{"_id":"5c758cfdbdec2226154d20fb","slug":"151551207677-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएच के लिए अधिग्रहित भूमि के कलेक्टर रेट बढ़ाने की मांग, 17 गांवों के किसानों ने शुरू किया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनएच के लिए अधिग्रहित भूमि के कलेक्टर रेट बढ़ाने की मांग, 17 गांवों के किसानों ने शुरू किया धरना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
एनएच-152 डी (ईस्माइलाबाद से गंगहेडी) के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का कलेक्टर रेट बढ़वाने के लिए 17 गांवों के किसानों ने मंगलवार से धरना शुरू कर दिया है। किसान प्रति एकड़ दो करोड़ मुआवजा राशि की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती तब तक धरना लगातार जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि एनएच के दायरे में इन गांवों के किसानों की करीब 700 एकड़ जमीन अधिग्रहित होगी और इसके बदले उन्हें बेहद कम मुआवजा दिया जा रहा है।
विभिन्न गांवों के किसान मंगलवार को एकत्र हुए और एनएच के लिए चिह्नित जगह पर ही टेंट गाढ़कर धरना शुरू कर दिया। धरने की शुरूआत करने से पहले उपस्थित सभी ने हवन में आहुतियां डालीं। ये किसान भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले धरना दे रहे हैं। यह धरना रामनगर गांव के समीप शुरू किया गया है। इस आंदोलन का नेतृत्व भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश दलाल कर रहे है।
दलाल ने बताया कि किसानों की मांग कानूनी प्रावधानों के तहत है। इस संबंध में सोमवार को जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार से मुलाकात भी की गई थी और कानूनी दस्तावेज दिखाकर उनसे तय कलेक्टर रेट में सुधार की मांग की थी। मंगलवार को किसान नेताओं ने अतिरिक्त उपायुक्त मनोज कुमार से भी मुलाकात कर किसानों का पक्ष रखा। धरनास्थल पर मुख्य रूप से राजीव सरपंच रामनगर, शमशेर प्रवक्ता फौगाट खाप, बलजीत पूर्व सरपंच बलकार, महा सिंह फौगाट खाप, विनोद मोड़ी, महाबीर झिंझर, अनूप सिंह प्रधान किसान सेवा संघ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी।
एनएच-152 डी (ईस्माइलाबाद से गंगहेडी) के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का कलेक्टर रेट बढ़वाने के लिए 17 गांवों के किसानों ने मंगलवार से धरना शुरू कर दिया है। किसान प्रति एकड़ दो करोड़ मुआवजा राशि की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती तब तक धरना लगातार जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि एनएच के दायरे में इन गांवों के किसानों की करीब 700 एकड़ जमीन अधिग्रहित होगी और इसके बदले उन्हें बेहद कम मुआवजा दिया जा रहा है।
विभिन्न गांवों के किसान मंगलवार को एकत्र हुए और एनएच के लिए चिह्नित जगह पर ही टेंट गाढ़कर धरना शुरू कर दिया। धरने की शुरूआत करने से पहले उपस्थित सभी ने हवन में आहुतियां डालीं। ये किसान भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले धरना दे रहे हैं। यह धरना रामनगर गांव के समीप शुरू किया गया है। इस आंदोलन का नेतृत्व भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश दलाल कर रहे है।
विज्ञापन
दलाल ने बताया कि किसानों की मांग कानूनी प्रावधानों के तहत है। इस संबंध में सोमवार को जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार से मुलाकात भी की गई थी और कानूनी दस्तावेज दिखाकर उनसे तय कलेक्टर रेट में सुधार की मांग की थी। मंगलवार को किसान नेताओं ने अतिरिक्त उपायुक्त मनोज कुमार से भी मुलाकात कर किसानों का पक्ष रखा। धरनास्थल पर मुख्य रूप से राजीव सरपंच रामनगर, शमशेर प्रवक्ता फौगाट खाप, बलजीत पूर्व सरपंच बलकार, महा सिंह फौगाट खाप, विनोद मोड़ी, महाबीर झिंझर, अनूप सिंह प्रधान किसान सेवा संघ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन