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किसान आलू, टमाटर, प्याज और फूलगोभी जे-फार्म पर ही बेचें
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चरखी दादरी। बाढड़ा उपमंडल के गांव द्वारका में किसानों को भावांतर भरपाई योजना के प्रति जागरूक करने के लिए बागवानी विभाग ने शिविर का आयोजन किया। इसमें किसानों से शीघ्र अपना पंजीकरण करवाने की अपील की गई।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. राजेश स्वामी ने जागरूकता शिविर में बताया कि भावांतर भरपाई योजना में आलू, प्याज, टमाटर व फूलगोभी को शामिल किया गया है। आलू व टमाटर का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल व फूलगोभी और प्याज का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसानों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए एचएसएएमबी हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड की वेबसाइट पर पंजीकरण करवाना होगा। भूमि मालिक, पट्टेदार व किराये के कास्तकार हों या कोई भी सब्जी उत्पादक इस योजना का लाभ ले सकता है। वेबसाइट पर पंजीकरण करवाने के लिए किसान को केवल अपनी भूमि, आधार कार्ड नंबर, बैंक खाता नंबर व खेती के बारे में ब्योरा देना है।
बागवानी विभाग के डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि सरकार टपका सिंचाई पद्घति के लिए अनुदान दे रही है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कौशिक ने किसानों से आह्वान किया कि वे रासायनिक खादों का कम से कम इस्तेमाल करें। मार्केटिंग बोर्ड के डॉ. संजीव फौगाट ने बताया कि भावांतर भरपाई योजना के लिए किसानों को अपनी आलू, टमाटर, प्याज और फूलगोभी जे फार्म पर बेचनी होगी। उन्होंने इस योजना की पूरी प्रक्रिया किसानों को समझाई।
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ई।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. राजेश स्वामी ने जागरूकता शिविर में बताया कि भावांतर भरपाई योजना में आलू, प्याज, टमाटर व फूलगोभी को शामिल किया गया है। आलू व टमाटर का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल व फूलगोभी और प्याज का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसानों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए एचएसएएमबी हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड की वेबसाइट पर पंजीकरण करवाना होगा। भूमि मालिक, पट्टेदार व किराये के कास्तकार हों या कोई भी सब्जी उत्पादक इस योजना का लाभ ले सकता है। वेबसाइट पर पंजीकरण करवाने के लिए किसान को केवल अपनी भूमि, आधार कार्ड नंबर, बैंक खाता नंबर व खेती के बारे में ब्योरा देना है।
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बागवानी विभाग के डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि सरकार टपका सिंचाई पद्घति के लिए अनुदान दे रही है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कौशिक ने किसानों से आह्वान किया कि वे रासायनिक खादों का कम से कम इस्तेमाल करें। मार्केटिंग बोर्ड के डॉ. संजीव फौगाट ने बताया कि भावांतर भरपाई योजना के लिए किसानों को अपनी आलू, टमाटर, प्याज और फूलगोभी जे फार्म पर बेचनी होगी। उन्होंने इस योजना की पूरी प्रक्रिया किसानों को समझाई।
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