{"_id":"5bd21a72bdec226975788bb8","slug":"181540495986-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ की दो व दिल्ली की चार बसें चलीं, जयपुर और हिसार सहित आधा दर्जन रूटों पर नहीं घुमे रोडवेज के पहिये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ की दो व दिल्ली की चार बसें चलीं, जयपुर और हिसार सहित आधा दर्जन रूटों पर नहीं घुमे रोडवेज के पहिये
Updated Fri, 26 Oct 2018 01:03 AM IST
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चरखी दादरी। रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के कारण जिले के करीब छह रूटों पर रोडवेज की बसें नहीं चलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वीरवार को चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए तो बसें चली। वीरवार को भी बुधवार की तरह 546 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए और इसका असर सीधे तौर पर डिपो की परिवहन सेवाओं पर पड़ा। वहीं, गिरफ्तार दो कर्मचारियों को वीरवार को जमानत मिल गई। इनको इस शर्त पर जमानत मिली कि ये कर्मचारी प्रदर्शन में भाग नहीं ले सकेंगे। वहीं, मामले में पहले ही जमानत पर बाहर आ चुके अन्य कर्मचारियों की शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई होगी।
वीरवार को चरखी दादरी डिपो से महज 73 बसें ही रवाना हुईं जबकि बुधवार को डिपो से 84 बसें रवाना हुई थीं। बुधवार को डिपो से चंडीगढ़ के लिए केवल एक बस भेजी गई थी लेकिन यात्रियों की डिमांड और परेशानियों को देखकर वीरवार को दो बसें चंडीगढ़ के लिए रवाना हुई। वहीं, दिल्ली के लिए रोडवेज डिपो से चार बसें रवाना हुई। लोकल रूटों पर वीरवार को बस सेवा सुचारु रही तो वहीं 100 या इससे अधिक किलोमीटर दूरी वाले शहरों के आधा दर्जन से अधिक रूट पूर्णतया बाधित रहे। इसके चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वीरवार को दादरी-रोहतक, दादरी-भिवानी, दादरी- बाढड़ा, दादरी-लोहारू, दादरी-नारनौल, दादरी-झजजर, दादरी-बेरी आदि लोकल रूटों पर तो बसों के पहिये नियमित अंतराल पर घूमे लेकिन करीब आधा दर्जन रूटों पर एक भी बस नहीं चली। इनमें दादरी-जयपुर, दादरी-झुंझनु, दादरी- हिसार, दादरी- पिलानी रूट शामिल हैं। जयपुर और झुंझुनू को जाने वाली बसें केवल नारनौल तक ही चलीं। वहीं, रोडवेज अधिकारियों ने वीरवार को भी पिछले चार दिनों की तरह ही उधारी के चालकों से रोडवेज बसें चलवाई। वीरवार को पुलिस के 20 जवानों, दमकल विभाग के 15 जवानों ने बसें चलाईं। इसके अलावा करीब 40 होमगार्डों और 32 क्लर्कों ने परिचालक का काम किया।
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सवा करोड़ से अधिक का राजस्व प्रभावित
चरखी दादरी डिपो बेडे से प्रतिदिन 130 बसें चलती हैं और पिछले 10 दिनों से 50 फीसदी से भी कम बसें ही विभिन्न रूटों पर चल पाईं। रूटिन में रोडवेज को प्रतिदिन 14 लाख के राजस्व की प्राप्ति होती है लेकिन हड़ताल के चलते नियमित बसों का संचालन न होने से रोडवेज को करीब सवा करोड़ के राजस्व का घाटा झेलना पड़ा है। पिछले तीन-चार दिनों से रोडवेज कर्मचारी नेताओं की सीएम के साथ बैठक का दौर चल रहा है। यह दौर वीरवार को भी जारी रहा लेकिन बात नहीं बन पाई। इसके चलते रोडवेज यूनियनों ने चार दिन और हड़ताल बढ़ाने का एलान कर दिया।
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वीरवार को चरखी दादरी डिपो से महज 73 बसें ही रवाना हुईं जबकि बुधवार को डिपो से 84 बसें रवाना हुई थीं। बुधवार को डिपो से चंडीगढ़ के लिए केवल एक बस भेजी गई थी लेकिन यात्रियों की डिमांड और परेशानियों को देखकर वीरवार को दो बसें चंडीगढ़ के लिए रवाना हुई। वहीं, दिल्ली के लिए रोडवेज डिपो से चार बसें रवाना हुई। लोकल रूटों पर वीरवार को बस सेवा सुचारु रही तो वहीं 100 या इससे अधिक किलोमीटर दूरी वाले शहरों के आधा दर्जन से अधिक रूट पूर्णतया बाधित रहे। इसके चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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वीरवार को दादरी-रोहतक, दादरी-भिवानी, दादरी- बाढड़ा, दादरी-लोहारू, दादरी-नारनौल, दादरी-झजजर, दादरी-बेरी आदि लोकल रूटों पर तो बसों के पहिये नियमित अंतराल पर घूमे लेकिन करीब आधा दर्जन रूटों पर एक भी बस नहीं चली। इनमें दादरी-जयपुर, दादरी-झुंझनु, दादरी- हिसार, दादरी- पिलानी रूट शामिल हैं। जयपुर और झुंझुनू को जाने वाली बसें केवल नारनौल तक ही चलीं। वहीं, रोडवेज अधिकारियों ने वीरवार को भी पिछले चार दिनों की तरह ही उधारी के चालकों से रोडवेज बसें चलवाई। वीरवार को पुलिस के 20 जवानों, दमकल विभाग के 15 जवानों ने बसें चलाईं। इसके अलावा करीब 40 होमगार्डों और 32 क्लर्कों ने परिचालक का काम किया।
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चरखी दादरी डिपो बेडे से प्रतिदिन 130 बसें चलती हैं और पिछले 10 दिनों से 50 फीसदी से भी कम बसें ही विभिन्न रूटों पर चल पाईं। रूटिन में रोडवेज को प्रतिदिन 14 लाख के राजस्व की प्राप्ति होती है लेकिन हड़ताल के चलते नियमित बसों का संचालन न होने से रोडवेज को करीब सवा करोड़ के राजस्व का घाटा झेलना पड़ा है। पिछले तीन-चार दिनों से रोडवेज कर्मचारी नेताओं की सीएम के साथ बैठक का दौर चल रहा है। यह दौर वीरवार को भी जारी रहा लेकिन बात नहीं बन पाई। इसके चलते रोडवेज यूनियनों ने चार दिन और हड़ताल बढ़ाने का एलान कर दिया।