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जलभराव पर लोहरवाड़ा के ग्रामीण पहुंचे ज्ञापन सौंपने
Updated Thu, 04 Oct 2018 01:21 AM IST
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चरखी दादरी। जलभराव की समस्या पर बुधवार को लोहरवाड़ा के ग्रामीण लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने सीटीएम से मुलाकात की और परेशानियों से अवगत कराकर पानी निकासी का प्रबंध कराने के लिए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए ग्रामीणों ने बताया कि उनकी फसलें अभी तक पानी में डूबी हुई हैं। आगामी रबी की बिजाई की भी उन्हें चिंता है। इस पर सीटीएम मनीष फौगाट ने जल्द पानी निकासी कराने का आश्वासन दिया।
लघु सचिवालय ज्ञापन सौंपने पहुंचे महेश, सोमबीर, रविंद्र, रमेंद्र, मुकेश कुमार, प्रवीन और सुनील समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गत दिनों की बारिश से हुए जलभराव से उनको अब तक निजात नहीं मिल पाई है। गांव की लगभग सारी कृषि योग्य भूमि जलमग्न है। इस समय गांव में करीब एक हजार एकड़ भूमि जलमग्न है। उनकी धान सहित अन्य फसलों में अभी भी दो-दो फुट तक पानी भरा है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक उनके खेतों से पानी निकासी नहीं होने पर हालात विकट बने हैं। उन्होंने बताया कि धान की फसल तो जलभराव से पहले ही बर्बाद हो चुकी है। अब उन्हें रबी की फसल की जुताई और बिजाई समय से न हो पाने का डर सता रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव से खेतों में तबाह हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर उचित दिलाने की गुहार भी लगाई। सीटीएम मनीष फौगाट ने इन ग्रामीणों को जल निकासी के जल्द ही पुख्ता प्रबंध कराने का आश्वासन दिया।
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लघु सचिवालय ज्ञापन सौंपने पहुंचे महेश, सोमबीर, रविंद्र, रमेंद्र, मुकेश कुमार, प्रवीन और सुनील समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गत दिनों की बारिश से हुए जलभराव से उनको अब तक निजात नहीं मिल पाई है। गांव की लगभग सारी कृषि योग्य भूमि जलमग्न है। इस समय गांव में करीब एक हजार एकड़ भूमि जलमग्न है। उनकी धान सहित अन्य फसलों में अभी भी दो-दो फुट तक पानी भरा है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक उनके खेतों से पानी निकासी नहीं होने पर हालात विकट बने हैं। उन्होंने बताया कि धान की फसल तो जलभराव से पहले ही बर्बाद हो चुकी है। अब उन्हें रबी की फसल की जुताई और बिजाई समय से न हो पाने का डर सता रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव से खेतों में तबाह हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर उचित दिलाने की गुहार भी लगाई। सीटीएम मनीष फौगाट ने इन ग्रामीणों को जल निकासी के जल्द ही पुख्ता प्रबंध कराने का आश्वासन दिया।
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