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बहादुरगढ़ नगर परिषद चेयरपर्सन शीला राठी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा
Updated Tue, 03 Apr 2018 02:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
नगर परिषद बहादुरगढ़ की चेयरपर्सन शीला राठी व वाइस चेयरमैन विनोद कुमार के खिलाफ परिषद बोर्ड की सोमवार को हुई विशेष बैठक में पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर कोरम पूरा न होने के कारण चर्चा ही नहीं हो पाई और यह प्रस्ताव गिर गया। कुल 31 पार्षदों में से केवल वही 15 पार्षद बैठक में शामिल हुए जिन्होंने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए डीसी को शपथ पत्र सौंपे थे।
चेयरपर्सन शीला राठी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कराने की विपक्षी पार्षदों की कवायद सिरे नहीं चढ़ पाई। उपायुक्त सोनल गोयल द्वारा निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक, सोमवार 2 अप्रैल को परिषद के मीटिंग हाल में परिषद बोर्ड की बैठक बलाई गई। यह बैठक झज्जर के एसडीएम रोहित यादव की उपस्थिति में बुलाई गई। लेकिन कोरम पूरा नहीं हुआ। परिषद के कुल 31 सदस्य हैं। बैठक में केवल विपक्ष के 15 पार्षद ही मौजूद थे। परिषद के सत्ता पक्ष का कोई पार्षद बैठक में नहीं आया। यहां तक कि खुद अध्यक्ष शीला राठी भी हाजिर नहीं हुई। इसलिए बैठक विधिवत रूप से आरंभ नहीं हो पाई और अविश्वास प्रस्ताव नहीं रखा जा सका। परिणाम स्वरूप शीला राठी को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाने की विपक्ष की मंशा सिरे नहीं चढ़ पाई।
एसडीएम ने की घोषणा
बहादुरगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष शीला राठी व उपाध्यक्ष विनोद कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए सोमवार को आहूत बैठक कोरम पूरा नहीं होने की वजह से नहीं हो पाई जिससे प्रस्ताव पेश ही नहीं किया जा सका।
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-रोहित यादव, एसडीएम झज्जर
ये पार्षद आए बैठक में
अध्यक्ष शीला राठी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए बुलाई गई इस बैठक में कुल 15 पार्षद मौजूद रहे। इन पार्षदों में संदीप कुमार, प्रेमचंद, राम मूर्ति देवी, प्रवीण राठी, बिमला, लक्ष्मी, सीमा राठी, मोनिका राठी, गुरदेव राठी, रमिता, रमन यादव, रेखा देवी, मोनिका गर्ग, नीना राठी व शशि कुमार शामिल थे।
ये पार्षद नहीं आए बैठक में
अविश्वास प्रस्ताव के लिए आहूत बैठक में 16 पार्षद उपस्थित नहीं हुए। अध्यक्ष शीला राठी व उपाध्यक्ष विनोद कुमार के अलावा, पार्षद रवींद्र कुमार, रवि खत्री, दीपा रानी, प्रवीण छिल्लर, अशोक राठी, कुसुम देवी, जसबीर सैनी, युवराज छिल्लर, कविता, अलबेल सिंह, कांता, रेखा वत्स, अनिता व सत्यप्रकाश ने बैठक से दूरी बनाए रखी।
भाजपा समर्थित पार्षदों ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा समर्थित पार्षद मोनिका गर्ग व रमिता चुघ ने आरोप लगाया कि अविश्वास प्रस्ताव की मुहिम में शामिल होने के कारण उन्हें किसी के माध्यम से धमकी दी गई। रमिता ने यह भी कहा कि विधायक कौशिक ने कई पार्षदों को 2 अप्रैल की मीटिंग से पहले ही बंधक बना लिया था। छह पार्षदों को गणपति धाम में बंधकर बनाकर रखा गया।
अगली बार 15 नहीं, 25 होंगे
अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में भले ही केवल 15 पार्षद आए, लेकिन छह माह बाद फिर से प्रस्ताव पेश किया जाएगा और यह संख्या बढ़कर 25 होगी। बैठक के बाद सभी पार्षदों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और सार्वजनिक तौर पर इसके लिए शपथ भी ली है।
-नीना सतपाल राठी, पार्षद
मैंने बैठक ही नहीं बुलाई
मैं केवल शहर का विकास करना चाहती हूं। विकास के नाम पर मुझसे कोई नाराज नहीं है। सभी पार्षद मेरे साथ हैं। बैठक में शामिल होने या न होने को लेकर कोई सवाल नहीं है। मैंने परिषद में कोई बैठक नहीं बुलाई। जिन्होंने बैठक बुलाई थी वे इसके बारे में सही जानकारी दे सकते हैं। सभी की शहर के विकास में बराबर की जिम्मेदारी है। वे सभी इस बोर्ड के कार्य से संतुष्ट हैं। कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने व निजी हित साधने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
-शीला राठी, चेयरपर्सन
सत्तादल भाजपा ने दी सफाई
भारतीय जनता पार्टी ने जिसे चेयरमैन का उम्मीदवार बनाया था उसने अब खुद लालच में लोगों के विश्वास को बेच दिया। जो बंधक बनाए जाने के आरोप लगा रहे हैं वे विकास विरोधी हैं और लोगों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन जनता उनके बहकावे में नहीं आने वाली। उनके हर तरह के आरोप बेबुनियाद है। आने वाले समय में जनता उन्हें कड़ा सबक सिखाएगी। भाजपा के जो पार्षद हैं वे तो आज भी उनके साथ हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
-नरेश कौशिक, विधायक
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बहादुरगढ़।
नगर परिषद बहादुरगढ़ की चेयरपर्सन शीला राठी व वाइस चेयरमैन विनोद कुमार के खिलाफ परिषद बोर्ड की सोमवार को हुई विशेष बैठक में पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर कोरम पूरा न होने के कारण चर्चा ही नहीं हो पाई और यह प्रस्ताव गिर गया। कुल 31 पार्षदों में से केवल वही 15 पार्षद बैठक में शामिल हुए जिन्होंने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए डीसी को शपथ पत्र सौंपे थे।
चेयरपर्सन शीला राठी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कराने की विपक्षी पार्षदों की कवायद सिरे नहीं चढ़ पाई। उपायुक्त सोनल गोयल द्वारा निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक, सोमवार 2 अप्रैल को परिषद के मीटिंग हाल में परिषद बोर्ड की बैठक बलाई गई। यह बैठक झज्जर के एसडीएम रोहित यादव की उपस्थिति में बुलाई गई। लेकिन कोरम पूरा नहीं हुआ। परिषद के कुल 31 सदस्य हैं। बैठक में केवल विपक्ष के 15 पार्षद ही मौजूद थे। परिषद के सत्ता पक्ष का कोई पार्षद बैठक में नहीं आया। यहां तक कि खुद अध्यक्ष शीला राठी भी हाजिर नहीं हुई। इसलिए बैठक विधिवत रूप से आरंभ नहीं हो पाई और अविश्वास प्रस्ताव नहीं रखा जा सका। परिणाम स्वरूप शीला राठी को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाने की विपक्ष की मंशा सिरे नहीं चढ़ पाई।
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एसडीएम ने की घोषणा
बहादुरगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष शीला राठी व उपाध्यक्ष विनोद कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए सोमवार को आहूत बैठक कोरम पूरा नहीं होने की वजह से नहीं हो पाई जिससे प्रस्ताव पेश ही नहीं किया जा सका।
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-रोहित यादव, एसडीएम झज्जर
ये पार्षद आए बैठक में
अध्यक्ष शीला राठी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए बुलाई गई इस बैठक में कुल 15 पार्षद मौजूद रहे। इन पार्षदों में संदीप कुमार, प्रेमचंद, राम मूर्ति देवी, प्रवीण राठी, बिमला, लक्ष्मी, सीमा राठी, मोनिका राठी, गुरदेव राठी, रमिता, रमन यादव, रेखा देवी, मोनिका गर्ग, नीना राठी व शशि कुमार शामिल थे।
ये पार्षद नहीं आए बैठक में
अविश्वास प्रस्ताव के लिए आहूत बैठक में 16 पार्षद उपस्थित नहीं हुए। अध्यक्ष शीला राठी व उपाध्यक्ष विनोद कुमार के अलावा, पार्षद रवींद्र कुमार, रवि खत्री, दीपा रानी, प्रवीण छिल्लर, अशोक राठी, कुसुम देवी, जसबीर सैनी, युवराज छिल्लर, कविता, अलबेल सिंह, कांता, रेखा वत्स, अनिता व सत्यप्रकाश ने बैठक से दूरी बनाए रखी।
भाजपा समर्थित पार्षदों ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा समर्थित पार्षद मोनिका गर्ग व रमिता चुघ ने आरोप लगाया कि अविश्वास प्रस्ताव की मुहिम में शामिल होने के कारण उन्हें किसी के माध्यम से धमकी दी गई। रमिता ने यह भी कहा कि विधायक कौशिक ने कई पार्षदों को 2 अप्रैल की मीटिंग से पहले ही बंधक बना लिया था। छह पार्षदों को गणपति धाम में बंधकर बनाकर रखा गया।
अगली बार 15 नहीं, 25 होंगे
अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में भले ही केवल 15 पार्षद आए, लेकिन छह माह बाद फिर से प्रस्ताव पेश किया जाएगा और यह संख्या बढ़कर 25 होगी। बैठक के बाद सभी पार्षदों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और सार्वजनिक तौर पर इसके लिए शपथ भी ली है।
-नीना सतपाल राठी, पार्षद
मैंने बैठक ही नहीं बुलाई
मैं केवल शहर का विकास करना चाहती हूं। विकास के नाम पर मुझसे कोई नाराज नहीं है। सभी पार्षद मेरे साथ हैं। बैठक में शामिल होने या न होने को लेकर कोई सवाल नहीं है। मैंने परिषद में कोई बैठक नहीं बुलाई। जिन्होंने बैठक बुलाई थी वे इसके बारे में सही जानकारी दे सकते हैं। सभी की शहर के विकास में बराबर की जिम्मेदारी है। वे सभी इस बोर्ड के कार्य से संतुष्ट हैं। कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने व निजी हित साधने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
-शीला राठी, चेयरपर्सन
सत्तादल भाजपा ने दी सफाई
भारतीय जनता पार्टी ने जिसे चेयरमैन का उम्मीदवार बनाया था उसने अब खुद लालच में लोगों के विश्वास को बेच दिया। जो बंधक बनाए जाने के आरोप लगा रहे हैं वे विकास विरोधी हैं और लोगों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन जनता उनके बहकावे में नहीं आने वाली। उनके हर तरह के आरोप बेबुनियाद है। आने वाले समय में जनता उन्हें कड़ा सबक सिखाएगी। भाजपा के जो पार्षद हैं वे तो आज भी उनके साथ हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
-नरेश कौशिक, विधायक