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अवैध पेयजल कनेक्शन पर सख्ती की तैयारी, जनस्वास्थ्य विभाग करवाएगा एफआईआर
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:41 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। अगर आपके घर में अवैध पेयजल कनेक्शन लगा है तो आपके खिलाफ बहुत जल्द एफआईआर दर्ज हो सकती है। अवैध पेयजल कनेक्शनों को नियमित करने के अभियान में जुटा जनस्वास्थ्य विभाग अब इसे लेकर सख्त रवैया अख्तियार करने की तैयारी में जुट गया है। 31 दिसंबर 2017 तक जिले के सभी अवैध पेयजल कनेक्शनों को वैध करने की डेडलाइन लेकर चल जनस्वास्थ्य विभाग अब इसे एक व्यापक अभियान के तौर पर लेगा और इसके लिए फील्ड में गए सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अवैध कनेक्शन धारकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की पूरी छूट भी दे सकता है। जनस्वास्थ्य विभाग के जिला जल सरंक्षण अधिकारी आरपी वशिष्ठ ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से इस बाबत स्पष्ट निर्देश हैं कि अवैध कनेक्शन धारकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अगर वो अपना पेयजल कनेक्शन वैध नहीं करवाता तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
-डोर-टू-डोर चल रहा है अभियान
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो पिछले लंबे समय से विभाग जिले के अंदर जारी अवैध पेयजल कनेक्शनों को वैध करने का अभियान चला रहा है। गांवों में तो ये अभियान बाकायदा डोर-टू-डोर जाकर किया जा रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में प्रत्येक घर में जाकर सर्वे करती हैं और अवैध कनेक्शन मिलते ही मालिक से कनेक्शन को वैध करने के आवेदन लेती है और हाथोंहाथ कनेक्शन को वैध कर दिया जाता है। इससे जनस्वास्थ्य विभाग को राजस्व में भी काफी मदद मिली है। वैध किए गए कनेक्शनों का बिल भी अब विभाग के खाते में जमा होने से जनस्वास्थ्य विभाग की खुद की आर्थिक मजबूती बढ़ी है।
-वसूला जा चुका है 11 लाख का राजस्व
विभाग की ओर से कासनी, गोयला, छुछकवास, बाबरा, समसपुर माजरा, बाढसा व खेड़ी जट में अभियान चलाया जा चुका है। विभाग की ओर से अभी तक 1800 कनेक्शन को वैध किया जा चुका है। जिसमें छुछकवास के 214, बाढसा के 182, डाबौदा कलां के 33, खेड़ी जट्ट के 274, समसपुर माजरा के 249, बाबरा 17, कासनी के 800, गोयला कलां के 12 कनेक्शन शामिल हैं। इन वैध कनेक्शन से विभाग को अब तक करीब 11 लाख का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
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- 500 रुपये में वैध किया जा रहा कनेक्शन
विभाग के द्वारा अवैध कनेक्शन को 500 रुपये में वैध किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में पहले कनेक्शन को फ्री में वैध किया जा रहा था लेकिन वर्तमान में इसके लिए 500 रुपये फीस निर्धारित की गई है। वहीं पूर्व में विभाग के द्वारा हर प्रतिमाह के हिसाब से 20 रुपये सामान्य श्रेणी व 10 रुपये एससी के लिए बिल का प्रावधान किया गया था। जिसे हर छह माह के बाद वसूला जाता था। लेकिन वर्तमान में इसे बढ़ाते हुए क्रमश: 40 व 20 कर दिया गया है।
- ऑनलाइन होगा वैध कनेक्शनों का डाटा
पहले जनस्वास्थ्य विभाग के पास पेयजल कनेक्शनों की पुरानी सूची थी जिसका रिकार्ड लगभग दस साल पहले का ही था। लेकिन अवैध कनेक्शनों को वैध करने के साथ साथ उनका पूरा डाटा भी विभाग द्वारा मैंटेन करना शुरू कर दिया गया है। शहर के लगभग सभी कनेक्शनों का डाटा ऑनलाइन तक कर दिया गया है। अब गांवों में वैध किए जा रहे पेयजल कनेक्शनों का भी डाटा ऑनलाइन करने का काम शुरू किया जा रहा है।
वर्जन
विभाग के मुख्यालय से स्पष्ट आदेश हैं कि अवैध कनेक्शन धारकों को वैध करने के लिए एक मौका दिया जाए। अगर डेडलाइन खत्म होने के बाद भी कोई कनेक्शन वैध नहीं करवाता है तो ऐसे कनेक्शन धारक के खिलाफ विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज करवा दी जाएगी। कनेक्शन वैध करने के लिए विभाग के द्वारा 40 सक्षम युवाओं के साथ विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
- आरपी वशिष्ठ, नोडल अफसर, जनस्वास्थ्य विभाग झज्जर।
- दिसंबर 2017 तक अवैध कनेक्शन को वैध करने का रखा लक्ष्य, 7 गांवों में अधिकतर अवैध कनेक्शन किए गए वैध
- सक्षम युवाओं की टीम गांव-गांव में जुटी कनेक्शन नियमित करने में, डोर-टू-डोर किया जा रहा है सर्वे
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झज्जर। अगर आपके घर में अवैध पेयजल कनेक्शन लगा है तो आपके खिलाफ बहुत जल्द एफआईआर दर्ज हो सकती है। अवैध पेयजल कनेक्शनों को नियमित करने के अभियान में जुटा जनस्वास्थ्य विभाग अब इसे लेकर सख्त रवैया अख्तियार करने की तैयारी में जुट गया है। 31 दिसंबर 2017 तक जिले के सभी अवैध पेयजल कनेक्शनों को वैध करने की डेडलाइन लेकर चल जनस्वास्थ्य विभाग अब इसे एक व्यापक अभियान के तौर पर लेगा और इसके लिए फील्ड में गए सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अवैध कनेक्शन धारकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की पूरी छूट भी दे सकता है। जनस्वास्थ्य विभाग के जिला जल सरंक्षण अधिकारी आरपी वशिष्ठ ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से इस बाबत स्पष्ट निर्देश हैं कि अवैध कनेक्शन धारकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अगर वो अपना पेयजल कनेक्शन वैध नहीं करवाता तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
-डोर-टू-डोर चल रहा है अभियान
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो पिछले लंबे समय से विभाग जिले के अंदर जारी अवैध पेयजल कनेक्शनों को वैध करने का अभियान चला रहा है। गांवों में तो ये अभियान बाकायदा डोर-टू-डोर जाकर किया जा रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में प्रत्येक घर में जाकर सर्वे करती हैं और अवैध कनेक्शन मिलते ही मालिक से कनेक्शन को वैध करने के आवेदन लेती है और हाथोंहाथ कनेक्शन को वैध कर दिया जाता है। इससे जनस्वास्थ्य विभाग को राजस्व में भी काफी मदद मिली है। वैध किए गए कनेक्शनों का बिल भी अब विभाग के खाते में जमा होने से जनस्वास्थ्य विभाग की खुद की आर्थिक मजबूती बढ़ी है।
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-वसूला जा चुका है 11 लाख का राजस्व
विभाग की ओर से कासनी, गोयला, छुछकवास, बाबरा, समसपुर माजरा, बाढसा व खेड़ी जट में अभियान चलाया जा चुका है। विभाग की ओर से अभी तक 1800 कनेक्शन को वैध किया जा चुका है। जिसमें छुछकवास के 214, बाढसा के 182, डाबौदा कलां के 33, खेड़ी जट्ट के 274, समसपुर माजरा के 249, बाबरा 17, कासनी के 800, गोयला कलां के 12 कनेक्शन शामिल हैं। इन वैध कनेक्शन से विभाग को अब तक करीब 11 लाख का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
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- 500 रुपये में वैध किया जा रहा कनेक्शन
विभाग के द्वारा अवैध कनेक्शन को 500 रुपये में वैध किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में पहले कनेक्शन को फ्री में वैध किया जा रहा था लेकिन वर्तमान में इसके लिए 500 रुपये फीस निर्धारित की गई है। वहीं पूर्व में विभाग के द्वारा हर प्रतिमाह के हिसाब से 20 रुपये सामान्य श्रेणी व 10 रुपये एससी के लिए बिल का प्रावधान किया गया था। जिसे हर छह माह के बाद वसूला जाता था। लेकिन वर्तमान में इसे बढ़ाते हुए क्रमश: 40 व 20 कर दिया गया है।
- ऑनलाइन होगा वैध कनेक्शनों का डाटा
पहले जनस्वास्थ्य विभाग के पास पेयजल कनेक्शनों की पुरानी सूची थी जिसका रिकार्ड लगभग दस साल पहले का ही था। लेकिन अवैध कनेक्शनों को वैध करने के साथ साथ उनका पूरा डाटा भी विभाग द्वारा मैंटेन करना शुरू कर दिया गया है। शहर के लगभग सभी कनेक्शनों का डाटा ऑनलाइन तक कर दिया गया है। अब गांवों में वैध किए जा रहे पेयजल कनेक्शनों का भी डाटा ऑनलाइन करने का काम शुरू किया जा रहा है।
वर्जन
विभाग के मुख्यालय से स्पष्ट आदेश हैं कि अवैध कनेक्शन धारकों को वैध करने के लिए एक मौका दिया जाए। अगर डेडलाइन खत्म होने के बाद भी कोई कनेक्शन वैध नहीं करवाता है तो ऐसे कनेक्शन धारक के खिलाफ विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज करवा दी जाएगी। कनेक्शन वैध करने के लिए विभाग के द्वारा 40 सक्षम युवाओं के साथ विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
- आरपी वशिष्ठ, नोडल अफसर, जनस्वास्थ्य विभाग झज्जर।
- दिसंबर 2017 तक अवैध कनेक्शन को वैध करने का रखा लक्ष्य, 7 गांवों में अधिकतर अवैध कनेक्शन किए गए वैध
- सक्षम युवाओं की टीम गांव-गांव में जुटी कनेक्शन नियमित करने में, डोर-टू-डोर किया जा रहा है सर्वे