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अत्याधुनिक मोर्चरी : दो पीटी, साउंड सिस्टम, डिप फ्रिजर की है व्यवस्था, जल्द रिपोर्ट भी होगी ऑनलाइन
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में प्रदेश की पहली दो पीटी (पोस्टमार्टम टेबल) वाली अत्याधुनिक मोर्चरी शुक्रवार से स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। सीएमओ विरेंद्र यादव ने इसका सुबह इसका उद्घाटन किया। नई मोर्चरी कक्ष में एक साथ दस शव रखने की व्यवस्था है। डीप-फ्रिजर की क्षमता चार शव रखने की है। इतना ही नहीं यहां चिकित्सक का कक्ष भी तैयार किया गया है। इससे पहले पोस्टमार्टम ड्यूटी दे रहे चिकित्सक को नई बिल्डिंग से महेंद्रगढ़-लोहारू चौक रोड की दीवार के पास बने मोर्चरी कक्ष तक आना पड़ता था। नई मोर्चरी शुरू होने से अब सिविल अस्पताल में शवों की बेकद्री नहीं होगी।
करीब चार दशक पुराने सिविल अस्पताल का मोर्चरी कक्ष लंबे समय से एक छोटे खस्ताहाल कमरे में चल रहा था। इसमें केवल एक पोस्टमार्टम टेबल ही थी। इसके चलते विसरा और पोस्टमार्टम में प्रयुक्त होने वाले औजार तक जमीन पर रखने पड़ते थे। वहीं, एकसाथ तीन से चार पोस्टमार्टम केस आने पर शव जमीन पर या फिर स्ट्रेचर पर रखने पड़ते थे। यह उस समय सिविल अस्पताल में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहता था। वहीं, पुरानी मोर्चरी कक्ष की दीवारें और छत भी गिरने की कगार पर थीं। ऐसे में मोर्चरी को शिफ्ट करने की प्लानिंग बनी थी। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में मरीज के वार्डों के साथ लगते कमरों में नई मोर्चरी तैयार की गई है। यह मोर्चरी कक्ष पुराने वाले से करीब 20 गुना बढ़ा है। विभाग ने यहां साउंड सिस्टम भी लगवा दिया है। इसके जरिए अस्पताल परिसर में किसी आपात समय में या सूचना से संबंधी प्रतिदिन की जाने वाली अनाउंसमेंट भी यहां मौजूदा स्टाफ को सुनाई देगी। सीएमओ विरेंद्र यादव का कहना है कि फरवरी माह में ई-उपचार की सुविधा सिविल अस्पताल में शुरू हो जाएगी और इसके तहत पीआर (पोस्टमार्टम रिपोर्ट) भी ऑनलाइन की जाएगी। इसके लिए केबल डालने का कार्य करवाया जा रहा है जो कि दस से पंद्रह दिन के अंदर पूरा होने की उम्मीद है। नई मोर्चरी कक्ष की खासियतों पर सीएमओ विरेंद्र ने बताया कि यहां न केवल चिकित्सक कक्ष की सुविधा है बल्कि बाहर मृतक के परिजनों या परिचितों के बैठने के लिए बैंच की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा यहां जो डीप-फ्रिजर है उसमें एकसाथ चार शव रखे जा सकते हैं। उद्घाटन पर डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता और चंचल सहित एसएमओ अनीता गुलिया, संजय, राजकुमार, पुष्पा सहित समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
60 से 65 पोस्टमार्टम होते हैं प्रतिमाह
जिला मुख्यालय अस्पताल में प्रतिमाह 60 से 65 पोस्टमार्टम होते हैं। सीएमओ ने बताया कि ज्यादातर केस आरएसए (रोड साइड एक्सीडेंट) के होते हैं। कई दफा बड़े सड़क हादसे होने पर एक पीटी होने से एक समय में एक ही पोस्टमार्टम हो पाता था। इसके चलते मृतक के परिजनों को घंटों तक अस्पताल में इंतजार करना पड़ता था। वहीं, स्ट्रेचर या जमीन पर शव देखकर तो परिजनों का और बुरा हाल हो जाता था।
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यह प्रदेश की पहली मोर्चरी है जहां दो पीटी की व्यवस्था है। शुक्रवार से इस मोर्चरी में ही हमने पोस्टमार्टम शुरू कर दिए हैं। जल्द ही हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी ऑनलाइन ही तैयार करके देंगे। इसके लिए केबल डालने का काम चल रहा है। - विरेंद्र यादव, सीएमओ, सिविल अस्पताल
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चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में प्रदेश की पहली दो पीटी (पोस्टमार्टम टेबल) वाली अत्याधुनिक मोर्चरी शुक्रवार से स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। सीएमओ विरेंद्र यादव ने इसका सुबह इसका उद्घाटन किया। नई मोर्चरी कक्ष में एक साथ दस शव रखने की व्यवस्था है। डीप-फ्रिजर की क्षमता चार शव रखने की है। इतना ही नहीं यहां चिकित्सक का कक्ष भी तैयार किया गया है। इससे पहले पोस्टमार्टम ड्यूटी दे रहे चिकित्सक को नई बिल्डिंग से महेंद्रगढ़-लोहारू चौक रोड की दीवार के पास बने मोर्चरी कक्ष तक आना पड़ता था। नई मोर्चरी शुरू होने से अब सिविल अस्पताल में शवों की बेकद्री नहीं होगी।
करीब चार दशक पुराने सिविल अस्पताल का मोर्चरी कक्ष लंबे समय से एक छोटे खस्ताहाल कमरे में चल रहा था। इसमें केवल एक पोस्टमार्टम टेबल ही थी। इसके चलते विसरा और पोस्टमार्टम में प्रयुक्त होने वाले औजार तक जमीन पर रखने पड़ते थे। वहीं, एकसाथ तीन से चार पोस्टमार्टम केस आने पर शव जमीन पर या फिर स्ट्रेचर पर रखने पड़ते थे। यह उस समय सिविल अस्पताल में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहता था। वहीं, पुरानी मोर्चरी कक्ष की दीवारें और छत भी गिरने की कगार पर थीं। ऐसे में मोर्चरी को शिफ्ट करने की प्लानिंग बनी थी। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में मरीज के वार्डों के साथ लगते कमरों में नई मोर्चरी तैयार की गई है। यह मोर्चरी कक्ष पुराने वाले से करीब 20 गुना बढ़ा है। विभाग ने यहां साउंड सिस्टम भी लगवा दिया है। इसके जरिए अस्पताल परिसर में किसी आपात समय में या सूचना से संबंधी प्रतिदिन की जाने वाली अनाउंसमेंट भी यहां मौजूदा स्टाफ को सुनाई देगी। सीएमओ विरेंद्र यादव का कहना है कि फरवरी माह में ई-उपचार की सुविधा सिविल अस्पताल में शुरू हो जाएगी और इसके तहत पीआर (पोस्टमार्टम रिपोर्ट) भी ऑनलाइन की जाएगी। इसके लिए केबल डालने का कार्य करवाया जा रहा है जो कि दस से पंद्रह दिन के अंदर पूरा होने की उम्मीद है। नई मोर्चरी कक्ष की खासियतों पर सीएमओ विरेंद्र ने बताया कि यहां न केवल चिकित्सक कक्ष की सुविधा है बल्कि बाहर मृतक के परिजनों या परिचितों के बैठने के लिए बैंच की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा यहां जो डीप-फ्रिजर है उसमें एकसाथ चार शव रखे जा सकते हैं। उद्घाटन पर डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता और चंचल सहित एसएमओ अनीता गुलिया, संजय, राजकुमार, पुष्पा सहित समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
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60 से 65 पोस्टमार्टम होते हैं प्रतिमाह
जिला मुख्यालय अस्पताल में प्रतिमाह 60 से 65 पोस्टमार्टम होते हैं। सीएमओ ने बताया कि ज्यादातर केस आरएसए (रोड साइड एक्सीडेंट) के होते हैं। कई दफा बड़े सड़क हादसे होने पर एक पीटी होने से एक समय में एक ही पोस्टमार्टम हो पाता था। इसके चलते मृतक के परिजनों को घंटों तक अस्पताल में इंतजार करना पड़ता था। वहीं, स्ट्रेचर या जमीन पर शव देखकर तो परिजनों का और बुरा हाल हो जाता था।
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यह प्रदेश की पहली मोर्चरी है जहां दो पीटी की व्यवस्था है। शुक्रवार से इस मोर्चरी में ही हमने पोस्टमार्टम शुरू कर दिए हैं। जल्द ही हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी ऑनलाइन ही तैयार करके देंगे। इसके लिए केबल डालने का काम चल रहा है। - विरेंद्र यादव, सीएमओ, सिविल अस्पताल