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मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए किसानों ने सरकार को 27 तक का दिया अलटीमेटम
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चरखी दादरी। एनएच-152डी में अधिग्रहीत जमीन का पर्याप्त मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर धरना दे रहे किसानों ने सरकार को मांग पूरी करने के लिए 27 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद किसानों ने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है। कमेटी पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार और प्रशासन का रवैया बेहद निराशाजनक है और किसानों को मजबूरन आंदोलन तेज करना पड़ेगा।
किसान सेवा संघ जिला संयोजक विनोद मौड़ी ने कहा कि किसानों का धरना पिछले करीब पचास दिनों से जारी है। अब पिछले एक सप्ताह से प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने से किसानों में रोष बढ़ने लगा है। विनोद मौड़ी ने बताया कि इसे लेकर आंदोलन कमेटी की मीटिंग आयोजित की गई जिसमें अगली रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि मंगलवार को आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर 27 अप्रैल तक सरकार मुआवजा राशि नहीं बढ़ाती है तो फिर आंदोलन को किसान तेज कर देंगे। विनोद मौड़ी ने कहा कि किसान शांतिपूर्वक धरना पर बैठे हैं लेकिन प्रशासन व सरकार इसे हल्के में ले रही है। सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। विनोद मौड़ी ने कहा कि मुआवजा के लिए प्रति एकड़ किसान को दो करोड़ रुपया मिलना चाहिए। इस मार्ग के दोनो ओर खेतों को जाने के लिए रास्तों की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
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किसान सेवा संघ जिला संयोजक विनोद मौड़ी ने कहा कि किसानों का धरना पिछले करीब पचास दिनों से जारी है। अब पिछले एक सप्ताह से प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने से किसानों में रोष बढ़ने लगा है। विनोद मौड़ी ने बताया कि इसे लेकर आंदोलन कमेटी की मीटिंग आयोजित की गई जिसमें अगली रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि मंगलवार को आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर 27 अप्रैल तक सरकार मुआवजा राशि नहीं बढ़ाती है तो फिर आंदोलन को किसान तेज कर देंगे। विनोद मौड़ी ने कहा कि किसान शांतिपूर्वक धरना पर बैठे हैं लेकिन प्रशासन व सरकार इसे हल्के में ले रही है। सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। विनोद मौड़ी ने कहा कि मुआवजा के लिए प्रति एकड़ किसान को दो करोड़ रुपया मिलना चाहिए। इस मार्ग के दोनो ओर खेतों को जाने के लिए रास्तों की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
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