{"_id":"5a85e6ba4f1c1b4d588b8be0","slug":"121518724794-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा नेताओं के दावे निकले खोखले: झज्जर से केवल 900 बाइक पहुंची जींद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा नेताओं के दावे निकले खोखले: झज्जर से केवल 900 बाइक पहुंची जींद
Updated Fri, 16 Feb 2018 01:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
जींद में अमित शाह की रैली को लेकर भाजपा नेताओं के द्वारा किए गए दावे वीरवार को खोखले नजर आए। भाजपा नेताओं के द्वारा दावा किया गया था कि झज्जर से पांच हजार बाइक रैली में जाएंगी। लेकिन वीरवार को अमर उजाला ने पड़ताल की तो सामने आया कि झज्जर क्षेत्र से करीब 900 बाइक ही जींद रैली में पहुंची।
रैली के लिए भाजपा के द्वारा हर बूथ से 10 बाइक जींद पहुंचाने का भी दावा किया गया था। जोकि पूरी तरह से खोखला साबित हुआ। वहीं, एक महिला नेत्री द्वारा ले जाए जा रहे कुछ लोग शहर के धौड़ चौक पेट्रोल पंप से फ्री में तेल न मिलने के कारण वापस घर लौट गए। जिनका कहना था कि नेत्री ने उन्हें कहा था कि उन्हें इस पंप से तेल मिल जाएगा, लेकिन उन्होंने पंप पर मौजूद कारिंदों की बात कराई तो तेल नहीं मिला।
इनेलो नेताओं ने दिखाए काले झंडे
झज्जर क्षेत्र से रोहतक होकर जींद जाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को इनेलो कार्यकर्ताओं ने बिरधाना गांव के नजदीक हाईवे पर काले झंडे दिखाए। काले झंडे दिखाने वाले इनेलो कार्यकर्ताओं का नेतृत्व युवा जिला प्रधान उपेंद्र कादियान ने किया। कादियान ने कहा कि इनेलो ने शाह का जींद आने पर पहले ही विरोध करने का फैसला कर लिया था क्योंकि शाह जब-जब प्रदेश में आए हैं, तब-तब सामाजिक तानाबाना खराब हुआ है। झंडे दिखाने वालों में पार्षद हरेंद्र सिलाना, हलका प्रधान राकेश जाखड़, पवन धनखड़, नरेश धौड़, शीला फौगाट सहित काफी कार्यकर्ता शामिल रहे।
विज्ञापन
कार्यालयों में रहा कामकाज ठप्प
रैली के मध्येनजर कानून व्यवस्था को संभालने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा 81 अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था। इसके चलते सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। नगरपालिका के सचिव को बाढसा में तैनात किया गया था, जिसके चलते नपा में आने वाले शहर के लोगों को निराशा ही हाथ लगी। वहीं, सचिवालय के भी अधिकांश कार्यालयों में अधिकारी नहीं मिलने के कारण लोगों को वापस लौटना पड़ा।
14 एंबुलेंस रही जिले में तैनात
रैली के चलते जिला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 14 एंबुलेंस को अलग-अलग स्थानों पर तैनात रखा गया। दो एंबुलेंस छुछकवास चौक, दो डीघल चौक, एक दुजाना चौक, एक कुलाना चौक, दो बादली बाईपास, दो पुराना बस स्टैंड, एक एसडीएम कार्यालय, एक रेलवे स्टेशन बहादुरगढ़ व एक शहर और एक एंबुलेंस को सेक्टर-9 बहादुरगढ़ में तैनात किया गया था।
बिना हेलमेट के थे अधिकतर कार्यकर्त्ता
जींद रैली में जाने वाले नेताओं ने तो हेलमेट लगा रखे थे लेकिन अधिकांश कार्यकर्ता बिना हेलमेट के ही रैली के लिए रवाना हुआ। हालांकि जींद रैली के लिए शहर के एक निजी बैंक्वेट हाल में मंत्री ओपी धनखड़ ने मीटिंग ली थी। इसमें उन्होंने लोगों को नियम-कायदों का पाठ पढ़ाया था। जोकि वीरवार के दिन अधिकांश कार्यकर्ताओं को याद नहीं रहा।
विज्ञापन
झज्जर।
जींद में अमित शाह की रैली को लेकर भाजपा नेताओं के द्वारा किए गए दावे वीरवार को खोखले नजर आए। भाजपा नेताओं के द्वारा दावा किया गया था कि झज्जर से पांच हजार बाइक रैली में जाएंगी। लेकिन वीरवार को अमर उजाला ने पड़ताल की तो सामने आया कि झज्जर क्षेत्र से करीब 900 बाइक ही जींद रैली में पहुंची।
रैली के लिए भाजपा के द्वारा हर बूथ से 10 बाइक जींद पहुंचाने का भी दावा किया गया था। जोकि पूरी तरह से खोखला साबित हुआ। वहीं, एक महिला नेत्री द्वारा ले जाए जा रहे कुछ लोग शहर के धौड़ चौक पेट्रोल पंप से फ्री में तेल न मिलने के कारण वापस घर लौट गए। जिनका कहना था कि नेत्री ने उन्हें कहा था कि उन्हें इस पंप से तेल मिल जाएगा, लेकिन उन्होंने पंप पर मौजूद कारिंदों की बात कराई तो तेल नहीं मिला।
विज्ञापन
इनेलो नेताओं ने दिखाए काले झंडे
झज्जर क्षेत्र से रोहतक होकर जींद जाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को इनेलो कार्यकर्ताओं ने बिरधाना गांव के नजदीक हाईवे पर काले झंडे दिखाए। काले झंडे दिखाने वाले इनेलो कार्यकर्ताओं का नेतृत्व युवा जिला प्रधान उपेंद्र कादियान ने किया। कादियान ने कहा कि इनेलो ने शाह का जींद आने पर पहले ही विरोध करने का फैसला कर लिया था क्योंकि शाह जब-जब प्रदेश में आए हैं, तब-तब सामाजिक तानाबाना खराब हुआ है। झंडे दिखाने वालों में पार्षद हरेंद्र सिलाना, हलका प्रधान राकेश जाखड़, पवन धनखड़, नरेश धौड़, शीला फौगाट सहित काफी कार्यकर्ता शामिल रहे।
विज्ञापन
कार्यालयों में रहा कामकाज ठप्प
रैली के मध्येनजर कानून व्यवस्था को संभालने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा 81 अधिकारियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था। इसके चलते सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। नगरपालिका के सचिव को बाढसा में तैनात किया गया था, जिसके चलते नपा में आने वाले शहर के लोगों को निराशा ही हाथ लगी। वहीं, सचिवालय के भी अधिकांश कार्यालयों में अधिकारी नहीं मिलने के कारण लोगों को वापस लौटना पड़ा।
14 एंबुलेंस रही जिले में तैनात
रैली के चलते जिला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 14 एंबुलेंस को अलग-अलग स्थानों पर तैनात रखा गया। दो एंबुलेंस छुछकवास चौक, दो डीघल चौक, एक दुजाना चौक, एक कुलाना चौक, दो बादली बाईपास, दो पुराना बस स्टैंड, एक एसडीएम कार्यालय, एक रेलवे स्टेशन बहादुरगढ़ व एक शहर और एक एंबुलेंस को सेक्टर-9 बहादुरगढ़ में तैनात किया गया था।
बिना हेलमेट के थे अधिकतर कार्यकर्त्ता
जींद रैली में जाने वाले नेताओं ने तो हेलमेट लगा रखे थे लेकिन अधिकांश कार्यकर्ता बिना हेलमेट के ही रैली के लिए रवाना हुआ। हालांकि जींद रैली के लिए शहर के एक निजी बैंक्वेट हाल में मंत्री ओपी धनखड़ ने मीटिंग ली थी। इसमें उन्होंने लोगों को नियम-कायदों का पाठ पढ़ाया था। जोकि वीरवार के दिन अधिकांश कार्यकर्ताओं को याद नहीं रहा।