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बेरी को नियम सिखाया तो मंत्री के हलके में कैसे बदला नियम: कादियान
Updated Sun, 10 Jun 2018 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बेरी। कुलाना महिला कालेज भूमि पूजन के बाद अब बेरी के लोगों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब कुलाना में नियम बदलकर कालेज बनाया जा सकता है तो बेरी के लोगों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है। महिला कालेज के लिए चल रहे आंदोलन की अगवानी कर रहे व्यापार मंडल के प्रधान अत्तर सिंह कादियान ने कहा कि बेरी में विपक्ष का विधायक होने के चलते यहां भेदभाव हो रहा है।
कादियान ने कहा कि इसरकार बेरी की बेटियों को भी अपना समझें और कुलाना की तर्ज पर यहां का सीएम के द्वारा मंजूर किया गया कालेज शुरू करवाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी अपने बेरी आगमन पर इस मांग को पूरा किए जाने का वादा किया था, लेकिन बेरी में कॉलेज न खोले जाने के पीछे सरकार का तर्क एक नियम में ढल जाता है जिसके अनुसार कॉलेज के लिए बीस किलोमीटर की परिधि में कोई कॉलेज न होना चाहिए। हालांकि शनिवार को गांव कुलाना में हुए भूमि पूजन समारोह में यह तर्क व नियम पूरी तरह से बदल गया। क्योंकि कुलाना से मात्र 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव गुरावड़ा में सरकारी कॉलेज है। ऐसे में बेरी क्षेत्र के साथ भेदभाव स्पष्ट रूप से झलक रहा है।
बेरी। कुलाना महिला कालेज भूमि पूजन के बाद अब बेरी के लोगों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब कुलाना में नियम बदलकर कालेज बनाया जा सकता है तो बेरी के लोगों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है। महिला कालेज के लिए चल रहे आंदोलन की अगवानी कर रहे व्यापार मंडल के प्रधान अत्तर सिंह कादियान ने कहा कि बेरी में विपक्ष का विधायक होने के चलते यहां भेदभाव हो रहा है।
कादियान ने कहा कि इसरकार बेरी की बेटियों को भी अपना समझें और कुलाना की तर्ज पर यहां का सीएम के द्वारा मंजूर किया गया कालेज शुरू करवाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी अपने बेरी आगमन पर इस मांग को पूरा किए जाने का वादा किया था, लेकिन बेरी में कॉलेज न खोले जाने के पीछे सरकार का तर्क एक नियम में ढल जाता है जिसके अनुसार कॉलेज के लिए बीस किलोमीटर की परिधि में कोई कॉलेज न होना चाहिए। हालांकि शनिवार को गांव कुलाना में हुए भूमि पूजन समारोह में यह तर्क व नियम पूरी तरह से बदल गया। क्योंकि कुलाना से मात्र 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव गुरावड़ा में सरकारी कॉलेज है। ऐसे में बेरी क्षेत्र के साथ भेदभाव स्पष्ट रूप से झलक रहा है।
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