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दक्षिणी हरियाणा को पानी पहुंचाने के लिए नहरों की बढ़ेगी क्षमता 21-01-35
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मुकेश शर्मा
झज्जर। दक्षिणी हरियाणा के लोगों और भूमि की प्यास बुझाने के लिए सिंचाई विभाग नहरों की क्षमता बढ़ाने की योजना तैयार कर रही है। इसके तहत जवाहर लाल नेहरू कैनाल के साथ से गुजरने वाली भालौठ सब ब्रांच और झज्जर सब ब्रांच की क्षमता बढ़ाकर 3000 क्यूसिक करने की योजना बनाई जा रही है। फिलहाल ये नहरेें 2000 क्यूसिक की हैं। अब एक हजार क्यूसिक और पानी के लिए इनकी बढ़ोतरी की जाएगी। नहरों के ऊपरी हिस्से को और ऊपर उठाया जाएगा। ताकि नहरों में एक हजार क्यूसिक पानी और छोड़ा जा सके। जबकि गोच्छी गांव से आगे जवाहर लाल नेहरू कैनाल के साथ से गुजरने वाली अकेहड़ी मदनपुर तक जाने वाली टूटी हुई झज्जर सब ब्रांच नई बनाई जाने की योजना है। गोच्छी से आगे अकेहड़ी मदनपुर तक करीब 30 किलोमीटर लंबी नहर को करीब एक हजार क्यूसिक पानी की क्षमता के लिए तैयार किया जाएगा। जबकि जवाहर लाल नेहरू कैनाल भी करीब 3 हजार क्यूसिक की है। बाकरा हेड से इसमें लोहारू फीडर भी निकलती है और साल्हावास पंप हाउस से यह दो हिस्सों में विभाजित हो जाती है। रेवाड़ी की तरफ जाने वाली जवाहर लाल नेहरू कैनाल और महेंद्रगढ़ कैनाल दो नहर बन जाती हैं। जबकि झज्जर सब ब्रांच अकेहड़ी मदनपुर के पास खत्म हो जाती है।
25 साल पहले बंद हो गई थी झज्जर सब ब्रांच
गोच्छी से अकेहड़ी मदनपुर से आने वाली झज्जर सब ब्रांच कच्ची व क्षतिग्रस्त होने के कारण करीब 25 साल पहले बंद हो गई थी। सिंचाई विभाग बंद पड़ी इस नहर को एक बार फिर से पक्की करने की योजना तैयार बना रही है। इसे कन्हेली हेड से गोच्छी तक आने वाली झज्जर सब ब्रांच से जोड़ने की योजना है। ताकि अकेहड़ी मदनपुर पंप हाउस तक एक हजार क्यूसिक पानी और पहुंच सके। वहां से पानी को लिफ्ट कर जवाहर लाल नेहरू कैनाल के माध्यम से साल्हावास पंप हादस तक पानी ले जाकर रेवाड़ी या महेंद्रगढ़ किसी भी हिस्से को पानी की आवश्यकता हो तो साल्हावास पंप हाउस से पानी की लिफ्ट किया जा सके।
खूबडू हेड से निकलती है भालौठ सब ब्रांच
यमुना नदी पर बनाए गए खूबडू हेड से जवाहर लाल नेहरू कैनाल और भालौठ सब ब्रांच निकलती है। कन्हेली हेड तक भालौठ सब ब्रांच आती है और कन्हेली हेड से आगे झज्जर सब ब्रांच निकलती है। जो गोच्छी गांव तक आती है और इससे आगे की यह ब्रांच 1995-96 में टूटने की वजह से रद्द कर दी गई थी।
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पानी को डायवर्ट करने में मिलेगी मदद
एक हजार क्यूसिक की क्षमता वाली झज्जर सब ब्रांच का निर्माण होने से पानी को डायवर्ट करने में भी मदद मिलेगी। कई बार रोहतक से आगे जवाहर लाल नेहरू कैनाल में नहाते, हाथ धोते समय लोगों के गिरने के कारण नहर के पानी को हेड से ही बंद करवाना पड़ता है या बेरी से आगे हादसा होने पर लोहारू फीडर से पानी को डायवर्ट करना पड़ता है। इसकी वजह से दक्षिणी हरियाणा के लोगों को पूरा पानी नहीं मिल पाता है। अगर कोई ऐसी घटना हो जाती है तो जवाहर लाल नेहरू कैनाल के पानी की झज्जर सब ब्रांच में डायवर्ट कर पंप हाउस तक पहुंचा दिया जाएगा। इससे पानी की आगे सप्लाई करने में बाधा नहीं आएगी।
नहर की क्षमता बढ़ाने व रद्द पड़े झज्जर सब ब्रांच के हिस्से का निर्माण करने की योजना तैयार की जा रही है। सरकार से इस योजना को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है।
आरसी सोलखा, एसई, सिंचाई विभाग, झज्जर।
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झज्जर। दक्षिणी हरियाणा के लोगों और भूमि की प्यास बुझाने के लिए सिंचाई विभाग नहरों की क्षमता बढ़ाने की योजना तैयार कर रही है। इसके तहत जवाहर लाल नेहरू कैनाल के साथ से गुजरने वाली भालौठ सब ब्रांच और झज्जर सब ब्रांच की क्षमता बढ़ाकर 3000 क्यूसिक करने की योजना बनाई जा रही है। फिलहाल ये नहरेें 2000 क्यूसिक की हैं। अब एक हजार क्यूसिक और पानी के लिए इनकी बढ़ोतरी की जाएगी। नहरों के ऊपरी हिस्से को और ऊपर उठाया जाएगा। ताकि नहरों में एक हजार क्यूसिक पानी और छोड़ा जा सके। जबकि गोच्छी गांव से आगे जवाहर लाल नेहरू कैनाल के साथ से गुजरने वाली अकेहड़ी मदनपुर तक जाने वाली टूटी हुई झज्जर सब ब्रांच नई बनाई जाने की योजना है। गोच्छी से आगे अकेहड़ी मदनपुर तक करीब 30 किलोमीटर लंबी नहर को करीब एक हजार क्यूसिक पानी की क्षमता के लिए तैयार किया जाएगा। जबकि जवाहर लाल नेहरू कैनाल भी करीब 3 हजार क्यूसिक की है। बाकरा हेड से इसमें लोहारू फीडर भी निकलती है और साल्हावास पंप हाउस से यह दो हिस्सों में विभाजित हो जाती है। रेवाड़ी की तरफ जाने वाली जवाहर लाल नेहरू कैनाल और महेंद्रगढ़ कैनाल दो नहर बन जाती हैं। जबकि झज्जर सब ब्रांच अकेहड़ी मदनपुर के पास खत्म हो जाती है।
25 साल पहले बंद हो गई थी झज्जर सब ब्रांच
गोच्छी से अकेहड़ी मदनपुर से आने वाली झज्जर सब ब्रांच कच्ची व क्षतिग्रस्त होने के कारण करीब 25 साल पहले बंद हो गई थी। सिंचाई विभाग बंद पड़ी इस नहर को एक बार फिर से पक्की करने की योजना तैयार बना रही है। इसे कन्हेली हेड से गोच्छी तक आने वाली झज्जर सब ब्रांच से जोड़ने की योजना है। ताकि अकेहड़ी मदनपुर पंप हाउस तक एक हजार क्यूसिक पानी और पहुंच सके। वहां से पानी को लिफ्ट कर जवाहर लाल नेहरू कैनाल के माध्यम से साल्हावास पंप हादस तक पानी ले जाकर रेवाड़ी या महेंद्रगढ़ किसी भी हिस्से को पानी की आवश्यकता हो तो साल्हावास पंप हाउस से पानी की लिफ्ट किया जा सके।
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खूबडू हेड से निकलती है भालौठ सब ब्रांच
यमुना नदी पर बनाए गए खूबडू हेड से जवाहर लाल नेहरू कैनाल और भालौठ सब ब्रांच निकलती है। कन्हेली हेड तक भालौठ सब ब्रांच आती है और कन्हेली हेड से आगे झज्जर सब ब्रांच निकलती है। जो गोच्छी गांव तक आती है और इससे आगे की यह ब्रांच 1995-96 में टूटने की वजह से रद्द कर दी गई थी।
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पानी को डायवर्ट करने में मिलेगी मदद
एक हजार क्यूसिक की क्षमता वाली झज्जर सब ब्रांच का निर्माण होने से पानी को डायवर्ट करने में भी मदद मिलेगी। कई बार रोहतक से आगे जवाहर लाल नेहरू कैनाल में नहाते, हाथ धोते समय लोगों के गिरने के कारण नहर के पानी को हेड से ही बंद करवाना पड़ता है या बेरी से आगे हादसा होने पर लोहारू फीडर से पानी को डायवर्ट करना पड़ता है। इसकी वजह से दक्षिणी हरियाणा के लोगों को पूरा पानी नहीं मिल पाता है। अगर कोई ऐसी घटना हो जाती है तो जवाहर लाल नेहरू कैनाल के पानी की झज्जर सब ब्रांच में डायवर्ट कर पंप हाउस तक पहुंचा दिया जाएगा। इससे पानी की आगे सप्लाई करने में बाधा नहीं आएगी।
नहर की क्षमता बढ़ाने व रद्द पड़े झज्जर सब ब्रांच के हिस्से का निर्माण करने की योजना तैयार की जा रही है। सरकार से इस योजना को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है।
आरसी सोलखा, एसई, सिंचाई विभाग, झज्जर।