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फाइव स्टार रैंकिंग वाला बाढ़डा अब सेवन स्टार की ओर अग्रसर
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:29 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बाढड़ा।
फाइव स्टार रैंकिंग प्राप्त करने वाली बाढड़ा पंचायत अब 7 स्टार रैंकिंग लाने की तैयारियों में जुट गई है। ग्राम पंचायत इसका खाका तैयार कर रही है, जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। कुछ दिन पहले ही पांच बिंदुओं पर बाढड़ा ग्राम पंचायत ने 5 स्टार रैंकिंग प्राप्त की है और इसके लिए राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने सरपंच राकेश को राज भवन में सम्मानित भी किया। बाढड़ा को साफ-सफाई, ड्राप आउट बच्चों में कमी, शांति-सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के लिए 5 स्टार रैंकिंग प्रदान की गई है।
बाढड़ा ग्राम पंचायत ने आमजन के सहयोग से कस्बा की तस्वीर बदल दी है। कुछ समय पहले तक बाढड़ा की सड़कों पर धूल उड़ती नजर आती थी लेकिन पंचायत ने सबसे पहले यहां सौंदर्यीकरण की तरफ ध्यान दिया। यहां सड़क निर्माण के बाद पंचायत ने सरकारी फंड की बजाय चंदा एकत्र करीब 800 पौधे लगाए और इनकी सुरक्षा के लिए अपने खर्च पर ग्रिल लगवाई। इतना ही नहीं सौंदर्यीकरण के लिए जहां डिवाइडर पर स्टील की ग्रिल लगवाई तो वहीं साफ-सफाई व्यवस्था कायम रखने के लिए डिवाइडर पर स्थाई डस्टबिन भी रखवाए गए।
बाढड़ा की आबादी करीब 12 हजार है और यहां करीब पांच हजार का मतदाता है। ग्राम पंचायत ने यहां पांच बिंदुओं पर काम किया जिसे स्थानीय लोगों की मदद से सिरे चढ़ाया गया। बाढड़ा पंचायत द्वारा बिना सरकारी फंड के कराए गए विकास कार्यों का निरीक्षण करने इजराइल के पांच पर्यटक सहित रोहतक जिले के 55 सरपंच भी पहुंच चुके हैं और सभी ने इसकी सराहना की। फाइव स्टार रैंकिंग मिलने पर बाढड़ा सरपंच को राज्यपाल ने सम्मानित किया और करीब साढ़े पांच लाख की पुरस्कार राशि भी पंचायत को प्रदान की गई। सरपंच राकेश बाढड़ा ने बताया कि इस बार ग्राम पंचायत को सेवन स्टार रैंकिंग में लाना उनका लक्ष्य है और इसके लिए पंचायत योजना बनाने में जुटी हुई है। लिंगानुपात को सुधारने के लिए भजन मंडली बनाकर ग्रामीणों को जागरूक भी किया जाएगा। इसके अलावा हर ग्राम सभा में बेटियों की सुरक्षा को लेकर विचार-विमर्श कर हर संभव उपयुक्त कदम उठाए जाएंगें। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के पांच प्रोफेसर, एचआईआरडी नीलोखेड़ी से अत्तर सिंह श्योराण के साथ रोहतक जिले के 55 सरपंच भी गांव के गांव की साफ-सफाई व विकास को देखने के लिए भ्रमण पर आए थे।
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बाक्स: इन पांच बिंदुओं पर पंचायत की मदद को आगे आए लोग
--सौंदर्यकरण के मामले में पिछड़े बाढड़ा को आगे लाने के लिए पंचायत ने डिवाइडर पर करीब 800 पौधे लगाए हैं। इन पौधों को स्थानीय लोगों ने गोद ले रखा है। इनके रख-रखाव व पानी का प्रबंध इन्हें गोद लेने वाले लोग अपने स्तर पर करते हैं।
बाढड़ा में प्राथमिक पाठशाला, मिडिल व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इनमें पढ़ने वाले बच्चों की संख्या करीब 1200 हैं। पिछले एक साल की बात करें तो इन स्कूलों में बच्चों की ड्राप आउट संख्या को कम करने में पंचायत कामयाब रही है।
साफ-सफाई व सुरक्षा के लिए पंचायत ने दस सफाई कर्मी व चौकीदार की तैनात कर रखी है। इन्हें वेतनमान किसी फंड से नहीं दिया जाता बल्कि प्रति दुकानदार 100 रुपये एकत्र किए जाते हैं। इससे सफाई व्यवस्था में सुधार है तो वहीं चोरी कम हुई है।
ग्राम पंचायत कुछ हद तक आपसी सौहार्द कायम रखने में भी कामयाब हो पाई है। इसका फायदा उन्हें रैंकिंग में भी मिला है। बाढड़ा सरपंच राकेश ने बताया कि करीब 200 मामलों का निपटान ग्राम पंचायत थाने पहुंचने से पहले ही करवा चुकी है। ग्राम पंचायत को पांचवां स्टार सामाजिक सहभागिता के लिए मिला है। सरपंच राकेश ने बताया कि सामाजिक कार्यों में व्यापार मंडल सहित सभी लोग आपस में सहयोग करते हैं। लोगों के सहयोग की बदौलत ही पंचायत बाढड़ा की तस्वीर बदलने में कामयाब हुई है।
7 स्टार के लिए इन दो बिंदुओं पर रहेगा फोकस
इस बार ग्राम पंचायत बाढड़ा को गुड गवर्नेंस और लिंगानुपात में एक-एक स्टार नहीं मिल पाया। बाढड़ा सरपंच ने बताया कि दिसंबर 2017 से मार्च 2018 की बात की जाए तो लिंगानुपात में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा है लेकिन पिछले पांच साल का रिकॉर्ड खराब होने के चलते इस दफा एक और स्टार नहीं मिल पाया। इसके अलावा गुड गवर्नेंस बिंदु के तहत ग्राम पंचायत ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर पाई। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट पंचायत को ही अभी तक नहीं मिली है।
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बाढड़ा।
फाइव स्टार रैंकिंग प्राप्त करने वाली बाढड़ा पंचायत अब 7 स्टार रैंकिंग लाने की तैयारियों में जुट गई है। ग्राम पंचायत इसका खाका तैयार कर रही है, जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। कुछ दिन पहले ही पांच बिंदुओं पर बाढड़ा ग्राम पंचायत ने 5 स्टार रैंकिंग प्राप्त की है और इसके लिए राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने सरपंच राकेश को राज भवन में सम्मानित भी किया। बाढड़ा को साफ-सफाई, ड्राप आउट बच्चों में कमी, शांति-सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के लिए 5 स्टार रैंकिंग प्रदान की गई है।
बाढड़ा ग्राम पंचायत ने आमजन के सहयोग से कस्बा की तस्वीर बदल दी है। कुछ समय पहले तक बाढड़ा की सड़कों पर धूल उड़ती नजर आती थी लेकिन पंचायत ने सबसे पहले यहां सौंदर्यीकरण की तरफ ध्यान दिया। यहां सड़क निर्माण के बाद पंचायत ने सरकारी फंड की बजाय चंदा एकत्र करीब 800 पौधे लगाए और इनकी सुरक्षा के लिए अपने खर्च पर ग्रिल लगवाई। इतना ही नहीं सौंदर्यीकरण के लिए जहां डिवाइडर पर स्टील की ग्रिल लगवाई तो वहीं साफ-सफाई व्यवस्था कायम रखने के लिए डिवाइडर पर स्थाई डस्टबिन भी रखवाए गए।
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बाढड़ा की आबादी करीब 12 हजार है और यहां करीब पांच हजार का मतदाता है। ग्राम पंचायत ने यहां पांच बिंदुओं पर काम किया जिसे स्थानीय लोगों की मदद से सिरे चढ़ाया गया। बाढड़ा पंचायत द्वारा बिना सरकारी फंड के कराए गए विकास कार्यों का निरीक्षण करने इजराइल के पांच पर्यटक सहित रोहतक जिले के 55 सरपंच भी पहुंच चुके हैं और सभी ने इसकी सराहना की। फाइव स्टार रैंकिंग मिलने पर बाढड़ा सरपंच को राज्यपाल ने सम्मानित किया और करीब साढ़े पांच लाख की पुरस्कार राशि भी पंचायत को प्रदान की गई। सरपंच राकेश बाढड़ा ने बताया कि इस बार ग्राम पंचायत को सेवन स्टार रैंकिंग में लाना उनका लक्ष्य है और इसके लिए पंचायत योजना बनाने में जुटी हुई है। लिंगानुपात को सुधारने के लिए भजन मंडली बनाकर ग्रामीणों को जागरूक भी किया जाएगा। इसके अलावा हर ग्राम सभा में बेटियों की सुरक्षा को लेकर विचार-विमर्श कर हर संभव उपयुक्त कदम उठाए जाएंगें। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के पांच प्रोफेसर, एचआईआरडी नीलोखेड़ी से अत्तर सिंह श्योराण के साथ रोहतक जिले के 55 सरपंच भी गांव के गांव की साफ-सफाई व विकास को देखने के लिए भ्रमण पर आए थे।
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बाक्स: इन पांच बिंदुओं पर पंचायत की मदद को आगे आए लोग
--सौंदर्यकरण के मामले में पिछड़े बाढड़ा को आगे लाने के लिए पंचायत ने डिवाइडर पर करीब 800 पौधे लगाए हैं। इन पौधों को स्थानीय लोगों ने गोद ले रखा है। इनके रख-रखाव व पानी का प्रबंध इन्हें गोद लेने वाले लोग अपने स्तर पर करते हैं।
बाढड़ा में प्राथमिक पाठशाला, मिडिल व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इनमें पढ़ने वाले बच्चों की संख्या करीब 1200 हैं। पिछले एक साल की बात करें तो इन स्कूलों में बच्चों की ड्राप आउट संख्या को कम करने में पंचायत कामयाब रही है।
साफ-सफाई व सुरक्षा के लिए पंचायत ने दस सफाई कर्मी व चौकीदार की तैनात कर रखी है। इन्हें वेतनमान किसी फंड से नहीं दिया जाता बल्कि प्रति दुकानदार 100 रुपये एकत्र किए जाते हैं। इससे सफाई व्यवस्था में सुधार है तो वहीं चोरी कम हुई है।
ग्राम पंचायत कुछ हद तक आपसी सौहार्द कायम रखने में भी कामयाब हो पाई है। इसका फायदा उन्हें रैंकिंग में भी मिला है। बाढड़ा सरपंच राकेश ने बताया कि करीब 200 मामलों का निपटान ग्राम पंचायत थाने पहुंचने से पहले ही करवा चुकी है। ग्राम पंचायत को पांचवां स्टार सामाजिक सहभागिता के लिए मिला है। सरपंच राकेश ने बताया कि सामाजिक कार्यों में व्यापार मंडल सहित सभी लोग आपस में सहयोग करते हैं। लोगों के सहयोग की बदौलत ही पंचायत बाढड़ा की तस्वीर बदलने में कामयाब हुई है।
7 स्टार के लिए इन दो बिंदुओं पर रहेगा फोकस
इस बार ग्राम पंचायत बाढड़ा को गुड गवर्नेंस और लिंगानुपात में एक-एक स्टार नहीं मिल पाया। बाढड़ा सरपंच ने बताया कि दिसंबर 2017 से मार्च 2018 की बात की जाए तो लिंगानुपात में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा है लेकिन पिछले पांच साल का रिकॉर्ड खराब होने के चलते इस दफा एक और स्टार नहीं मिल पाया। इसके अलावा गुड गवर्नेंस बिंदु के तहत ग्राम पंचायत ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर पाई। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट पंचायत को ही अभी तक नहीं मिली है।