहा प्रशासन, रैली खत्म् होने पर ली राहत की सांस
Updated Mon, 27 Nov 2017 01:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
सांसद राजकुमार सैनी की जींद रैली और यशपाल मलिक की जसिया रैली के चलते जिला प्रशासन पूरे दिन अलर्ट पर रहा। किसी भी आपताकालीन स्थिति से निपटने के लिए शहर के प्रमुख मार्गों पर पुलिस के 17 नाके लगाए गए थे। एक ही दिन में यशपाल मलिक और सांसद राजकुमार सैनी की रैली होने के कारण लोगों की भी दिनभर इन रैलियों पर निगाहें टिकी रही। पुलिस प्रशासन की दिनभर की चौकसी के चलते देर शाम दोनों रैली शांति से निपट गई जिससे प्रशासन को काफी हद तक राहत मिली। रैली के बाद शाम को जिले में इंटरनेट सेवाएं भी बहाल कर दी गई जिसका इंटरनेट उपभोक्तओं को बेसब्री से इंतजार था। इंटरनेट ठप होने के कारण लोगों के इंटरनेट से संबंधित कार्य भी रुके हुए थे।
गौरतलब है कि फरवरी 2016 के आंदोलन में सबसे अधिक जनहानि झज्जर को ही उठानी पड़ी थी। इसी के चलते संवेदनशील घोषित किए गए झज्जर में एसएसपी सतीश बालन ने रैली से निपटने के लिए सप्ताहभर पूर्व ही बैठकों का दौर शुरू कर दिया था जिसमें पुलिस अधिकारियों को रैली के दिन एहतियात बरतने के तौर-तरीके समझाए गए थे। एसएसपी सतीश बालन ने रविवार को जिलेभर के नाकों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच भी की थी। वहीं डीसी सोनल गोयल भी देर शाम तक पल-पल की अपडेट लेती नजर आई।
वाहनों को बाईपास से होकर निकाला गया
पुलिस नाकों से झज्जर व बहादुरगढ़ शहर को सील किया गया था। झज्जर शहर के चारों तरफ 17 पुलिस नाके लगाए गए थे। जिनका कार्य रैली में गुजरने वाले वाहनों को बाईपास से ही निकाला जाए ताकि शहर में किसी भी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न न हो। वहीं जिलेभर में शांति व्यवस्था को कायम रखने के लिए 27 ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। हालांकि रैली में जाने वाले लोग शांतिपूर्वक तरीके ही रैलियों के लिए जिले से रवाना हुआ। बताया जा रहा है कि जींद रैली वाले वाहनों पर किसी भी प्रकार के झंडे व पोस्टर नहीं लगे थे तो जसिया जाने वाले वाहनों पर पोस्टर लगाए गए थे।
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शराब ठेके रहे थे बंद
जिलाधीश सोनल गोयल के आदेशों के चलते जिले में किसी भी अप्रिय घटना न हो इसके चलते शराब ठेके बंद करने के आदेश जारी किए गए थे। इसके चलते झज्जर में रविवार को पूर्णतया शराब ठेके बंद रहे। वहीं शराब ठेकों के सामने शाम के समय भीड़ जरूर दिखाई दी लेकिन सरकारी आदेशों के चलते ठेके बंद रखे गए।
शाम को शुरू हुई इंटरनेट सुविधा
पिछले दो दिन से ठप पड़ी इंटरनेट सुविधा रविवार की शाम साढे़ 5 बजे बहाल कर दी गई। इसके चलते युवाओं व साइबर कैफे संचालकों ने राहत की सांस ली। दो दिन से युवा वाई फाई की तलाश में भटकते नजर आए। वहीं रविवार को जैसे ही इंटरनेट शुरू हुआ तो सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ युवाओं ने जमकर भड़ास भी निकाली।
अलर्ट पर थे अस्पताल, दमकल और रोडवेज
जींद व जसिया रैली के चलते जिला प्रशासन द्वारा सामान्य अस्पताल, दमकल विभाग और रोडवेज विभाग को अलर्ट पर रखा गया था। सामान्य अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को पूरी तरह से खाली रखा गया था। वहीं दमकल विभाग के सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द की गई थी तो रोडवेज की करीब दो दर्जन बसों को रिजर्व के तौर पर रखा गया था।
वर्जन
चौकसी के चलते दोनों रैलियां शांतिपूर्वक निपट गई। रैली के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस विभाग द्वारा पूरी तैयारियां की गई थी। वहीं उनके द्वारा लोगों को शांति बनाए रखने व अफवाहों से बचने की अपील की गई थी जिसे लोगों ने समझा, जिसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।
-बी सतीश बालन, एसएसपी, झज्जर।
17 पुलिस नाकों से सील रहा शहर, जसिया-जींद रैली पर टिकी रही लोगों की नजरें
पल-पल की अपडेट लेता रहा प्रशासन, रैली खत्म होने पर ली राहत की सांस
-27 ड्यूटी मजिस्ट्रेट के कंधों पर रही जिम्मेदारी, 17 नाकों से शहर किया गया था सील
शाम साढे़ 5 बजे शुरू हुआ इंटरनेट, रात 12 बजे तक बंद रहे शराब ठेके
फोटो संख्या-7 से 10 व 12
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झज्जर।
सांसद राजकुमार सैनी की जींद रैली और यशपाल मलिक की जसिया रैली के चलते जिला प्रशासन पूरे दिन अलर्ट पर रहा। किसी भी आपताकालीन स्थिति से निपटने के लिए शहर के प्रमुख मार्गों पर पुलिस के 17 नाके लगाए गए थे। एक ही दिन में यशपाल मलिक और सांसद राजकुमार सैनी की रैली होने के कारण लोगों की भी दिनभर इन रैलियों पर निगाहें टिकी रही। पुलिस प्रशासन की दिनभर की चौकसी के चलते देर शाम दोनों रैली शांति से निपट गई जिससे प्रशासन को काफी हद तक राहत मिली। रैली के बाद शाम को जिले में इंटरनेट सेवाएं भी बहाल कर दी गई जिसका इंटरनेट उपभोक्तओं को बेसब्री से इंतजार था। इंटरनेट ठप होने के कारण लोगों के इंटरनेट से संबंधित कार्य भी रुके हुए थे।
गौरतलब है कि फरवरी 2016 के आंदोलन में सबसे अधिक जनहानि झज्जर को ही उठानी पड़ी थी। इसी के चलते संवेदनशील घोषित किए गए झज्जर में एसएसपी सतीश बालन ने रैली से निपटने के लिए सप्ताहभर पूर्व ही बैठकों का दौर शुरू कर दिया था जिसमें पुलिस अधिकारियों को रैली के दिन एहतियात बरतने के तौर-तरीके समझाए गए थे। एसएसपी सतीश बालन ने रविवार को जिलेभर के नाकों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच भी की थी। वहीं डीसी सोनल गोयल भी देर शाम तक पल-पल की अपडेट लेती नजर आई।
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वाहनों को बाईपास से होकर निकाला गया
पुलिस नाकों से झज्जर व बहादुरगढ़ शहर को सील किया गया था। झज्जर शहर के चारों तरफ 17 पुलिस नाके लगाए गए थे। जिनका कार्य रैली में गुजरने वाले वाहनों को बाईपास से ही निकाला जाए ताकि शहर में किसी भी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न न हो। वहीं जिलेभर में शांति व्यवस्था को कायम रखने के लिए 27 ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। हालांकि रैली में जाने वाले लोग शांतिपूर्वक तरीके ही रैलियों के लिए जिले से रवाना हुआ। बताया जा रहा है कि जींद रैली वाले वाहनों पर किसी भी प्रकार के झंडे व पोस्टर नहीं लगे थे तो जसिया जाने वाले वाहनों पर पोस्टर लगाए गए थे।
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शराब ठेके रहे थे बंद
जिलाधीश सोनल गोयल के आदेशों के चलते जिले में किसी भी अप्रिय घटना न हो इसके चलते शराब ठेके बंद करने के आदेश जारी किए गए थे। इसके चलते झज्जर में रविवार को पूर्णतया शराब ठेके बंद रहे। वहीं शराब ठेकों के सामने शाम के समय भीड़ जरूर दिखाई दी लेकिन सरकारी आदेशों के चलते ठेके बंद रखे गए।
शाम को शुरू हुई इंटरनेट सुविधा
पिछले दो दिन से ठप पड़ी इंटरनेट सुविधा रविवार की शाम साढे़ 5 बजे बहाल कर दी गई। इसके चलते युवाओं व साइबर कैफे संचालकों ने राहत की सांस ली। दो दिन से युवा वाई फाई की तलाश में भटकते नजर आए। वहीं रविवार को जैसे ही इंटरनेट शुरू हुआ तो सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ युवाओं ने जमकर भड़ास भी निकाली।
अलर्ट पर थे अस्पताल, दमकल और रोडवेज
जींद व जसिया रैली के चलते जिला प्रशासन द्वारा सामान्य अस्पताल, दमकल विभाग और रोडवेज विभाग को अलर्ट पर रखा गया था। सामान्य अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को पूरी तरह से खाली रखा गया था। वहीं दमकल विभाग के सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द की गई थी तो रोडवेज की करीब दो दर्जन बसों को रिजर्व के तौर पर रखा गया था।
वर्जन
चौकसी के चलते दोनों रैलियां शांतिपूर्वक निपट गई। रैली के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस विभाग द्वारा पूरी तैयारियां की गई थी। वहीं उनके द्वारा लोगों को शांति बनाए रखने व अफवाहों से बचने की अपील की गई थी जिसे लोगों ने समझा, जिसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।
-बी सतीश बालन, एसएसपी, झज्जर।
17 पुलिस नाकों से सील रहा शहर, जसिया-जींद रैली पर टिकी रही लोगों की नजरें
पल-पल की अपडेट लेता रहा प्रशासन, रैली खत्म होने पर ली राहत की सांस
-27 ड्यूटी मजिस्ट्रेट के कंधों पर रही जिम्मेदारी, 17 नाकों से शहर किया गया था सील
शाम साढे़ 5 बजे शुरू हुआ इंटरनेट, रात 12 बजे तक बंद रहे शराब ठेके
फोटो संख्या-7 से 10 व 12