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ट्रेड यूनियनों का आह्वान : मांगों को लेकर कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी

Wed, 31 Jan 2018 12:30 AM IST
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:30 AM IST
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ट्रेड यूनियनों का आह्वान : मांगों को लेकर कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी
कर्मियों ने दी गिरफ्तारी, पुलिस ने 352 को बिना चारदीवारी की जेल में रखा
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी ददारी।
ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने शहर में प्रदर्शन कर जेल भरो आंदोलन के तहत लघु सचिवालय में गिरफ्तारियां दीं। लघु सचिवालय से जिला प्रशासन ने 352 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। प्रशासन ने कर्मचारियों को पुलिस कैदी वाहनों और रोडवेज की बसों से भिवानी रोड पर सड़क किनारे बिना चारदीवारी की अस्थाई जेल में डेढ़ घंटा रखने के बाद छोड़ दिया। इसके बाद रोडवेज बसों से सभी कर्मचारियों को बस स्टैंड पर छोड़ा गया। करीब पांच घंटे प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साध नारेबाजी भी की। वक्ताओं ने सीएम, वित्तमंत्री व पीएम पर जमकर चुटकियां लीं। कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से सरकारी विभागों का कामकाज भी प्रभावित हुआ। दूसरी तरफ इनेलो विधायक राजदीप फौगाट और पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने कर्मचारी आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
30 जनवरी को पहले से प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारी सुबह करीब दस बजे रोज गार्डन में एकत्र हुए। कर्मचारियों ने हरियाणा कर्मचारी महासंघ के नेतृत्व में जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने की रूपरेखा तैयार की। सर्व कर्मचार संघ से संजीव मंदौला व सत्यवान शास्त्री ने प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की उपेक्षा करने के आरोप लगाए। रोज गार्डन में बैठक को संबोधित कर इंटक प्रधान राजेश रावलधी ने कहा कि सरकार हठधर्मिता अपनाकर कच्चे कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी विभागों के निजीकरण पर उतारू है। उन्होंने कहा कि विभागों का निजीकरण होने से आमजन के लिए समस्याएं और बढ़ेंगी। सभी यूनियनों के पदाधिकारियों के संबोधन के बाद करीब एक बजे कर्मचारियों ने रोज गार्डन के बाहर से रोष प्रदर्शन शुरू किया और नारेबाजी कर लघु सचिवालय पहुंचे। वहीं, जेल भरो आंदोलन के मद्देनजर डीसी विजय कुमार सिद्प्पा ने एसडीएम ओमप्रकाश देवराला और डीएसपी हेड क्वार्टर प्रदीप कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। लघु सचिवालय पहुंचकर कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जताया। करीब पौने दो बजे कर्मचारियों ने अपनी गिरफ्तारियां देने का ऐलान किया और इसके बाद पुलिस प्रशासन ने कर्मचारियों को पांच रोडवेज की बसों और दो पुलिस कैदी वाहनों में बैठाया। इन वाहनों को लघु सचिवालय से भिवानी रोड की तरफ रवाना किया गया और रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग मोड़ के समीप सड़क किनारे ही इन कर्मचारियों को बसों से उतारकर पुलिस प्रशासन ने अपनी निगरानी में रखा। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने सभी कर्मचारियों को रिहा करने का ऐलान किया। करीब तीन बजे कर्मचारियों को बस स्टैंड पर छोड़ने के लिए दोबारा से बसों में बैठाया गया। जेल भरो आंदोलन में सर्व कर्मचारी संघ, महासंघ, बिजली निगम यूनियनों, रोडवेज इंटक यूनियन, सीटू, रिटायर्ड कर्मचारी संगठन, नगर परिषद यूनियन आदि से जुड़े कर्मचारियों ने भाग लिया।
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रिजर्व कंपनी सहित 80 पुलिस कर्मचारी रहे तैनात
जेल भरो आंदोलन के मद्देनजर एसपी हिमांशु गर्ग ने पुलिस कर्मचारियों को लघु सचिवालय के साथ-साथ रोज गार्डन और मुख्य चौराहों पर तैनात किया। रोज गार्डन से कर्मचारियों के रोष प्रदर्शन शुरू करते ही ट्रैफिक पुलिस व सिटी थाना पुलिस अलर्ट हो गई। वहीं, लघु सचिवालय पहुंचने से पहले रिजर्व कंपनी ने मोर्चा संभाल लिया। सचिवालय के एंट्री गेट पर भी काफी संख्या में पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। लघु सचिवालय पहुंचकर कर्मचारियों ने गिरफ्तारी देने का ऐलान कर दिया। इस दौरान लघु सचिवालय में एक पुलिस कैदी वैन व दो रोडवेज बसें ही थी। इस पर कर्मचारी नेताओं ने प्रशासप पर तंज कसते हुए कहा कि अगर कर्मचारियों को गिरफ्तार करना है तो प्रशासन पहले और वाहनों की व्यवस्था करे। कोई भी कर्मचारी गिरफ्तारी देने के बाद बस में खड़े होकर नहीं जाएगा। इसके बाद जिला प्रशासन ने तीन रोडवेज बसें व एक पुलिस कैदी वैन और मंगाई।
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साहब, इस जेल की चारदीवारी तो करवा देते
लघु सचिवालय से कर्मचारियों को गिरफ्तार कर प्रशासन ने भिवानी रोड पर सड़क किनारे बसों से नीचे उतार दिया। इसके बाद सभी कर्मियों को एकत्रित कर बैठाया गया। मौके पर पहुंचने के बाद एसडीएम ने कर्मचारियों को कहा कि वो जहां बैठे हैं वो प्रशासन की अस्थाई जेल है। इस पर एक कर्मचारी ने कहा कि एसडीएम साहब, इस जेल की चारदीवारी तो कम से कम करवा देते। इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने कहा कि इस बार रिहाई के बाद बिना चाय पीए नहीं जाएंगे। यह सुनकर एसडीएम ओमप्रकाश देवराला खिलखिला उठे।


वर्जन::
हमने 352 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। आंदोलन के चलते प्रशासन पूर्णतया मुस्तैद था। कर्मचारियों को लघु सचिवालय से गिरफ्तार के बाद ले जाने के लिए रोडवेज बसों व पुलिस वाहनों की व्यवस्था थी। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे। - ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम
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