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अब डोर टू डोर उठेगा कूड़ा, नपा ने छोड़ा टेंडर
Updated Fri, 29 Dec 2017 01:53 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
स्वच्छता सर्वे में पिछड़ने से बचने के लिए नगर पालिका अधिकारियों ने डोर टू डोर कूड़ा उठवाने के लिए टेंडर तो लगा दिया है लेकिन डस्टबिन खरीद के टेंडर 9 जनवरी से खुलेंगे जबकि स्वच्छता सर्वे 4 जनवरी से शुरू होना है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगरपालिका अधिकारियों की लेट लतीफी के कारण शहर को बेहतर स्वच्छता रैंकिंग कैसे मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर लेटलतीफी के चलते नगर पालिका ने वीरवार को डोर टू डोर कूड़ा उठाने के टेंडर लगा दिए हैं।
10 लाख का बढ़ेगा खर्च
शहर में हर रोज करीब 5 टन कचरा निकलता है। इसके निपटान के लिए शहर नपा हर माह 28 लाख रुपये खर्च करता है। वहीं अब डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए 10 लाख रुपये का खर्च बढ़ जाएगा। डस्टबीन पर भी नपा के द्वारा करीब 15 लाख रुपये का खर्च किया जा रहा है। वहीं नपा के द्वारा अभी तक डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए शहरवासियों पर कोई शुल्क नहीं रखा है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट अभी नहीं
नपा के पास कूड़ा निस्तारण के लिए कोई प्लान नहीं है। वर्तमान में नपा अधिकारियों के द्वारा शहर के कूड़े को ऊटलौदा गांव में भेजा जा रहा है। जहां के किसान भी इस डंपिंग यार्ड की वजह से परेशान हैं। स्वच्छता सर्वे के दौरान सभी प्वाइंट के आधार पर शहर की रैंकिंग तय की जाएगी। ऐसे में नपा के अधिकारियों को भी इस बिंदु पर कार्य करना चाहिए।
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अभी ये है शहर का हाल
वर्तमान में शहर की सफाई के लिए केवल 146 कर्मचारी कार्यरत हैं। डस्टबिन के अभाव में शहर के अनेक स्थानों पर कूड़े के ढे़र लगे रहते हैं। वहीं कूड़ायुुक्त डस्टबिन को उठाने के लिए भी नपा के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। स्वच्छता सर्वे में इस समय 7 दिन शेष हैं, अगर नपा के अधिकरियों ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो शहर रैंकिंग में पिछड़ जाएगा।
-वर्जन
शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठान व डस्टबिन खरीद के लिए टेंडर लगा दिए गए हैं। 10 जनवरी तक दोनों ही योजनाओं पर अमलीजामा पहना दिया जाएगा। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए वे पूरा प्रयास कर रहे हैं। स्वच्छता के लिए जरूरी दूसरे पहलुओं पर भी गौर किया जाएगा।
-नरेंद्र सैनी, सचिव, नपा झज्जर।
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लेटलतीफी की हद : सात दिन बाद स्वच्छता सर्वे और 12 दिन बाद खुलेंगे डस्टबिन के टेंडर
स्वच्छता रैंकिंग में नगर पालिका अधिकारियों की लेटलतीफी पड़ सकती है भारी
डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए नपा ने छोड़ा टेंडर
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झज्जर।
स्वच्छता सर्वे में पिछड़ने से बचने के लिए नगर पालिका अधिकारियों ने डोर टू डोर कूड़ा उठवाने के लिए टेंडर तो लगा दिया है लेकिन डस्टबिन खरीद के टेंडर 9 जनवरी से खुलेंगे जबकि स्वच्छता सर्वे 4 जनवरी से शुरू होना है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगरपालिका अधिकारियों की लेट लतीफी के कारण शहर को बेहतर स्वच्छता रैंकिंग कैसे मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर लेटलतीफी के चलते नगर पालिका ने वीरवार को डोर टू डोर कूड़ा उठाने के टेंडर लगा दिए हैं।
10 लाख का बढ़ेगा खर्च
शहर में हर रोज करीब 5 टन कचरा निकलता है। इसके निपटान के लिए शहर नपा हर माह 28 लाख रुपये खर्च करता है। वहीं अब डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए 10 लाख रुपये का खर्च बढ़ जाएगा। डस्टबीन पर भी नपा के द्वारा करीब 15 लाख रुपये का खर्च किया जा रहा है। वहीं नपा के द्वारा अभी तक डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए शहरवासियों पर कोई शुल्क नहीं रखा है।
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट अभी नहीं
नपा के पास कूड़ा निस्तारण के लिए कोई प्लान नहीं है। वर्तमान में नपा अधिकारियों के द्वारा शहर के कूड़े को ऊटलौदा गांव में भेजा जा रहा है। जहां के किसान भी इस डंपिंग यार्ड की वजह से परेशान हैं। स्वच्छता सर्वे के दौरान सभी प्वाइंट के आधार पर शहर की रैंकिंग तय की जाएगी। ऐसे में नपा के अधिकारियों को भी इस बिंदु पर कार्य करना चाहिए।
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अभी ये है शहर का हाल
वर्तमान में शहर की सफाई के लिए केवल 146 कर्मचारी कार्यरत हैं। डस्टबिन के अभाव में शहर के अनेक स्थानों पर कूड़े के ढे़र लगे रहते हैं। वहीं कूड़ायुुक्त डस्टबिन को उठाने के लिए भी नपा के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। स्वच्छता सर्वे में इस समय 7 दिन शेष हैं, अगर नपा के अधिकरियों ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो शहर रैंकिंग में पिछड़ जाएगा।
-वर्जन
शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठान व डस्टबिन खरीद के लिए टेंडर लगा दिए गए हैं। 10 जनवरी तक दोनों ही योजनाओं पर अमलीजामा पहना दिया जाएगा। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए वे पूरा प्रयास कर रहे हैं। स्वच्छता के लिए जरूरी दूसरे पहलुओं पर भी गौर किया जाएगा।
-नरेंद्र सैनी, सचिव, नपा झज्जर।
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लेटलतीफी की हद : सात दिन बाद स्वच्छता सर्वे और 12 दिन बाद खुलेंगे डस्टबिन के टेंडर
स्वच्छता रैंकिंग में नगर पालिका अधिकारियों की लेटलतीफी पड़ सकती है भारी
डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए नपा ने छोड़ा टेंडर