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बस स्टैंड से दूर बैठकर दिया धरना, दूसरे दिन भी सफल नहीं हो पाई हड़ताल
Updated Thu, 18 Oct 2018 02:01 AM IST
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झज्जर। तालमेल कमेटी के आह्वान पर रोडवेज की विभिन्न यूनियनों की हड़ताल दूसरे दिन भी झज्जर में पूरी तरह से विफल रही। प्रशासन की तरफ सरकारी कार्यालयों के आसपास 200 मीटर के दायरे में धरने पर धारा 144 लागू करने के बाद रोडवेज कर्मचारी यूनियनों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बस स्टैंड के साथ लगते प्राइवेट स्कूल के सामने सड़क के साथ बैठकर धराना दिया। एसकेएस के राज्य सचिव राजेंद्र जुलाना, जिला अध्यक्ष जयपाल गुढ़ा आदि ने धरने को संबोधित किया और सरकार विरोधी नारे भी लगाए। कर्मचारी यूनियनों के आपसी तालमेल की कमी के कारण रोडवेज यूनियनों की हड़ताल झज्जर में पूरी तरह से विफल रही। मात्र 31 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे जिसकी वजह से बस सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। अन्य कर्मचारियों की
छुट्टियां रद्द होने के कारण वे भी वापस ड्यूटी आ गए थे और वे बसों को लेकर रूटों पर चलते रहे।
हड़ताल में चली 105 बसें
हड़ताल के दौरान झज्जर डिपो में 112 बसों में से 105 बसें अपने रूटों पर चलती रहीं। वहीं यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और सभी रूटों पर बसें सामान्य रूप से चलने की वजह से यात्री सामान्य दिनों की तरह यात्रा करते रहे। ऑल हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन, इंटक, एसकेएस, महासंघ आदि शामिल थी, लेकिन तालमेल कमी की वजह से हड़ताल पूर्ण रूप से कामयाब नहीं हुई।
हड़ताल में मात्र 31 कर्मचारी शामिल
मात्र 31 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे। जिनमें 14 चालक व 17 कंडक्टर शामिल थे। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार पलड़ा, महासंघ के प्रधान विक्रम, इंटक के प्रधान प्रवीन छारा आदि का कहना है कि उनकी सरकार से मांग है कि 720 प्राइवेट बसों को सड़कों पर न उतारा जाए और जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लेगी तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। झज्जर 150 चालक 138 कंडक्टर जिनमें से मात्र 31 चालक व कंडक्टर हड़ताल पर रहे हैं। रोडवेज कर्मचारी यूनियनों की हड़ताल को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से सुबह ही सामान्य बस स्टैंड और कर्मशाला में पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया था। दिन भर काफी संख्या में पुलिस कर्मचारी दोनों स्थानों तैनात रहे।
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कर्मचारियों की हड़ताल का झज्जर डिपो में हड़ताल का कोई असर नहीं रहा। सभी बस सेवाएं सामान्य रूप से चलती रही। मात्र 31 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे।
- जय सिंह दुजाना, डीआई, हरियाणा राज्य परिवहन विभाग, झज्जर।
छुट्टियां रद्द होने के कारण वे भी वापस ड्यूटी आ गए थे और वे बसों को लेकर रूटों पर चलते रहे।
हड़ताल में चली 105 बसें
हड़ताल के दौरान झज्जर डिपो में 112 बसों में से 105 बसें अपने रूटों पर चलती रहीं। वहीं यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और सभी रूटों पर बसें सामान्य रूप से चलने की वजह से यात्री सामान्य दिनों की तरह यात्रा करते रहे। ऑल हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन, इंटक, एसकेएस, महासंघ आदि शामिल थी, लेकिन तालमेल कमी की वजह से हड़ताल पूर्ण रूप से कामयाब नहीं हुई।
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हड़ताल में मात्र 31 कर्मचारी शामिल
मात्र 31 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे। जिनमें 14 चालक व 17 कंडक्टर शामिल थे। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान सुरेश कुमार पलड़ा, महासंघ के प्रधान विक्रम, इंटक के प्रधान प्रवीन छारा आदि का कहना है कि उनकी सरकार से मांग है कि 720 प्राइवेट बसों को सड़कों पर न उतारा जाए और जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लेगी तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। झज्जर 150 चालक 138 कंडक्टर जिनमें से मात्र 31 चालक व कंडक्टर हड़ताल पर रहे हैं। रोडवेज कर्मचारी यूनियनों की हड़ताल को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से सुबह ही सामान्य बस स्टैंड और कर्मशाला में पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया था। दिन भर काफी संख्या में पुलिस कर्मचारी दोनों स्थानों तैनात रहे।
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कर्मचारियों की हड़ताल का झज्जर डिपो में हड़ताल का कोई असर नहीं रहा। सभी बस सेवाएं सामान्य रूप से चलती रही। मात्र 31 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे।
- जय सिंह दुजाना, डीआई, हरियाणा राज्य परिवहन विभाग, झज्जर।