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अब जच्चा-बच्चा के इलाज के लिए जिले के लोगों को रोहतक, हिसार व दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा

Mon, 30 Oct 2017 12:35 AM IST
Updated Mon, 30 Oct 2017 12:35 AM IST
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अब जच्चा-बच्चा के इलाज के लिए जिले के लोगों को रोहतक, हिसार व दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा
जच्चा-बच्चा को रेफर नहीं करना पड़ेगा रोहतक, हिसार और दिल्ली
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखीे दादरी।
पुराना सिविल अस्पताल भवन में मातृ-शिशु अस्पताल अब पूरी तरह से आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त होगा। अब जच्चा-बच्चा के इलाज के लिए लोगों को रोहतक, हिसार और दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। अस्पताल में शिशु नर्सरी से लेकर वेंटिलेटर व बॉयल एप्रेटस मशीन भी उपलब्ध होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मंजूर दे दी है। आने वाले करीब डेढ़ माह में यह सुविधाएं शुरू होने की उम्मीद हैं। यह 30 बेड का अस्पताल मातृ-शिशु अस्पताल के रूप में अगस्त 2016 में अपग्रेड किया गया था।
2016 में स्वास्थ्य विभाग ने इस पुराने सिविल अस्पताल को मातृ-शिशु अस्पताल के रूप में अपग्रेड कर दिया ताकि इस भवन का सदुपयोग किया जा सके और लोगों को भी कठिनाई न हो। जिले में 172 गांव शामिल हैं। शहर की आबादी भी करीब 80 हजार है ऐसे में रोजाना बच्चों के भी सीरियस मामले आ रहे हैं। डिलीवरी के भी सीरियस केस काफी आ रहे हैं। प्राइवेट अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी करवाने पर भी मोटी रकम वसूली जाती है जिससे लोगों को काफी आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
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अब अस्पताल में होंगी सभी सुविधाएं
इस पुराने भवन में बच्चों को नर्सरी की विशेष सुविधा मिलेगी। कई बार समय से पूर्व डिलीवरी होने पर शिशु को परिपक्व होने की समय सीमा तक बाल नर्सरी में रखना पड़ता है ताकि बच्चे का पूरी तरह से शारीरिक विकास हो सके और उसका रोगों से भी बचाव बना रहे। यह नर्सरी आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी। यहां जच्चा व बच्चा दोनो के लिए वेंटीलेटर की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। कई बार सीरियस मामलों में वेंटीलेटर की जरूरत पड़ जाती है यह वेंटीलेटर की सुविधा इस समय जिले के किसी भी अस्पताल मेें नहीं है ऐसे में पीजीआई ही ले जाना पड़ता है। अस्पताल में बॉयल एप्रेटस मशीन की सुविधा भी होगी। इसके जरिए डिलीवर के बाद शिशु के स्वास्थ्य की जांच की जा सकेगी। मशीन के जरिए शिशु के स्वास्थ्य की पूरी रिपोर्ट मिल सकेगी ताकि कोई कमी एवं रोग पाए जाने पर उसका उपचार किया जा सके। इस मशीन की भी एप्रूवल मिल गई है। सीरियस डिलीवरी के दौरान आपरेशन के लिए महिला को बेहोश करने के लिए नई तकनीक पर आधारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कई बार इंजेक्शन आदि से मरीज के पूरी तरह से बेहोश न होने पर उसे पीड़ा झेलनी पड़ती है लेकिन इस नई तकनीक से यह सभी पता चल जाएगा कि मरीज अब पूरी तरह से बेहोश हो गया है। अस्पताल में छोटे- मोटे सभी प्रकार के टेस्ट की सुविधा भी उपलब्ध होगी। खून टेस्ट से लेकर एक्सरे मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन भी यहां उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि जरूरत पडने पर तत्काल सभी प्रकार के टेस्ट करवाए जा सके व जल्दी उपचार हो सके।
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एक माह में पूरी सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद
यह सभी सुविधाएं डेढ़ माह में मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस बारे में कागज प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द ही मशीनों के लिए ऑर्डर जारी होने की उम्मीद है। चिकित्सा स्टाफ भी यहां साथ- साथ तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अस्पताल में एसएमओ का पद भी सृजित हुआ है। इसके अलावा करीब सात चिकित्सक, लैब तकनीशियन, लेखाकार, क्लर्क व चतुर्थ श्रेणी स्टाफ की तैनाती होनी है। स्टाफ के पद पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं।

वर्सन
मातृ-शिशु अस्पताल में जल्द ही यह आधुनिक तकनीक की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए मंजूरी मिल गई है। जिले में जच्चा-बच्चों को चिकित्सा की उत्तम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। - सीएमओ डॉ. रणदीप पूनिया
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