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उतरी भारत की 32 खापों ने दिया किसानों को समर्थन, प्रशासन के साथ-सातवीं वार्ता रही विफल

Tue, 19 Mar 2019 12:32 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 19 Mar 2019 12:32 AM IST
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उतरी भारत की 32 खापों ने दिया किसानों को समर्थन, प्रशासन के साथ-सातवीं वार्ता रही विफल
अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। रामनगर के समीप चल रहे किसानों के धरने को सोमवार सुबह हरियाणा की 32 छोटी और बड़ी खापों ने अपना समर्थन दे दिया। धरनास्थल पर पहुंचे खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि इस आंदोलन में उनकी खापें 17 गांवों के किसानों के साथ हैं। वहीं, किसानों के प्रतिनिधिमंडल की सोमवार को डीसी के साथ आयोजित बैठक में भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला। किसानों की जिला प्रशासन के साथ यह सातवीं बैठक थी। डीसी कार्यालय से बाहर आए किसानों के लीगल एडवाइजर रमेश दलाल ने बताया कि जिला प्रशासन किसानों की मांगों पर गंभीर नहीं है। इसलिए यह धरना जारी रहेगा। वहीं, सोमवार को धरनास्थल पर काली होली मनाने की चर्चाएं भी हुई।
एनएच-152 डी के लिए जिले के 17 गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण होना है। इन किसानों का कहना है कि उन्हें एक्ट के तहत जमीन का मुआवजा नहीं दिया जा रहा। किसान दो करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मांग रहे हैं। इस मांग को लेकर किसान 26 फरवरी से धरने पर बैठे हैं। गत दिनों छारा में दिए जा रहे धरने पर रामनगर धरने को भी उत्तरी भारत की खापों का समर्थन देने का प्रस्ताव पास किया गया था। इसके तहत ही सोमवार को प्रदेश की 32 छोटी व बड़ी खापों के प्रतिनिधि धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत किसानों को अपनी-अपनी खाप की तरफ से समर्थन दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसानों के साथ अनदेखी नहीं होने दी जाएगी और सभी खाप कंधे से कंधा मिलाकर किसानों के साथ खड़ी हैं। खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि आंदोलनरत किसानों की हरसंभव सहायता की जाएगी और इसके लिए सभी खाप तैयार हैं। वहीं, सोमवार को जिला प्रशासन की तरफ से बैठक का निमंत्रण पाकर किसानों का प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर से मुलाकात के लिए लघु सचिवालय पहुंचा। बैठक में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी मौजूद रहे। दोपहर करीब 12.20 पर बैठक शुरू हुई जो करीब सवा घंटे चली। इसके बाद किसान नेता बाहर आ गए। मीडिया से रूबरू होकर किसानों के लीगल एडवाइजर रमेश दलाल ने बताया कि इस मामले और किसानों की मांगों को जिला प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा। उन्होंने बताया कि सोमवार को आयोजित वार्ता भी विफल रही और उपायुक्त और एनएचएआई अधिकारियों से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसलिए किसानों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया है।
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इन खापों ने दिया समर्थन
धरना आयोजक समिति प्रधान अनूप फौगाट ने बताया कि सोमवार को छोटी-बड़ी 32 खापों का समर्थन किसानों को मिला है। उन्होंने बताया कि दलाल खाप-84 प्रधान भूप सिंह दलाल, अहलावत खाप-27 प्रधान, जयसिंह अहलावत, कादयान खाप प्रधान केदार कादयान, हुड्डा खाप प्रधान रामकरण हुड्डा, दहिया खाप प्रधान सुरेंद्र दहिया, मलिक खाप प्रधान बलजीत मलिक, छाश्रा-14 प्रधान मास्टर साहब सिंह, दुल्हेड़ा खाप-12 प्रधान उमेद देशवाल, राठी खाप प्रधान तस्वीर राठी ने धरने को समर्थन दिया है।
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थ्री जी अवार्ड राशि रद्द करना किसानों की पहली मांग
किसान प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के लिए जो थ्री-जी अवार्ड राशि घोषित की गई है वो प्रावधान के मुताबिक नहीं है। लीगल एडवाइजर रमेश दलाल ने बताया कि उन्होंने डीसी को भी बैठक में इसकी जानकारी दी। रमेश दलाल ने बताया कि हरियाणा सरकार, केंद्र सरकार व एनएचएआई का मुआवजा के लिए जो एक्ट हैं उनमें किसानों को नोटिस भेजे जाने चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसलिए घोषित थ्री-जी कैश अवार्ड को तुरंत प्रभाव से रद्द कर नई प्रक्रिया अमल में लाई जाए।


शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखे किसान : डीसी
उपायुक्त अजय सिंह तोमर का कहना है कि उन्होंने बैठक में किसानों को आश्वस्त किया है। किसानों को बताया गया है कि किसी भी किसान की जमीन जबरदस्ती नहीं ली जाएगी। मैंने किसानों की सभी बातों को ध्यान से सुना और उनसे शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। जल्द ही बातचीत के माध्यम से हल निकाला जाएगा।
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