फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   सरकार की अनदेखी पर उखड़े किसान, गांवों में पहुंचकर मांगा समर्थन

सरकार की अनदेखी पर उखड़े किसान, गांवों में पहुंचकर मांगा समर्थन

Mon, 15 Apr 2019 01:02 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2019 01:02 AM IST
विज्ञापन
सरकार की अनदेखी पर उखड़े किसान, गांवों में पहुंचकर मांगा समर्थन
चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत जमीन की मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए धरने पर बैठे किसान प्रदेश सरकार की अनदेखी से खफा हैं। इन किसानों ने अब सरकार का विरोध जताने के लिए नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत रविवार से ग्रामीण दौरों की शुरूआत की गई है। पहले ही दिन 17 गांवों के किसान ट्रैक्टरों के काफिलों के साथ जिले के छह गांवों में समर्थन मांगने पहुंचे। इस दौरान ग्राम सभाएं आयोजित की गई और इनमें भाजपा नुमाइंदों के गांव में आने पर विरोध की अपील भी की गई।
विज्ञापन

गंगहेडी-इस्माइलाबाद ग्रीन कॉरिडोर के लिए चरखी दादरी जिले के 17 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जानी प्रस्तावित है। इन गांवों के किसान सरकार द्वारा घोषित मुआवजा राशि से संतुष्ट नहीं हैं। ये किसान गत 26 फरवरी से रामनगर के समीप धरना दे रहे हैं। वहीं, सरकार की अनदेखी से खफा ये किसान भाजपा सांसद और विधायक का भी विरोध जता चुके हैं। इसके अलावा चार दिन पहले ही इन किसानों ने ट्रैक्टरों में सवार होकर शहर में रोष प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर इन किसानों ने अब प्रदर्शन को तेज करने का एलान किया है। इसी कड़ी में रविवार को गांवों के दौरे किए गए। सुबह साढ़े दस बजे खातीवास से अभियान की शुरूआत हुई। गांव की चौपाल में ग्रामीणों की सभा आयोजित हुई जिसमें वक्ताओं ने अपने विचार रखे। किसान संघर्ष समिति प्रधान अनूप फौगाट ने कहा कि किसान पिछले 46 दिनों से शांतिपूर्वक धरने पर बैठे हैं लेकिन इसके बाद भी सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक रुख देखने को नहीं मिला है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारी भी किसानों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। विनोद मौड़ी ने कहा कि भाजपा किसानों की अनदेखी कर रही है और यह सबके सामने है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि अगर कोई भाजपा नुमाइंदा वोट मांगने आए तो उनसे ये सवाल जरूर करना कि किसानों के लिए किया क्या है। डेढ़ माह से अधिक समय किसानों के धरने को बीत चुका है लेकिन अब तक सुध लेने वाला कोई नहीं है। खातीवास के बाद धरनारत्त किसान झींझर, भागेश्वरी, रानीला, बौंदकलां व बौंद खुर्द पहुंच। उन्होंने इन गांवों के ग्रामीणों से भी समर्थन मांगा। विनोद मौड़ी ने बताया कि यह अभियान नियमित रूप से चलाया जाएगा और सरकार की कारगुजारियों की पोल खोली जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed