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केएमपी पर टोल फ्री करवाने के लिए लामबद हुए ग्रामीण
Updated Wed, 03 Oct 2018 02:05 AM IST
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बादली। क्षेत्र से गुजरने वाले कुंडली-पलवल-मानेसर हाईवे पर टोल को लेकर ग्रामीण लामबंद होने लगे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि हाईवे के साथ लगते गांवों के वाहनों का टोल फ्री किया जाए। मंगलवार को इसी कड़ी में बादली टोल पर दर्जनों गांवों के ग्रामीण और ग्राम पंचायतें एकत्रित हुईं और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
ग्रामीणों ने कहा कि हाईवे से सभी गांवों का रकबा दो हिस्सों में बंटा हुआ है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए अंडरपास नहीं बनाए गए हैं। कई जगह पर तो ग्रामीणों को केएमपी से गुजरते हुए अपने खेतों में जाना होता है। ऐसे में ग्रामीणों को टोल का भुगतान करना पड़ा तो आर्थिक नुकसान होगा। साथ ही हाईवे को गांवों के लेवल से ऊंचा बनाया गया है जिससे आसपास की जमीन पर भी कोई लाभ नहीं हो रहा है। जबकि दोनों तरफ निर्माण कार्य पर भी पूरी तरह से रोक लगी है।
क्या है मामला
कुंडली से पलवल तक बनाया जा रहा है हाईवे का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है। योजना के अनुसार केएमपी पर टोल भी बनाए जाएंगे। बादली के पास ही टोल का निर्माण भी किया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि जिन गांवों की जमीन केएमपी में लगी है उन गांवों के वाहन चालकों को टोल में छूट दी जाए।
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नहीं दी कोई सुविधा
ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ तो सरकार हाईवे पर टोल लगा रही है जबकि दूसरी ओर वाहन चालकों को कोई सुविधा नहीं दे रही है। कुंडली से पलवल तक हाईवे के पास कोई नया अस्पताल या ट्रामा सेंटर नहीं बनाया गया है। सरकार को चाहिए कि वह वाहन चालकों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और दुर्घटना होने पर अतिरिक्त सुविधाएं भी मुहैया करवाए।
ये गांव हुए लामबंद
टोल फ्री करने के लिए होशियार सिंह दरियापुर के साथ बादली, लगरपुर, देवरखाना, माजरी, गुभाना, बुपनियां, डाबोदा, मांडोठी सहित दो दर्जन गांवों के ग्रामीण और पंचायतें एकत्रित हुईं। होशियार सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि टोल फ्री करवाने में कुंडली से लेकर पलवल तक सभी ग्रामीणों को एकजुट किया जा रहा है। हाईवे से लगते सभी गांवों को इसका लाभ दिलवाने का अभियान जोरशोर से चलाया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा कि हाईवे से सभी गांवों का रकबा दो हिस्सों में बंटा हुआ है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए अंडरपास नहीं बनाए गए हैं। कई जगह पर तो ग्रामीणों को केएमपी से गुजरते हुए अपने खेतों में जाना होता है। ऐसे में ग्रामीणों को टोल का भुगतान करना पड़ा तो आर्थिक नुकसान होगा। साथ ही हाईवे को गांवों के लेवल से ऊंचा बनाया गया है जिससे आसपास की जमीन पर भी कोई लाभ नहीं हो रहा है। जबकि दोनों तरफ निर्माण कार्य पर भी पूरी तरह से रोक लगी है।
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क्या है मामला
कुंडली से पलवल तक बनाया जा रहा है हाईवे का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है। योजना के अनुसार केएमपी पर टोल भी बनाए जाएंगे। बादली के पास ही टोल का निर्माण भी किया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि जिन गांवों की जमीन केएमपी में लगी है उन गांवों के वाहन चालकों को टोल में छूट दी जाए।
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नहीं दी कोई सुविधा
ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ तो सरकार हाईवे पर टोल लगा रही है जबकि दूसरी ओर वाहन चालकों को कोई सुविधा नहीं दे रही है। कुंडली से पलवल तक हाईवे के पास कोई नया अस्पताल या ट्रामा सेंटर नहीं बनाया गया है। सरकार को चाहिए कि वह वाहन चालकों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और दुर्घटना होने पर अतिरिक्त सुविधाएं भी मुहैया करवाए।
ये गांव हुए लामबंद
टोल फ्री करने के लिए होशियार सिंह दरियापुर के साथ बादली, लगरपुर, देवरखाना, माजरी, गुभाना, बुपनियां, डाबोदा, मांडोठी सहित दो दर्जन गांवों के ग्रामीण और पंचायतें एकत्रित हुईं। होशियार सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि टोल फ्री करवाने में कुंडली से लेकर पलवल तक सभी ग्रामीणों को एकजुट किया जा रहा है। हाईवे से लगते सभी गांवों को इसका लाभ दिलवाने का अभियान जोरशोर से चलाया जाएगा।