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गलत बिजली बिल उपभोक्ताओं के गले की बने फांस, काटने पड़ रहे चक्कर

Thu, 13 Dec 2018 12:59 AM IST
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:59 AM IST
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गलत बिजली बिल उपभोक्ताओं के गले की बने फांस, काटने पड़ रहे चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। बिजली बिलों की गड़बड़ी उपभोक्ताओं के गले की फांस बनी हुई है। अपने बिल को ठीक कराने और फिर अदायगी के लिए उपभोक्ताओं को निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे है। उपभोक्ताओं का कहना है कि दो से तीन चक्कर काटने के बाद उनका काम बन रहा है और इसके चलते उन्हें मानसिक व शारीरिक परेशानियां झेलनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिल रीडिंग लेने के लिए कर्मचारी उनका मीटर देखने तक नहीं आते हैं और इसके बाद मनचाही रीडिंग दर्शाकर लंबी-चौड़ी राशि का बिल उन्हें भेज देते हैं। वहीं, निगम अधिकारियों का कहना है कि लापरवाही बरतने वाले चार कर्मचारियों पर कंपनी ने कार्रवाई कर दी है और आगे से उपभोक्ताओं को गलत बिल नहीं भेजे जाएंगे।
बिजली विभाग की बिल वितरण प्रणाली से उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग का कोई भी कर्मचारी न तो रीडिंग लेने जाता है और न ही बिजली बिल उपभोक्ताओं के घर पहुंचाया जाता है। जब उपभोक्ता निगम कार्यालय में बिल निकलवाने आते हैं तो बिल राशि देखकर उन्हें झटका लगता है। बिजली विभाग की इस उदासीनता के कारण शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। इसकी शिकायत कई बार अधिकारियों को कर चुके मगर समस्या का कोई समाधान नहीं किया जा रहा। इस संबंध में निगम अधिकारियों ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास भी ऐसी शिकायतें आई थीं और इनकी जानकारी संबंधित कंपनी के अधिकारियों को दी गई थी। उन्होंने कार्रवाई कर चार कर्मचारियों को हटा दिया और इनकी जगह नई भर्ती की गई है। भविष्य में बिल वितरण में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी।
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रीडिंग लेने आठ माह से नहीं आया है कर्मचारी
-आठ माह से कोई कर्मचारी घर रीडिंग लेने नहीं आया है। बिजली कार्यालय में आकर खुद ही बिल निकलवाता हूं और त्रुटियों को दूर करवाकर इसका भुगतान करता हूं। इसमें काफी समय लग जाता है और शारीरिक परेशानियां भी होती हैं।
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राजबीर सिंह, उपभोक्ता

- नियमानुसार तो बिल घर आना चाहिए लेकिन पिछले कई माह से ऐसा नहीं हो रहा है। जब बिल निकलवाने आती हूं तो इसमें लंबी-चौड़ी राशि मिलती है और बाद में इसे दुरुस्त करवाने के लिए भी चक्कर लगाने पड़ते हैं।
दर्शना देवी, उपभोक्ता

- हर माह बिजली बिल घर देना चाहिए जिससे समय पर भुगतान हो जाए और उपभोक्ता पेनल्टी से भी बच जाए। लेकिन घर पर तो रीडिंग लेने कर्मचारी ही नहीं आता। इसकी शिकायत भी कई बार कर चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
जगबीर सिंह, उपभोक्ता

- बिजली बिल रीडिंग अपडेट कर नहीं भेजे जाते। पुराने बिल में भी 3341 रीडिंग दर्शाई गई थी और इस बार जो बिल मिला है उसमें भी 3341 रीडिंग ही हैं। विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि उपभोक्ता परेशान न हो ।

दरिया सिंह, उपभोक्ता

मीटर रीडिंग और बिल बांटने में लापरवाही बरतने वाले चार कर्मचारियों को संबंधित कंपनी ने हटा दिया है और उनकी जगह नए कर्मचारी नियुक्त किए हैं। भविष्य में बिल तैयार करने और वितरण में किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके आदेश भी मैंने दे दिए हैं।
ओमबीर सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम
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