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हंगरी से पदक जीतकर लौटे बजरंग पूनिया का एयरपोर्ट पर अभिनंदन
Updated Sun, 28 Oct 2018 01:45 AM IST
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बहादुरगढ़। विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाला झज्जर जिले का लाल बजरंग पूनिया शनिवार को स्वदेश लौटा। स्वदेश लौटने पर बजरंग का कुश्ती प्रेमियों ने एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत किया। बजरंग के प्रथम कुश्ती गुरू आर्य वीरेंद्र ने खुद एयरपोर्ट पर जाकर अपने शिष्य को आशीर्वाद दिया।
झज्जर जिले के खुड्डन गांव के लाल बजरंग पूनिया ने कुश्ती की एबीसीडी गांव छारा स्थित लाला दीवान चंद अखाड़े में कोच आर्य वीरेंद्र से सीखी। कम उम्र में दंगल में पांव रखने वाले बजरंग की प्रतिभा को आर्य वीरेंद्र ने तराशा और आज बजरंग पूरे विश्व में सितारा बनकर चमक रहा है। हंगरी में हुई विश्व चैंपियनशिप में जब बजरंग ने रजत जीता तो आर्य वीरेंद्र की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शनिवार को बजरंग स्वदेश लौटा तो आर्य वीरेंद्र खुद एयरपोर्ट पर अपने शिष्य को बधाई देने पहुंचे। बजरंग ने भी अपने पहले कुश्ती गुरू के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर बजरंग के पिता बलवान पूनिया, अंतरराष्ट्रीय पहलवान योगेश्वर दत्त, आर्य प्रमोद, आर्य अनेंद्र, रामफल व सुभाष पूनिया आदि भी उपस्थित थे।
कोच आर्य वीरेंद्र ने कहा कि बजरंग उनके पास जब आया तो वह बेहद छोटा था लेकिन उसमें लगन बेहद काफी थी। बजरंग विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में दो बार पदक जीतने वाला पहला भारतीय पहलवान है। इससे पहले उसने 2013 में हंगरी में कांस्य पदक जीता था। उन्हें बेहद खुशी है कि उनका शिष्य आज पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन कर रहा है। बजरंग जब भी जीतकर आता है उनके पास अखाड़े में जरूर आता है। इस बार वह एयरपोर्ट पर अपने शिष्य का स्वागत करने गए।
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झज्जर जिले के खुड्डन गांव के लाल बजरंग पूनिया ने कुश्ती की एबीसीडी गांव छारा स्थित लाला दीवान चंद अखाड़े में कोच आर्य वीरेंद्र से सीखी। कम उम्र में दंगल में पांव रखने वाले बजरंग की प्रतिभा को आर्य वीरेंद्र ने तराशा और आज बजरंग पूरे विश्व में सितारा बनकर चमक रहा है। हंगरी में हुई विश्व चैंपियनशिप में जब बजरंग ने रजत जीता तो आर्य वीरेंद्र की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शनिवार को बजरंग स्वदेश लौटा तो आर्य वीरेंद्र खुद एयरपोर्ट पर अपने शिष्य को बधाई देने पहुंचे। बजरंग ने भी अपने पहले कुश्ती गुरू के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर बजरंग के पिता बलवान पूनिया, अंतरराष्ट्रीय पहलवान योगेश्वर दत्त, आर्य प्रमोद, आर्य अनेंद्र, रामफल व सुभाष पूनिया आदि भी उपस्थित थे।
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कोच आर्य वीरेंद्र ने कहा कि बजरंग उनके पास जब आया तो वह बेहद छोटा था लेकिन उसमें लगन बेहद काफी थी। बजरंग विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में दो बार पदक जीतने वाला पहला भारतीय पहलवान है। इससे पहले उसने 2013 में हंगरी में कांस्य पदक जीता था। उन्हें बेहद खुशी है कि उनका शिष्य आज पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन कर रहा है। बजरंग जब भी जीतकर आता है उनके पास अखाड़े में जरूर आता है। इस बार वह एयरपोर्ट पर अपने शिष्य का स्वागत करने गए।
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