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नाम की रही डाक्टरों की हड़ताल, सभी जगह जांची गई मरीजों की नब्ज

Wed, 03 Jan 2018 01:33 AM IST
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:33 AM IST
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नाम की रही डाक्टरों की हड़ताल, सभी जगह जांची गई मरीजों की नब्ज
अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को पूरे देश में हड़ताल का ऐलान किया गया था। शहर में भी प्राइवेट डॉक्टरों ने हड़ताल रखी। मगर यह दिखावे भर की रही। सभी जगह डॉक्टर इमरजेंसी का बहाना बनाकर मरीजों की जांच करते रहे। इससे कहीं पर भी कोई असर नहीं दिखा। नागरिक अस्पताल में रोजाना की तरह ओपीडी लगी। मरीजों की संख्या भी हर रोज जितनी ही रही। कुछ खास असर हड़ताल का कहीं देखने को नहीं मिला।
अमर उजाला की टीम ने कई प्राइवेट अस्पतालों और क्लीनिकों पर जाकर लाइव किया। एकाध क्लीनिक को छोड़ दिया जाए तो सभी मरीजों की जांच करते नजर आए। शहर के बड़े व नामी अस्पतालों में हड़ताल का कोई असर नहीं था। नामी अस्पतालों में डॉक्टरों ने इमरजेंसी का बहाना बनाया और मरीजों की जांच की। खास बात यह रही कि उनसे पूरी फीस वसूली गई। शहर में आईएमए की हड़ताल न के बराबर रही।
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बहादुरगढ़ में 10 बड़े अस्पताल और 70 क्लीनिक
शहर में 10 बड़े और नामी अस्पताल हैं। इनमें सैकड़ों की संख्या में वरिष्ठ और जूनियर डॉक्टरों के अलावा काफी कर्मचारी काम करते हैं। इसी तरह क्लीनिकों की संख्या भी कोई कम नहीं है। केवल शहर में क्लीनिकों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो यह आंकड़ा 70 के पार है। इस तरह इन अस्पतालों पर क्लीनिक संचालकों के पास प्रतिदिन हजारों मरीज पहुंचते हैं। मंगलवार को भी मरीजों को जांचने का सिलसिला इसी तरह चलता रहा। डॉक्टर केवल नाम की हड़ताल पर रहे।
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यह हैं डॉक्टरों की मांग
पिछले कुछ समय से प्राइवेट अस्पतालों व क्लीनिक संचालक क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट को लेकर कड़ा विरोध जता रहे हैं। एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों व सदस्यों ने मिलकर अध्यक्ष डॉ. प्रेम पुन्हानी की अध्यक्षता में मीटिंग की। मीटिंग में कहा गया कि इस एक्ट में आमजन विरोधी नीतियां है। इससे मरीजों को फायदा नहीं होगा बल्कि इलाज महंगा होगा। आईएमए ने जो सुझाव सरकार को दिए थे उन पर ध्यान नहीं दिया गया और केंद्र सरकार द्वारा तैयार ड्राफ्ट को ज्यों का त्यों लागू किया जा रहा है, जोकि गलत है।

नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन की तरह रही ओपीडी
नागरिक अस्पताल के प्रशासक डॉ. वीरेंद्र अहलावत का कहना है कि अस्पताल मेें आने वाले मरीजों की संख्या रोजाना आने वाले मरीजों के आसपास ही रही। अस्पताल में सभी डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की। मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई।

एक सप्ताह में इस तरह रही नागरिक अस्पताल में ओपीडी
तारीख मरीजों की संख्या
27 दिसंबर 892
28 दिसंबर 825
29 दिसंबर 795
30 दिसंबर 764
1 जनवरी 840
2 जनवरी 894
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