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आत्मरक्षा के लिए पहने ग्लब्स, अब देश का नाम कर रही रोशन

Fri, 08 Mar 2019 01:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 Mar 2019 01:15 AM IST
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आत्मरक्षा के लिए पहने ग्लब्स, अब देश का नाम कर रही रोशन
अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़। समाज में बढ़ती छेड़छाड़ की घटनाओं को देखते हुए कुसुम ने आत्मरक्षा के लिए गलब्स पहने। रुचि बढ़ी तो खेलती चली गई और अब किक बॉक्सिंग में देश के लिए मेडल जीतकर दुनियाभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है। महज 4 वर्ष के करियर में 19 वर्षीय कुसुम वर्ल्ड समेत 4 इंटरनेशनल चैंपियनशिप में पदक जीत चुकी है। करीब चार वर्ष पूर्व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दुल्हेड़ा में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हुआ। कक्षा नौवीं की छात्रा कुसुम ने भी इस शिविर में भाग लिया। एक दिन के प्रशिक्षण से उसकी रुचि बढ़ गई। इसके बाद कोच जसवंत की देखरेख में निरंतर अभ्यास शुरू कर दिया। छह महीने के भीतर ही जिला स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल कर लिया। देखते ही देखते सालभर में स्टेट और फिर नेशनल चैंपियन बन गई। वर्ष-2016 में पूना में एशियन चैंपियनशिप हुआ। इसमें चैंपियनशिप में कुसुम ने सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद रूस (2016) में वर्ल्ड कप, 2016 में कोरिया, हंगरी (2017) में इंटरनेशनल चैंपियनशिप, सर्बिया (2018) में यूरोपियन चैंपियनशिप रजत पदक जीता। स्टेट से लेकर इंटरनेशनल तक कुसुम अब तक करीब 40 मेडल जीत चुकी हैं।

तो थम जाता सफर
कुुसुम तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी है। पिता गुलाब सिंह इलेक्ट्रिशियन हैं। वर्ष 2017 में इस खिलाड़ी का जब वर्ल्ड कप के लिए चयन हुआ तो रूस जाने के लिए आर्थिक तंगी आड़े आ गई। मगर कुसुम ने हार नहीं मानी। कुसुम के जज्बे को देखकर कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ व सामाजिक संस्थाएं आगे आई। वह रूस गई और वर्ल्ड कप से सिल्वर मेडल जीतकर लाई। पिता गुलाब सिंह ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। जब भी वह देश के लिए जीतती है तो सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।
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कुुसुम का सपना
अमर उजाला से बातचीत में कुसुम ने कहा कि देश के लिए जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है। उसे यकीन है कि एक दिन किक बाक्सिंग ओलंपिक में शामिल होकर अपने देश के लिए मेडल जीतेगी। फिलहाल उसका अगला लक्ष्य पूना में 22 मार्च से शुरू हो रहे नेशनल फेडरेशन कप, जुलाई में होने वाले इंडो नेपाल कप व अक्तूबर-2019 में चेकस्लोवाकिया में होने वाली सीनियर इंटरनेशनल चैंपियनशिप में देश के लिए पदक जीतना है। उसने कहा कि अभिभावकों के सहयोग और कोच की मेहनत से ही ये संभव हो पा रहा है। लड़कियां आगे आएं और देश के लिए खेलें।
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कुसुम की उपलब्धियां
2018 वाको यूरोप कप में सिल्वर मेडल।
2017 यूरोपियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल।
2015 में एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल।
2016 में रूस में हुए वर्ल्ड कल में सिल्वर मेडल।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते 9 मेडल।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीतेे 17 मेडल।
चीफ मिनिस्टर ट्रॉफी विजेता।
स्टेट प्रो किक बॉक्सिंग में दो बार बनी विजेता।
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