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सिविल अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई काउंटर सुविधा शुरू, सात कैटेगरी को निशुल्क मिलेगा लाभ
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने सीटी स्कैन और एमआरआई काउंटर सुविधा मंगलवार से शुरू कर दी है। पहले ही दिन पांच मरीजों ने इस सेवा का लाभ उठाया। सिविल अस्पताल में स्थापित काउंटर से मरीज को रेफर पर्ची बनाकर दी गई और इसे ले जाकर उन्होंने भिवानी सिविल अस्पताल में सीटी स्कैन व एमआरआई कराया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सात कैटेगरी के लिए यह सुविधा निशुल्क रहेगी जबकि अन्य को इसके लिए निर्धारित शुल्क देना पड़ेगा। कोई सड़क दुर्घटना में घायल है तो उसे भिवानी तक की एंबुलेंस सेवा भी निशुल्क दी जाएगी।
चरखी दादरी शहर की बात करें तो सिविल के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा नहीं है। इसके चलते 172 गांवों के लोग अन्य जिलों पर ही निर्भर है। जिला मुख्यालय अस्पताल में भी इस सुविधा के लिए अब तक कोई काउंटर नहीं था। इसके चलते मरीजों को भिवानी सिविल अस्पताल, पीजीआई रोहतक या हिसार जैसे शहर के निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था। भिवानी सिविल अस्पताल में जाने वाले मरीजों को पहले नंबर लगवाना पड़ता था। इस प्रक्रिया के दो से तीन दिन बाद उनका सीटी स्कैन या एमआरआई की जाती थी। इसके चलते मरीजों को भिवानी के दो-तीन चक्कर काटने पड़ते थे। उनका काफी समय बर्बाद होता था। सिविल अस्पताल में सीटी स्कैन या एमआरआई की मशीन ही नहीं है। इस कारण विभाग ने जिले के मरीजों को इन सुविधाओं का लाभ देने के लिए भिवानी सिविल अस्पताल से टाइअप किया है। इसके तहत अब सिविल अस्पताल में ही एक काउंटर शुरू किया गया है। मंगलवार को सीएमओ विरेंद्र यादव ने इसकी शुरूआत कर दी। पहले दिन पांच मरीजों का सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए काउंटर से नंबर लगाया गया और भिवानी जाते ही उनके टेस्ट हो गए।
आधार कार्ड के साथ लाना होगा जाति प्रमाण पत्र
सीएमओ विरेंद्र यादव ने बताया कि बीपीएल, एससी, हरियाणा सरकार के कर्मचारी, दिव्यांग, सड़क दुर्घटना में घायल, गरीब परिवार व ईबीपीजीसी कैटेगरी का सीटी स्कैन या एमआरआई निशुल्क की जाएगी। इसका लाभ लेने के लिए मरीज को आधार कार्ड के साथ जाति प्रमाण पत्र या कैटेगरी से संबंधी पत्र साथ लाना होगा। अन्य सभी मरीजों के लिए सीटी स्कैन 910 रुपये से और एमआरआई 2250 रुपये से शुरू होगी और शरीर के अंग के अनुसार इनका शुल्क लगेगा।
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ओपीडी कक्ष के 22 नंबर कमरे में करें संपर्क
स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी कक्ष (पुरानी बिल्डिंग) के कमरा नंबर 22 में सीटी स्कैन और एमआरआई काउंटर स्थापित किया है। तीमारदार मरीज को यहां लेकर आए। यहां रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मरीज को नंबर अलॉट हो जाएगा और फिर भिवानी जाते ही वह अपना टेस्ट करवा सकता है। एसएमओ अनीता गुलिया को सीएमओ विरेंद्र यादव ने नोडल अधिकारी बनाया है।
सिविल अस्पताल के ओपीडी कक्ष में हमने काउंटर स्थापित करवा दिया है। यहां एक कर्मचारी की तैनाती की गई है जो रजिस्ट्रेशन कराने वाले मरीज का भिवानी नंबर लगवा देगा। वहां जाते ही मरीज अपने दोनों प्रकार के टेस्ट करवा सकता है। सात कैटेगरी के लिए यह सेवा निशुल्क रहेगी। - डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन
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चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने सीटी स्कैन और एमआरआई काउंटर सुविधा मंगलवार से शुरू कर दी है। पहले ही दिन पांच मरीजों ने इस सेवा का लाभ उठाया। सिविल अस्पताल में स्थापित काउंटर से मरीज को रेफर पर्ची बनाकर दी गई और इसे ले जाकर उन्होंने भिवानी सिविल अस्पताल में सीटी स्कैन व एमआरआई कराया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सात कैटेगरी के लिए यह सुविधा निशुल्क रहेगी जबकि अन्य को इसके लिए निर्धारित शुल्क देना पड़ेगा। कोई सड़क दुर्घटना में घायल है तो उसे भिवानी तक की एंबुलेंस सेवा भी निशुल्क दी जाएगी।
चरखी दादरी शहर की बात करें तो सिविल के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा नहीं है। इसके चलते 172 गांवों के लोग अन्य जिलों पर ही निर्भर है। जिला मुख्यालय अस्पताल में भी इस सुविधा के लिए अब तक कोई काउंटर नहीं था। इसके चलते मरीजों को भिवानी सिविल अस्पताल, पीजीआई रोहतक या हिसार जैसे शहर के निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था। भिवानी सिविल अस्पताल में जाने वाले मरीजों को पहले नंबर लगवाना पड़ता था। इस प्रक्रिया के दो से तीन दिन बाद उनका सीटी स्कैन या एमआरआई की जाती थी। इसके चलते मरीजों को भिवानी के दो-तीन चक्कर काटने पड़ते थे। उनका काफी समय बर्बाद होता था। सिविल अस्पताल में सीटी स्कैन या एमआरआई की मशीन ही नहीं है। इस कारण विभाग ने जिले के मरीजों को इन सुविधाओं का लाभ देने के लिए भिवानी सिविल अस्पताल से टाइअप किया है। इसके तहत अब सिविल अस्पताल में ही एक काउंटर शुरू किया गया है। मंगलवार को सीएमओ विरेंद्र यादव ने इसकी शुरूआत कर दी। पहले दिन पांच मरीजों का सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए काउंटर से नंबर लगाया गया और भिवानी जाते ही उनके टेस्ट हो गए।
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आधार कार्ड के साथ लाना होगा जाति प्रमाण पत्र
सीएमओ विरेंद्र यादव ने बताया कि बीपीएल, एससी, हरियाणा सरकार के कर्मचारी, दिव्यांग, सड़क दुर्घटना में घायल, गरीब परिवार व ईबीपीजीसी कैटेगरी का सीटी स्कैन या एमआरआई निशुल्क की जाएगी। इसका लाभ लेने के लिए मरीज को आधार कार्ड के साथ जाति प्रमाण पत्र या कैटेगरी से संबंधी पत्र साथ लाना होगा। अन्य सभी मरीजों के लिए सीटी स्कैन 910 रुपये से और एमआरआई 2250 रुपये से शुरू होगी और शरीर के अंग के अनुसार इनका शुल्क लगेगा।
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ओपीडी कक्ष के 22 नंबर कमरे में करें संपर्क
स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी कक्ष (पुरानी बिल्डिंग) के कमरा नंबर 22 में सीटी स्कैन और एमआरआई काउंटर स्थापित किया है। तीमारदार मरीज को यहां लेकर आए। यहां रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मरीज को नंबर अलॉट हो जाएगा और फिर भिवानी जाते ही वह अपना टेस्ट करवा सकता है। एसएमओ अनीता गुलिया को सीएमओ विरेंद्र यादव ने नोडल अधिकारी बनाया है।
सिविल अस्पताल के ओपीडी कक्ष में हमने काउंटर स्थापित करवा दिया है। यहां एक कर्मचारी की तैनाती की गई है जो रजिस्ट्रेशन कराने वाले मरीज का भिवानी नंबर लगवा देगा। वहां जाते ही मरीज अपने दोनों प्रकार के टेस्ट करवा सकता है। सात कैटेगरी के लिए यह सेवा निशुल्क रहेगी। - डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन