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200 घरों में दो माह से पहुंच रहा सीवर का काला बदबूदार पानी, लोगों ने नारनौल-दिल्ली मुख्यमार्ग पर लगाया जाम
Updated Tue, 11 Dec 2018 01:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। पेयजल आपूर्ति में दो माह से सीवर का काला और बदबूदार पानी आने से खफा लोगों ने सोमवार सुबह नारनौल-दिल्ली मुख्यमार्ग पर जाम लगा दिया। लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया है। जाम की सूचना पाकर पहले सिटी पुलिस और फिर भी जन स्वास्थ्य विभाग के जेई मौके पर पहुंचा। उन्होंने लोगों से जाम लगाने का कारण पूछा तो वार्ड 11 और 12 के लोगों ने बताया कि दोनों वार्डों के 200 घरों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। इसके चलते सर्दी के मौसम में भी पेयजल संकट गहराया हुआ है। विभाग के जेई ने जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया। इससे पहले मुख्यमार्ग पर करीब आधे घंटे तक ट्रैफिक व्यवस्था ठप रही और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। वार्ड-11 और 12 के लोग पेयजल समस्या पर लामबंद होकर सोमवार सुबह करीब साढ़े बजे नारनौल-दिल्ली मुख्यमार्ग पर पहुंच गए। इस दौरान महिलाओं ने अवरोधक डालकर सड़क जाम कर दी और उन्होंने वहां से गुजर रहे वाहनों को भी रुकवा लिया। वार्ड-11 पार्षद विनोद वाल्मीकि, सुमित्रा, मुन्नी, गीता, संतोष, कमलेश, अनिता, संतरा, किताबो, बाला, भरपाई, पार्वती और सपना ने बताया कि वार्ड-11 और 12 में दो माह से दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। इस संबंध में कई बार लोग और पार्षद अधिकारियों को सूचित कर चुका है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। महिलाओं ने बताया कि वार्ड में जो पेयजल सप्लाई आती है उसमें सीवर मिक्स काला व बदबूदार पानी पहुंच रहा है। इस पानी को वे न तो पीने में प्रयोग कर पा रहे हैं और न ही घरेलू काम में। महिलाओं ने बताया कि पानी संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके बदले प्रति टैंकर उन्हें 450 रुपये चुकाने पड़ते हैं। वहीं, जो परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं उन्हें अपने स्तर पर पानी का प्रबंध करना पड़ रहा है। पार्षद विनोद वाल्मीकि ने बताया कि मौखिक रूप से वो कई दफा जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समस्या की जानकारी दे चुके हैं लेकिन इसके बाद भी विभाग ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और महिलाओं को परेशान होकर जाम लगाने जैसा कदम उठाना पड़ा।
जेई को मौके पर बुलाकर महिलाओं ने दिखाई समस्या
जाम की सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समस्या जानकर महिलाओं को जाम खोलने की बात कही। इस पर महिलाओं ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। इसके बाद जेई मौके पर पहुंचे और उन्होंने समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान जेई ने मौका भी देखा। इसके बाद महिलाएं जाम खोलने को राजी हो गई और करीब आधा घंटे से बाधित ट्रैफिक व्यवस्था को बहाल करवाकर पुलिस टीम लौटी।
रविवार को दी थी जाम की चेतावनी
रविवार को भी वार्ड-11 के लोगों ने दूषित पेयजल सप्लाई पर पार्षद की अगुवाई में रोष प्रदर्शन किया था। इस दौरान लोगों ने शीघ्र समस्या का समाधान न होने पर जिला प्रशासन व विभाग को रोड जाम की चेतावनी दी थी। इस संबंध में अमर उजाला ने 10 दिसंबर के संस्करण में वार्ड-11 में हो रही दूषित पेयजल की सप्लाई, परेशान लोगों ने की नारेबाजी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। वार्ड के लोगों के आरोप है कि इसके बाद अधिकारी मौका देखने नहीं पहुंचे।
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जाम की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग के जेई भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया और इसके बाद पुलिस टीम ट्रैफिक व्यवस्था बहाल करवाकर लौट आई। - दलबीर सिंह, सिटी थाना प्रभारी
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चरखी दादरी। पेयजल आपूर्ति में दो माह से सीवर का काला और बदबूदार पानी आने से खफा लोगों ने सोमवार सुबह नारनौल-दिल्ली मुख्यमार्ग पर जाम लगा दिया। लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया है। जाम की सूचना पाकर पहले सिटी पुलिस और फिर भी जन स्वास्थ्य विभाग के जेई मौके पर पहुंचा। उन्होंने लोगों से जाम लगाने का कारण पूछा तो वार्ड 11 और 12 के लोगों ने बताया कि दोनों वार्डों के 200 घरों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। इसके चलते सर्दी के मौसम में भी पेयजल संकट गहराया हुआ है। विभाग के जेई ने जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया। इससे पहले मुख्यमार्ग पर करीब आधे घंटे तक ट्रैफिक व्यवस्था ठप रही और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। वार्ड-11 और 12 के लोग पेयजल समस्या पर लामबंद होकर सोमवार सुबह करीब साढ़े बजे नारनौल-दिल्ली मुख्यमार्ग पर पहुंच गए। इस दौरान महिलाओं ने अवरोधक डालकर सड़क जाम कर दी और उन्होंने वहां से गुजर रहे वाहनों को भी रुकवा लिया। वार्ड-11 पार्षद विनोद वाल्मीकि, सुमित्रा, मुन्नी, गीता, संतोष, कमलेश, अनिता, संतरा, किताबो, बाला, भरपाई, पार्वती और सपना ने बताया कि वार्ड-11 और 12 में दो माह से दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। इस संबंध में कई बार लोग और पार्षद अधिकारियों को सूचित कर चुका है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। महिलाओं ने बताया कि वार्ड में जो पेयजल सप्लाई आती है उसमें सीवर मिक्स काला व बदबूदार पानी पहुंच रहा है। इस पानी को वे न तो पीने में प्रयोग कर पा रहे हैं और न ही घरेलू काम में। महिलाओं ने बताया कि पानी संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके बदले प्रति टैंकर उन्हें 450 रुपये चुकाने पड़ते हैं। वहीं, जो परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं उन्हें अपने स्तर पर पानी का प्रबंध करना पड़ रहा है। पार्षद विनोद वाल्मीकि ने बताया कि मौखिक रूप से वो कई दफा जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समस्या की जानकारी दे चुके हैं लेकिन इसके बाद भी विभाग ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और महिलाओं को परेशान होकर जाम लगाने जैसा कदम उठाना पड़ा।
जेई को मौके पर बुलाकर महिलाओं ने दिखाई समस्या
जाम की सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समस्या जानकर महिलाओं को जाम खोलने की बात कही। इस पर महिलाओं ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। इसके बाद जेई मौके पर पहुंचे और उन्होंने समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान जेई ने मौका भी देखा। इसके बाद महिलाएं जाम खोलने को राजी हो गई और करीब आधा घंटे से बाधित ट्रैफिक व्यवस्था को बहाल करवाकर पुलिस टीम लौटी।
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रविवार को दी थी जाम की चेतावनी
रविवार को भी वार्ड-11 के लोगों ने दूषित पेयजल सप्लाई पर पार्षद की अगुवाई में रोष प्रदर्शन किया था। इस दौरान लोगों ने शीघ्र समस्या का समाधान न होने पर जिला प्रशासन व विभाग को रोड जाम की चेतावनी दी थी। इस संबंध में अमर उजाला ने 10 दिसंबर के संस्करण में वार्ड-11 में हो रही दूषित पेयजल की सप्लाई, परेशान लोगों ने की नारेबाजी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। वार्ड के लोगों के आरोप है कि इसके बाद अधिकारी मौका देखने नहीं पहुंचे।
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जाम की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग के जेई भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया और इसके बाद पुलिस टीम ट्रैफिक व्यवस्था बहाल करवाकर लौट आई। - दलबीर सिंह, सिटी थाना प्रभारी