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जिले में यूरिया खाद की खपत 25 हजार मीट्रिक टन, पहुंचा है 12 हजार
Updated Wed, 20 Dec 2017 01:29 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
जिले में करीब 60 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हुई है। अधिकारियों के अनुसार जिले में अब तक करीब 25 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद आना चाहिए था, लेकिन आवक उससे आधी भी नहीं हुई है। इस वजह से जिले में कई स्थानों पर यूरिया खाद नहीं पहुंच पाया और जहां पहुंचा है। वहां पर वितरित करना शुरू कर दिया है, ताकि स्थिति को संभाला जा सके।
मौजूदा समय में किसानों को रबी की फसलों की सिंचाई के बाद यूरिया की आवश्यकता है। लेकिन यूरिया की कमी किसानों पर भारी पड़ रही है। क्योंकि किसानों को खाद नहीं उपलब्ध हो रहा है। खाद कहीं-कहीं उपलब्ध भी है तो उसकी मात्रा काफी कम है। जिले में 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बिजाई हो रही है। इसके लिए किसानों को खाद की अच्छी खासी जरूरत है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले को 25 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत है। मगर अब तक 12 हजार मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हो पाया है। ऐसे में जिले को अभी तक 13 हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया की कमी है।
बोले किसान
जरूरत के समय नहीं पहुंच रहा खाद
किसान ब्रह्मप्रकाश का कहना है कि इन दिनों गेहूं की सिंचाई की जा रही है और इसके लिए यूरिया खाद की जरूरत है मगर यहां खाद नहीं पहुंच रहा। इससे किसानों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
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पांच कट्टों से नहीं चलेगा काम
खैरपुर गांव के किसान मनीष का कहना है कि जो खाद समिति में आया है वह उनके लिए नाकाफी है। एक आधार कार्ड पर केवल पांच कट्टे ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान ने अधिक क्षेत्र में बिजाई की हुई है तो उनका पांच कट्टे खाद से काम कैसे चलेगा।
सोमवार को आया था खाद, लेकिन नहीं बांटा
कानोंदा के किसान संजीत का आरोप है कि सोमवार को कानोंदा सहकारी समिति में खाद पहुंचा था मगर वह अधिकारियों व कर्मचारियों ने बांटा नहीं। मंगलवार को भी कुछ ऐसे ही हालात दिखे। वे मंगलवार को सुबह छह बजे खाद लेने के लिए पहुंचे थे, लेकिन 11 बजे तक भी खाद नहीं बांटा गया।
खराब हो रही हैं फसल
किसान परमजीत का कहना है कि गेहूं की फसल में वे सिंचाई कर चुके हैं, अब केवल खाद की कमी महसूस हो रही है। जो उन्हें नहीं मिल रही है। यदि फसलों में यूरिया खाद नहीं डाला गया तो उनका लाखों रुपये का नुकसान हो जाएगा।
ायूरिया खाद की मांग बढ़ी
किसान कृष्ण कुमार का कहना है कि गेहूं की फसल में फुटाव और बढ़वार के लिए यूरिया खाद की अधिक जरूरत होती है। मांग के हिसाब से यूरिया की सप्लाई आधी से भी कम बनी हो रही है। इससे किसान काफी परेशान हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
कृषि विभाग के एसडीओ सुनील कौशिक का कहना है कि जरूरत के हिसाब से फिलहाल खाद पहुंच रहा है। पूरी जमीन में किसान एक बार में ही खाद नहीं डाल सकते। किसानों की जरूरत के अनुसार ही उन्हें खाद वितरित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में खाद की कमी नहीं रहेगी।
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बहादुरगढ़।
जिले में करीब 60 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हुई है। अधिकारियों के अनुसार जिले में अब तक करीब 25 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद आना चाहिए था, लेकिन आवक उससे आधी भी नहीं हुई है। इस वजह से जिले में कई स्थानों पर यूरिया खाद नहीं पहुंच पाया और जहां पहुंचा है। वहां पर वितरित करना शुरू कर दिया है, ताकि स्थिति को संभाला जा सके।
मौजूदा समय में किसानों को रबी की फसलों की सिंचाई के बाद यूरिया की आवश्यकता है। लेकिन यूरिया की कमी किसानों पर भारी पड़ रही है। क्योंकि किसानों को खाद नहीं उपलब्ध हो रहा है। खाद कहीं-कहीं उपलब्ध भी है तो उसकी मात्रा काफी कम है। जिले में 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बिजाई हो रही है। इसके लिए किसानों को खाद की अच्छी खासी जरूरत है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले को 25 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत है। मगर अब तक 12 हजार मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हो पाया है। ऐसे में जिले को अभी तक 13 हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया की कमी है।
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बोले किसान
जरूरत के समय नहीं पहुंच रहा खाद
किसान ब्रह्मप्रकाश का कहना है कि इन दिनों गेहूं की सिंचाई की जा रही है और इसके लिए यूरिया खाद की जरूरत है मगर यहां खाद नहीं पहुंच रहा। इससे किसानों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
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पांच कट्टों से नहीं चलेगा काम
खैरपुर गांव के किसान मनीष का कहना है कि जो खाद समिति में आया है वह उनके लिए नाकाफी है। एक आधार कार्ड पर केवल पांच कट्टे ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान ने अधिक क्षेत्र में बिजाई की हुई है तो उनका पांच कट्टे खाद से काम कैसे चलेगा।
सोमवार को आया था खाद, लेकिन नहीं बांटा
कानोंदा के किसान संजीत का आरोप है कि सोमवार को कानोंदा सहकारी समिति में खाद पहुंचा था मगर वह अधिकारियों व कर्मचारियों ने बांटा नहीं। मंगलवार को भी कुछ ऐसे ही हालात दिखे। वे मंगलवार को सुबह छह बजे खाद लेने के लिए पहुंचे थे, लेकिन 11 बजे तक भी खाद नहीं बांटा गया।
खराब हो रही हैं फसल
किसान परमजीत का कहना है कि गेहूं की फसल में वे सिंचाई कर चुके हैं, अब केवल खाद की कमी महसूस हो रही है। जो उन्हें नहीं मिल रही है। यदि फसलों में यूरिया खाद नहीं डाला गया तो उनका लाखों रुपये का नुकसान हो जाएगा।
ायूरिया खाद की मांग बढ़ी
किसान कृष्ण कुमार का कहना है कि गेहूं की फसल में फुटाव और बढ़वार के लिए यूरिया खाद की अधिक जरूरत होती है। मांग के हिसाब से यूरिया की सप्लाई आधी से भी कम बनी हो रही है। इससे किसान काफी परेशान हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
कृषि विभाग के एसडीओ सुनील कौशिक का कहना है कि जरूरत के हिसाब से फिलहाल खाद पहुंच रहा है। पूरी जमीन में किसान एक बार में ही खाद नहीं डाल सकते। किसानों की जरूरत के अनुसार ही उन्हें खाद वितरित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में खाद की कमी नहीं रहेगी।