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बहादुरगढ़-उद्योग भवन रूट पर यात्री परेशान, नई बसें चलाने की मांग
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
उद्योग भवन दिल्ली से बहादुरगढ़ तक चलने वाली बसों की हालत खस्ता होने के कारण यात्री बेहद परेशान हैं। उद्योग भवन एवं केंद्रीय कार्यालयों में काम करने वाले यहां के सैकड़ों कर्मचारी बसों में खराबी आने के कारण समय पर कार्यालय एवं अपने घर नहीं पहुंच पा रहे। यात्रियों ने राज्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी को पत्र लिखकर रूट पर नई बसें चलाने व अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की है।
बहादुरगढ़ से काफी तादाद में लोग रोजाना दिल्ली कामकाज के लिए जाते हैं। 400 से अधिक लोग दिल्ली के केंद्रीय कार्यालयों में कार्यरत हैं। रेल व बसों के जरिये ये कर्मचारी अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। केंद्रीय कार्यालयों में कार्यरत इन कर्मचारियों की सुविधा के लिए सरकार की ओर से बहादुरगढ़ से उद्योग भवन दिल्ली तक दो बसें चलाई जा रही हैं। एक बस सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर तो दूसरी बस 7 बजकर 35 मिनट पर बहादुरगढ़ से उद्योग भवन के लिए रवाना होती है। जबकि शाम को 5:20 व 5:35 पर ये दोनों बसें उद्योग भवन से वापस बहादुरगढ़ के लिए प्रस्थान करती हैं। केवल कर्मचारी ही नहीं अन्य सवारियां भी इन बसों में सफर करती हैं। मगर बसों की हालत खस्ता होने के कारण यात्रियों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बसें बीच राह में खराब हो जाती हैं, जिससे लोगों को बेहद कठिनाई झेलनी पड़ती है। इस रूट पर कई नई बसों की सेवा चलाने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसलिए दैनिक यात्रियों ने राज्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी को पत्र लिखकर इस रूट पर बसों की संख्या बढ़ाने व किराया आदि निर्धारित करने की मांग की है।
25 बसें चलाने की मांग
दैनिक यात्री बिजेंद्र कुमार ने कहा कि उक्त रूट पर जो दो बसें चल रही हैं वे दोनों वर्ष 2007-08 के मॉडल हैं। कुछ महीनों में इनका कार्यकाल खत्म हो जाएगा। इन जर्जर हो चुकी बसों में सफर के दौरान यात्रियों को बेहद परेशानी हो रही है। सुबह और शाम के वक्त कई बार ये बसें बीच में खराब हो जाती हैं। अक्सर कार्यालय पहुंचने व घर लौटने में देरी हो रही है। सरकार दिल्ली डिपो को 25 नई सीएनजी बसें उपलब्ध कराए। इससे उन्हें ही नहीं बल्कि एनसीआर क्षेत्र के हजारों यात्रियों को लाभ होगा। सेवाएं सुचारु रही तो सरकार को भी अच्छा राजस्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब तक नई बसें नहीं चलती, तब तक कम से कम पुरानी बसों की मरम्मत शुरू कराई जाए।
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इन समस्याओं को भी हो समाधान
जगदीश और रवींद्र ने कहा कि इन बसों में टीकरी बार्डर से मुंडका का किराया 20 रुपये व नांगलोई मेट्रो स्टेशन से उद्योग भवन का यात्री किराया 15 रुपये है। यात्रियों ने कहा कि मेट्रो किराया बढ़ने के बाद इन बसों पर सवारियां का दबाव बढ़ गया है। पीरागढ़ी, नांगलोई, पश्चिम विहार आदि जगहों से चढ़ने वाले ये यात्री उन छोटे-छोटे स्टेशनों पर बसें रुकवाने की मांग करते हैं, जहां ये नहीं रुकती। इसलिए कई बार इनका चालक, परिचालक के साथ झगड़ा हो जाता है। रवींद्र ने कहा कि दिल्ली परिवहन निगम द्वारा तमाम बसों में 25 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। इसलिए इन दोनों बसों में बहादुरगढ़ से उद्योग भवन तक 25 रुपये ही किराया निर्धारित किया जाए। यदि 25 रुपये किराया होता है तो ये बसों में नहीं चढ़ेंगे। जिससे व्यवस्था बनी रहेगी।
- केंद्रीय कार्यालयों में काम पर जाते हैं बहादुरगढ़ से सैकड़ों कर्मचारी
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बहादुरगढ़।
उद्योग भवन दिल्ली से बहादुरगढ़ तक चलने वाली बसों की हालत खस्ता होने के कारण यात्री बेहद परेशान हैं। उद्योग भवन एवं केंद्रीय कार्यालयों में काम करने वाले यहां के सैकड़ों कर्मचारी बसों में खराबी आने के कारण समय पर कार्यालय एवं अपने घर नहीं पहुंच पा रहे। यात्रियों ने राज्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी को पत्र लिखकर रूट पर नई बसें चलाने व अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की है।
बहादुरगढ़ से काफी तादाद में लोग रोजाना दिल्ली कामकाज के लिए जाते हैं। 400 से अधिक लोग दिल्ली के केंद्रीय कार्यालयों में कार्यरत हैं। रेल व बसों के जरिये ये कर्मचारी अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। केंद्रीय कार्यालयों में कार्यरत इन कर्मचारियों की सुविधा के लिए सरकार की ओर से बहादुरगढ़ से उद्योग भवन दिल्ली तक दो बसें चलाई जा रही हैं। एक बस सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर तो दूसरी बस 7 बजकर 35 मिनट पर बहादुरगढ़ से उद्योग भवन के लिए रवाना होती है। जबकि शाम को 5:20 व 5:35 पर ये दोनों बसें उद्योग भवन से वापस बहादुरगढ़ के लिए प्रस्थान करती हैं। केवल कर्मचारी ही नहीं अन्य सवारियां भी इन बसों में सफर करती हैं। मगर बसों की हालत खस्ता होने के कारण यात्रियों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बसें बीच राह में खराब हो जाती हैं, जिससे लोगों को बेहद कठिनाई झेलनी पड़ती है। इस रूट पर कई नई बसों की सेवा चलाने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसलिए दैनिक यात्रियों ने राज्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी को पत्र लिखकर इस रूट पर बसों की संख्या बढ़ाने व किराया आदि निर्धारित करने की मांग की है।
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25 बसें चलाने की मांग
दैनिक यात्री बिजेंद्र कुमार ने कहा कि उक्त रूट पर जो दो बसें चल रही हैं वे दोनों वर्ष 2007-08 के मॉडल हैं। कुछ महीनों में इनका कार्यकाल खत्म हो जाएगा। इन जर्जर हो चुकी बसों में सफर के दौरान यात्रियों को बेहद परेशानी हो रही है। सुबह और शाम के वक्त कई बार ये बसें बीच में खराब हो जाती हैं। अक्सर कार्यालय पहुंचने व घर लौटने में देरी हो रही है। सरकार दिल्ली डिपो को 25 नई सीएनजी बसें उपलब्ध कराए। इससे उन्हें ही नहीं बल्कि एनसीआर क्षेत्र के हजारों यात्रियों को लाभ होगा। सेवाएं सुचारु रही तो सरकार को भी अच्छा राजस्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब तक नई बसें नहीं चलती, तब तक कम से कम पुरानी बसों की मरम्मत शुरू कराई जाए।
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इन समस्याओं को भी हो समाधान
जगदीश और रवींद्र ने कहा कि इन बसों में टीकरी बार्डर से मुंडका का किराया 20 रुपये व नांगलोई मेट्रो स्टेशन से उद्योग भवन का यात्री किराया 15 रुपये है। यात्रियों ने कहा कि मेट्रो किराया बढ़ने के बाद इन बसों पर सवारियां का दबाव बढ़ गया है। पीरागढ़ी, नांगलोई, पश्चिम विहार आदि जगहों से चढ़ने वाले ये यात्री उन छोटे-छोटे स्टेशनों पर बसें रुकवाने की मांग करते हैं, जहां ये नहीं रुकती। इसलिए कई बार इनका चालक, परिचालक के साथ झगड़ा हो जाता है। रवींद्र ने कहा कि दिल्ली परिवहन निगम द्वारा तमाम बसों में 25 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। इसलिए इन दोनों बसों में बहादुरगढ़ से उद्योग भवन तक 25 रुपये ही किराया निर्धारित किया जाए। यदि 25 रुपये किराया होता है तो ये बसों में नहीं चढ़ेंगे। जिससे व्यवस्था बनी रहेगी।
- केंद्रीय कार्यालयों में काम पर जाते हैं बहादुरगढ़ से सैकड़ों कर्मचारी