{"_id":"5bb51d87867a55013f17de03","slug":"171538596231-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाटा मैच नहीं होने सेके चलते दोपहर तक चक्कर लगाते रहे किसान, शाम की शिफ्ट में खरीदा गया 1500 क्विंटल बाजरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाटा मैच नहीं होने सेके चलते दोपहर तक चक्कर लगाते रहे किसान, शाम की शिफ्ट में खरीदा गया 1500 क्विंटल बाजरा
Updated Thu, 04 Oct 2018 01:20 AM IST
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चरखी दादरी। बाजरा खरीद में किसानों का ऑनलाइन डाटा मैच नहीं होने से उन्हें काफी भागदौड़ करनी पड़ रही है। जमीन का खेवट नंबर न मिलने से भी किसानों को बाजरा बेचने में दिक्कतें आ रही हैं। इसी वजह से खरीद का काम भी धीमा चल रहा है। दो दिनों की तरह ही बुधवार को भी अनाज मंडी पहुंचे किसानों को परेशानियां झेलनी पड़ी। डाटा मैच नहीं होने से दोपहर तक किसान चक्कर काटते रहे और शाम की शिफ्ट में करीब 1500 क्विंटल बाजरा खरीदा गया। वहीं, गेट पास की प्रक्रिया जटिल होने से किसान ज्यादा परेशानी में हैं। मार्केट कमेटी अधिकारियों का कहना है कि खरीद कार्य में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जा रही है। किसानों ने ऑनलाइन पोर्टल पर ही अपनी गलत जानकारी भर रखी है।
अनाज मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद के तीसरे दिन भी किसानों के समक्ष जटिलताएं बनी रही। किसानों का ऑनलाइन डाटा राजस्व विभाग के रिकार्ड से मैच न करने की वजह से उनके मोबाइल पर गेट पास जारी होने के मैसेज नहीं पहुंच रहे हैं। जमीन के खेवट नंबर को लेकर भी गांव सारंगपुर के किसान दिनभर भागदौड़ करते रहे। कई किसानों की काश्त जमीन भिवानी जिले की सीमा में पड़ती है और उन्होंने रजिस्ट्रेेशन चरखी दादरी में कर रखा है। इस वजह से भी दिक्कत बनी हुई है। किसानों का मानना है कि डाटा में गड़बड़ी भी तो विभाग की ओर से ही दूर की जानी हैं ऐसे में विभाग कर्मचारी किसानों की ऐसी समस्याओं का तत्परता से समाधान करें ताकि उनका अनाज खरीदा जा सके। मंडी में आए किसान राजेश, देवेंद्र कुमार, राजकुमार व जयप्रकाश ने बताया कि खरीद प्रक्रिया जटिल होने से उनके समय की बर्बादी हो रही है। बिक्री करने में दो दिन का समय लग जाता है। वे ट्रैक्टर किराए पर लेकर बाजरा मंडी तक लेकर आते हैं ऐसे में उन्हें किराया की भी मार पड़ रही है। गेट पास नहीं मिलने से उनमें चिंता बनी रहती है। कई किसानों के पास मोबाइल के मैसेज ही नहीं पहुुुंच रहे हैं। इन किसानों ने खरीद प्रक्रिया को सरल बनाए जाने की मांग की है ताकि सभी किसानों का बाजरा समय पर खरीदा जा सके।
किसान बोले: ऑनलाइन सिस्टम तो घणा टेढ़ा सै
किराए के वाहन के जरिए बाजरा लेकर मंडी में पहुंचते हैं। गेट पास समय पर नहीं मिल पाता। मोबाइल पर मैसेज नहीं पहुंच रहा है और समय की ज्यादा बर्बादी हो रही है। किसानों का बाजरा खरीदने में सरकार को कुछ छूट देनी चाहिए। - दिनेश, सारंगपुर निवासी
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सरकार ने बाजरा का समर्थन मूल्य तो बढ़ा दिया लेकिन ऑनलाइन सिस्टम से उससे कही ज्यादा किसानों के लिए परेशानी पैदा कर दी। अनपढ़ किसानों को मोबाइल एवं तकनीक का इतना ज्ञान नहीं है इस वजह से उन्हें इस ऑनलाइन खरीद में दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। - जयप्रकाश, सारंगपुर निवासी
किसानों द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर गलत जानकारी भरने की वजह से उन्हेें ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है फिर भी प्रशासन व विभाग किसानों की हर समस्या का समाधान करने में जुटा है। पंजीकृत सभी किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। - विकास यादव, जिला खरीद अधिकारी,
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अनाज मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद के तीसरे दिन भी किसानों के समक्ष जटिलताएं बनी रही। किसानों का ऑनलाइन डाटा राजस्व विभाग के रिकार्ड से मैच न करने की वजह से उनके मोबाइल पर गेट पास जारी होने के मैसेज नहीं पहुंच रहे हैं। जमीन के खेवट नंबर को लेकर भी गांव सारंगपुर के किसान दिनभर भागदौड़ करते रहे। कई किसानों की काश्त जमीन भिवानी जिले की सीमा में पड़ती है और उन्होंने रजिस्ट्रेेशन चरखी दादरी में कर रखा है। इस वजह से भी दिक्कत बनी हुई है। किसानों का मानना है कि डाटा में गड़बड़ी भी तो विभाग की ओर से ही दूर की जानी हैं ऐसे में विभाग कर्मचारी किसानों की ऐसी समस्याओं का तत्परता से समाधान करें ताकि उनका अनाज खरीदा जा सके। मंडी में आए किसान राजेश, देवेंद्र कुमार, राजकुमार व जयप्रकाश ने बताया कि खरीद प्रक्रिया जटिल होने से उनके समय की बर्बादी हो रही है। बिक्री करने में दो दिन का समय लग जाता है। वे ट्रैक्टर किराए पर लेकर बाजरा मंडी तक लेकर आते हैं ऐसे में उन्हें किराया की भी मार पड़ रही है। गेट पास नहीं मिलने से उनमें चिंता बनी रहती है। कई किसानों के पास मोबाइल के मैसेज ही नहीं पहुुुंच रहे हैं। इन किसानों ने खरीद प्रक्रिया को सरल बनाए जाने की मांग की है ताकि सभी किसानों का बाजरा समय पर खरीदा जा सके।
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किसान बोले: ऑनलाइन सिस्टम तो घणा टेढ़ा सै
किराए के वाहन के जरिए बाजरा लेकर मंडी में पहुंचते हैं। गेट पास समय पर नहीं मिल पाता। मोबाइल पर मैसेज नहीं पहुंच रहा है और समय की ज्यादा बर्बादी हो रही है। किसानों का बाजरा खरीदने में सरकार को कुछ छूट देनी चाहिए। - दिनेश, सारंगपुर निवासी
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सरकार ने बाजरा का समर्थन मूल्य तो बढ़ा दिया लेकिन ऑनलाइन सिस्टम से उससे कही ज्यादा किसानों के लिए परेशानी पैदा कर दी। अनपढ़ किसानों को मोबाइल एवं तकनीक का इतना ज्ञान नहीं है इस वजह से उन्हें इस ऑनलाइन खरीद में दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। - जयप्रकाश, सारंगपुर निवासी
किसानों द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर गलत जानकारी भरने की वजह से उन्हेें ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है फिर भी प्रशासन व विभाग किसानों की हर समस्या का समाधान करने में जुटा है। पंजीकृत सभी किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। - विकास यादव, जिला खरीद अधिकारी,