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नहीं हुई सुनवाई तो थाने में ही धरना दे बैठे प्लॉट धारक
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नहीं हुई सुनवाई तो प्लॉट धारक थाने में ही धरना पर बैठे
बहादुरगढ़। गांव कानोन्दा में जमीन को लेकर चल रहा जमींदार और प्लॉट धारकों का विवाद अभी थम नहीं सका है। शनिवार को भी दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया, लेकिन एक पक्ष से जमींदार नहीं आया। ऐसे में पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट प्लॉट धारक सदर थाने में धरना देकर बैठ गए। प्लॉट धारकों ने पुलिस पर भी मामले में कार्रवाई में अनदेखी के आरोप लगाए।
करीब छह वर्ष पुराने जमीन संबंधी विवाद में प्लॉट धारक लगातार पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं। केस दर्ज नहीं हुआ तो इन लोगों ने गत 13 फरवरी को सीएम विंडो में शिकायत दे दी। अब सीएम विंडो से यह शिकायत सदर थाने में फारवर्ड हुई तो दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया। शनिवार को प्लॉट धारक थाने में पहुंच गए लेकिन दूसरी पार्टी नहीं आई। प्लॉट धारकों ने पुलिस से बातचीत की तो पुलिसकर्मी यही कहते रहे कि जमींदार का फोन बंद आ रहा है, टीम उसे लेने गई है। दोपहर तक भी दूसरी पार्टी नहीं आ पाई तो ये लोग थाना परिसर में ही धरना देकर बैठ गए और बोले कि जब तक उनकी सुनवाई नहीं होती वे यहां से नहीं जाएंगे।
थाने में पहुंचे कैलाश चंद, दीपक आदि ने कहा कि पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया था। वे तो समय पर पहुंच गए थे लेकिन दो जमींदारों में से एक नहीं आया। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में शुरू से ही ढीला बर्ताव कर रही है। पहले केस दर्ज नहीं किया था तो उन्होंने सीएम विंडो में शिकायत दी थी लेकिन अब भी यही हाल है। हम सभी लोग मेहनत-मजदूरी करने वाले हैं। पाई-पाई कर उन्होंने प्लॉट लिया, लेकिन अब जमींदार उनका हक नहीं दे रहे। पुलिस तो कुछ कार्रवाई कर नहीं रही है, इसलिए अब अदालत में जाने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं बचा है।
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ये है मामला
दरअसल, दिल्ली के निवासी डीलर विजय कुमार ने वर्ष-2013 में गांव कानोन्दा के दो जमींदार भाइयों के साथ मिलकर कॉलोनी काटी थी। विजय के संपर्क में आए दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 70 से 80 लोगों ने अपने प्लॉट बुक कराए। रुपये भी पूरे जमा करा दिए लेकिन प्लॉटों की रजिस्ट्री नहीं हुई। कुछ समय इंतजार करने के बाद प्लॉट धारकों ने डीलर से संपर्क तो इन्हें थोड़ा और समय दिया गया। उसके बाद डीलर विजय कुमार की मौत हो गई। तब ये यह मामला अटका हुआ है। धारकों को उनके प्लॉट नहीं मिल पाए हैं।
अधिकारी बोले
मामला जमीन से जुड़ा हुआ है। दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया था। एक जमींदार थाने नहीं आया। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो कुछ सामने आता है, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-सज्जन सिंह
एसएचओ, सदर थाना बहादुरगढ़
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बहादुरगढ़। गांव कानोन्दा में जमीन को लेकर चल रहा जमींदार और प्लॉट धारकों का विवाद अभी थम नहीं सका है। शनिवार को भी दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया, लेकिन एक पक्ष से जमींदार नहीं आया। ऐसे में पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट प्लॉट धारक सदर थाने में धरना देकर बैठ गए। प्लॉट धारकों ने पुलिस पर भी मामले में कार्रवाई में अनदेखी के आरोप लगाए।
करीब छह वर्ष पुराने जमीन संबंधी विवाद में प्लॉट धारक लगातार पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं। केस दर्ज नहीं हुआ तो इन लोगों ने गत 13 फरवरी को सीएम विंडो में शिकायत दे दी। अब सीएम विंडो से यह शिकायत सदर थाने में फारवर्ड हुई तो दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया। शनिवार को प्लॉट धारक थाने में पहुंच गए लेकिन दूसरी पार्टी नहीं आई। प्लॉट धारकों ने पुलिस से बातचीत की तो पुलिसकर्मी यही कहते रहे कि जमींदार का फोन बंद आ रहा है, टीम उसे लेने गई है। दोपहर तक भी दूसरी पार्टी नहीं आ पाई तो ये लोग थाना परिसर में ही धरना देकर बैठ गए और बोले कि जब तक उनकी सुनवाई नहीं होती वे यहां से नहीं जाएंगे।
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थाने में पहुंचे कैलाश चंद, दीपक आदि ने कहा कि पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया था। वे तो समय पर पहुंच गए थे लेकिन दो जमींदारों में से एक नहीं आया। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में शुरू से ही ढीला बर्ताव कर रही है। पहले केस दर्ज नहीं किया था तो उन्होंने सीएम विंडो में शिकायत दी थी लेकिन अब भी यही हाल है। हम सभी लोग मेहनत-मजदूरी करने वाले हैं। पाई-पाई कर उन्होंने प्लॉट लिया, लेकिन अब जमींदार उनका हक नहीं दे रहे। पुलिस तो कुछ कार्रवाई कर नहीं रही है, इसलिए अब अदालत में जाने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं बचा है।
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ये है मामला
दरअसल, दिल्ली के निवासी डीलर विजय कुमार ने वर्ष-2013 में गांव कानोन्दा के दो जमींदार भाइयों के साथ मिलकर कॉलोनी काटी थी। विजय के संपर्क में आए दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 70 से 80 लोगों ने अपने प्लॉट बुक कराए। रुपये भी पूरे जमा करा दिए लेकिन प्लॉटों की रजिस्ट्री नहीं हुई। कुछ समय इंतजार करने के बाद प्लॉट धारकों ने डीलर से संपर्क तो इन्हें थोड़ा और समय दिया गया। उसके बाद डीलर विजय कुमार की मौत हो गई। तब ये यह मामला अटका हुआ है। धारकों को उनके प्लॉट नहीं मिल पाए हैं।
अधिकारी बोले
मामला जमीन से जुड़ा हुआ है। दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया था। एक जमींदार थाने नहीं आया। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो कुछ सामने आता है, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-सज्जन सिंह
एसएचओ, सदर थाना बहादुरगढ़