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सीएचसी पर तीन सालों में खर्च हुए बजट की विजीलेंस जांच कराने की मांग, सीएम विंडो पर की शिकायत
Updated Thu, 04 Oct 2018 01:20 AM IST
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बौंदकलां। राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बौंदकलां में वर्ष 2015 से लेकर 2017 तक खर्च किए गए बजट में धांधली का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच स्टेट विजिलेंस से करवाने को लेकर सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई है।
अमित परमार निवासी बौंदकलां ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 से लेकर 2017 तक का स्वास्थ्य कल्याण समिति और मरीजों की सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजे गए बजट में स्वास्थ्य अधिकारियों ने मिलीभगत करके झूठे बिल बनाकर धांधली करके पै से का दुरपयोग किया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब मैंने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत 2015 व 2016 में हुए खर्च की जानकारी मांगी। सिविल सर्जन भिवानी और चिकित्सक अधिकारी सीएचसी बौंदकलां ने झूठे बिल बनवाए कि सीएचसी में रंग रोगन का कार्य हुआ है जबकि रंग रोगन करवाने की जानकारी के लिए न तो विज्ञापन दिया गया और न ही ऑक्षन की गई। सूचना के अधिकार के तहत जो बिल की सत्यापित प्रति दी गई है वो सभी फर्जी तरीके से तैयार किए गए हैं। वे बिल बिना टीन नंबर के है। बिलों में वस्तुओं की कीमत उनकी बाजार कीमत से बहुत अधिक दिखाई गई है।
बकौल अमित, इसके बाद मैंने वर्ष 2017 में स्वास्थ्य कल्याण समिति का बजट व सरकार द्वारा सीएचसी में मरीजों की सुविधाओं के लिए भेजी गई राशि कहां पर खर्च की गई है। इसके बारे में जन सूचना अधिकार के तहत सूचना मांगी थी लेकिन विभाग ने ये जानकारी मुझे नहीं दी। इसकी शिकायत मैंने सिविल सर्जन भिवानी प्रथम अपीलय अधिकारी को की लेकिन सिविल सर्जन कार्यालय ने भी कोई जानकारी नहीं दी। पीड़ित ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर वर्ष 2015 से लेकर 2017 के बजट की जांच स्टेट विजिलेंस से करवाने की मांग की है।
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अमित परमार निवासी बौंदकलां ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 से लेकर 2017 तक का स्वास्थ्य कल्याण समिति और मरीजों की सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजे गए बजट में स्वास्थ्य अधिकारियों ने मिलीभगत करके झूठे बिल बनाकर धांधली करके पै से का दुरपयोग किया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब मैंने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत 2015 व 2016 में हुए खर्च की जानकारी मांगी। सिविल सर्जन भिवानी और चिकित्सक अधिकारी सीएचसी बौंदकलां ने झूठे बिल बनवाए कि सीएचसी में रंग रोगन का कार्य हुआ है जबकि रंग रोगन करवाने की जानकारी के लिए न तो विज्ञापन दिया गया और न ही ऑक्षन की गई। सूचना के अधिकार के तहत जो बिल की सत्यापित प्रति दी गई है वो सभी फर्जी तरीके से तैयार किए गए हैं। वे बिल बिना टीन नंबर के है। बिलों में वस्तुओं की कीमत उनकी बाजार कीमत से बहुत अधिक दिखाई गई है।
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बकौल अमित, इसके बाद मैंने वर्ष 2017 में स्वास्थ्य कल्याण समिति का बजट व सरकार द्वारा सीएचसी में मरीजों की सुविधाओं के लिए भेजी गई राशि कहां पर खर्च की गई है। इसके बारे में जन सूचना अधिकार के तहत सूचना मांगी थी लेकिन विभाग ने ये जानकारी मुझे नहीं दी। इसकी शिकायत मैंने सिविल सर्जन भिवानी प्रथम अपीलय अधिकारी को की लेकिन सिविल सर्जन कार्यालय ने भी कोई जानकारी नहीं दी। पीड़ित ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर वर्ष 2015 से लेकर 2017 के बजट की जांच स्टेट विजिलेंस से करवाने की मांग की है।
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