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मेट्रो की दस्तक से पहले ही सरकारी जमीन पर हुए कब्जे शुरू

Rohtak Bureau Updated Thu, 08 Feb 2018 01:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
मेट्रो की दस्तक से पहले ही रोहतक-दिल्ली रोड पर मेट्रो स्टेशनों के पास अवैध कब्जे शुरू हो गए हैं। कुछ प्रभावी लोग सरकारी जमीन पर कब्जे करके मुनाफा कमा रहे हैं। ये लोग पहले जमीन पर कब्जा करते हैं, फिर उस पर दुकान बनाते हैं और कुछ दिन चलाने के बाद उसे किराये पर दे देते हैं। सिटी पार्क मेट्रो स्टेशन से लेकर देवीलाल पार्क की दूसरी पुलिया तक 9 अस्थाई दुकानें बनाई जा चुकी हैं तो 20 दुकानें और बनाई जा रही हैं। प्रशासन की चुप्पी कब्जाधारियों के हौसले बुलंद कर रही है।
बहादुरगढ़-मुंडका रूट पर मेट्रो प्रोजेक्ट लगभग पूरा हो चुका है। मार्च के अंत तक मेट्रो के चलने की संभावना है। मेट्रो आएगी तो कारोबार बढ़ेगा, इसलिए मेट्रो स्टेशनों के आसपास रेस्टोरेंट व शॉपिंग कांप्लेक्स आदि प्रतिष्ठानों की संख्या भी बढ़ने लगी है। साथ ही अवैैध कब्जे भी पनपने शुरू हो गए हैं। दरअसल, इस रूट का अंतिम मेट्रो स्टेशन (सिटी पार्क) बाजारी क्षेत्र से बाहर है। कब्जाधारियों को यह क्षेत्र काफी भा रहा है। कुछ महीनों पहले स्टेशन के पास पार्क किनारे ही दो-तीन अस्थाई दुकानें बनी थी। मगर इन अवैध अस्थाई दुकानों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।

नौ अवैध दुकान तैयार, 20 की तैयारी
मेट्रो स्टेशन से लेकर पार्क की दूसरी पुलिया तक नौ अस्थाई दुकानें (खोखे) तैयार हो चुके हैं, इनमें से पांच में तो काम चल रहा है। जबकि 20 नई अवैध दुकानें तैयार की जा रही हैं। ये तमाम खोखे-झुग्गी नाले के ऊपर व पार्क के साथ लगती जमीन पर बनाए जा रहे हैं। यहां सरकारी जमीन पर कब्जों की समस्या तो ही। इसके अलावा शहर की रौनक बढ़ाने वाले देवीलाल पार्क की सौंदर्यता भी दब गई है। इन दुकानों के बाहर जो अवैध पार्किंग बनती है, वो भी एक समस्या है। शहर में अवैध कब्जों की समस्या बेहद पुरानी रही है। अब यहां भी एक के बाद एक अवैध कब्जे हो रहे हैं। मुख्य मार्ग होने के चलते अक्सर यहां से अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है। फिर भी अधिकारियों की नजर इन पर नहीं पड़ रही। प्रशासन की यह चुप्पी कब्जाधारियों को हौसला बढ़ा रही है।

पहले करते हैं कब्जा फिर देते हैं किराये पर
मुनाफा कमाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया जा रहा है। लोग पहले जगह देख जाते हैं। फिर रात के अंधेरे में वहां बांस-बल्ली लगाकर उस पर अपना कब्जा कर जाते हैं। कुछ दिनों बाद वहां दुकान को तैयार करते हैं। इसके बाद कुछ दिन तक वहां खाने-पीने की दुकानें लगाकर रुपया कमाते हैं। फिर प्रवासियों या किसी जरूरतमंद को इस साइट को किराये पर दे देते हैं। एक दुकानदार ने बताया कि उसने कुछ दिनों पहले ही यह खोखा बहादुरगढ़ निवासी एक व्यक्ति से किराये पर लिया है। फिलहाल 12 हजार रुपये प्रति महीना किराया तय हुआ है। एक संचालक से परमिशन लेने के बारे में पूछा गया तो बोला कि उसने किसी से परमिशन नहीं ली। फिलहाल 20 दिन से वह दुकान चला रहा है। अभी तक तो कोई रोकने टोकने नहीं आया।

एसडीएम से सवाल-जवाब
सवाल : आपके शहर में अवैध कब्जे बढ़ रहे हैं, कार्रवाई क्यों नहीं होती?
जवाब : अवैध कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पहले भी कार्रवाई हुई है आगे भी होगी।
सवाल : सिटी पार्क स्टेशन के पास अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं।
जवाब : यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है, जांच की जाएगी।
सवाल : वहां कुछ लोग कब्जे करके दुकान बनाते हैं फिर उसे किराये पर दे रहे हैं।
जवाब : ऐसे लोगों के बारे में पता लगाकर उन पर कार्यवाही की जाएगी।
सवाल : सिटी पार्क मेट्रो स्टेशन के पास हुए कब्जों के मामले में अब क्या होगा?
जवाब : जांच की जाएगी। जरूरत पड़ी तो वह खुद वहां जाएंगे। जल्द ही कब्जे हटवाए जाएंगे।

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