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छारा अखाड़े के विक्रम पहलवान ने जीता भारत केसरी का खिताब
Updated Sun, 02 Dec 2018 02:00 AM IST
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बहादुरगढ़। रोहतक के करौंथा में हुए दंगल में छारा अखाड़े के विक्रम पहलवान ने भारत केसरी का खिताब अपने नाम किया। उसकी जीत से साथी पहलवानों और कुश्ती प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। शनिवार को अखाड़े में विक्रम पहलवान का जोरदार अभिनंदन किया गया।
क रौंथा में 30 नवंबर को हुए दंगल में भारत केसरी खिताब के लिए कई नामी पहलवानों ने जोर आजमाइश की। गांव छारा स्थित लाला दीवानचंद अखाड़े का विक्रम भी कुश्ती के लिए आगे आया। विक्रम ने बामनोली अखाड़े के प्रविंद्र, जाखोदा अखाड़े के स्वरूप पहलवान को हराया। आखिरी कुश्ती में दिल्ली के तेज सिंह अखाड़ा के पहलवान रोहित को हराकर भारत केसरी का खिताब अपने नाम किया। आयोजकों ने गदा, पटका व इनामी राशि भेंटकर विक्रम का सम्मान किया। मूलत: कोट गांव का 26 वर्षीय विक्रम बेहद अच्छा पहलवान है। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय व ऑल इंडिया पुलिस खेलों में गोल्ड मेडल जीत चुका है। इससे पहले तीन बार भारत केसरी भी रह चुका है। विक्रम सीआरपीएफ में है।
विक्रम के अलावा अखाड़े के तीन और पहलवान इस दंगल में छाए रहे। भारत कुमार में विकास ने दूसरा और युद्धवीर ने तीसरा स्थान हासिल किया। 50 केजी वर्ग में अंकित ने तीसरा स्थान पाया। इन चारों पहलवानों के अखाड़े में पहुंचने पर खेल प्रेमियों ने इनका जोरदार अभिनंदन किया। कोच वीरेंद्र आर्य व खलीफा बिजेंद्र ने कहा कि ये सभी पहलवान बेहद होनहार हैं, लगातार जीत दर्ज कर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। विक्रम पिछले करीब 14 साल से उनके यहां अभ्यास कर रहा है, बजरंग की तरह एक दिन यह भी कॉमनवेल्थ व ओलंपिक खेलों में देश का नाम रोशन करेगा। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय पहलवान बजरंग पूनिया ने आर्य वीरेंद्र से ही कुश्ती की एबीसीडी सीखी थी।
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क रौंथा में 30 नवंबर को हुए दंगल में भारत केसरी खिताब के लिए कई नामी पहलवानों ने जोर आजमाइश की। गांव छारा स्थित लाला दीवानचंद अखाड़े का विक्रम भी कुश्ती के लिए आगे आया। विक्रम ने बामनोली अखाड़े के प्रविंद्र, जाखोदा अखाड़े के स्वरूप पहलवान को हराया। आखिरी कुश्ती में दिल्ली के तेज सिंह अखाड़ा के पहलवान रोहित को हराकर भारत केसरी का खिताब अपने नाम किया। आयोजकों ने गदा, पटका व इनामी राशि भेंटकर विक्रम का सम्मान किया। मूलत: कोट गांव का 26 वर्षीय विक्रम बेहद अच्छा पहलवान है। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय व ऑल इंडिया पुलिस खेलों में गोल्ड मेडल जीत चुका है। इससे पहले तीन बार भारत केसरी भी रह चुका है। विक्रम सीआरपीएफ में है।
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विक्रम के अलावा अखाड़े के तीन और पहलवान इस दंगल में छाए रहे। भारत कुमार में विकास ने दूसरा और युद्धवीर ने तीसरा स्थान हासिल किया। 50 केजी वर्ग में अंकित ने तीसरा स्थान पाया। इन चारों पहलवानों के अखाड़े में पहुंचने पर खेल प्रेमियों ने इनका जोरदार अभिनंदन किया। कोच वीरेंद्र आर्य व खलीफा बिजेंद्र ने कहा कि ये सभी पहलवान बेहद होनहार हैं, लगातार जीत दर्ज कर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। विक्रम पिछले करीब 14 साल से उनके यहां अभ्यास कर रहा है, बजरंग की तरह एक दिन यह भी कॉमनवेल्थ व ओलंपिक खेलों में देश का नाम रोशन करेगा। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय पहलवान बजरंग पूनिया ने आर्य वीरेंद्र से ही कुश्ती की एबीसीडी सीखी थी।
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