{"_id":"5cddc541bdec22073964f1c5","slug":"11558037825-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूमालिकों से पहले कारोबारियों को नोटिस देने की तैयारी में नगरपरिषद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूमालिकों से पहले कारोबारियों को नोटिस देने की तैयारी में नगरपरिषद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहादुरगढ़। दिल्ली बार्डर से सटी जटवाड़े की 150 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि पर अवैध रूप से बसाई पीवीसी मार्केट पर प्रशासन अब कार्रवाई के मूड में है। अब इस मामले में नगर परिषद दो दिन में कारोबारियों को मौके पर जाकर नोटिस जारी करेगा। बता दें कि इस मामले में एसडीएम तरुण पावरिया ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से संबंधित जमीन के मालिकों और किरायदारों का रिकॉर्ड तलब किया था।
व्यापारियों के बाद भू-मालिकों को भी मिलेगा नोटिस
नगर परिषद के सचिव मुकेश कुमार ने बताया कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट से भू मालिकों के ब्योरा मांगा है। जैसे ही भू मालिकों का डाटा नगर परिषद को मिल जाएगा उसके आधार पर भूमालिकों को भी नोटिस देने का काम शुरू किया जाएगा। वहीं नगर परिषद की इस कार्रवाई से व्यापारियों सहित भू मालिकों को दोहरा झटका लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
9 जनवरी को उठाया था मुद्दा
जटवाड़े की जमीन अवैध पीवीसी मार्केट के बसने का मुद्दा 9 जनवरी को अमर उजाला ने उठाया था। हालांकि अवैध पीवीसी मार्केट पर कार्रवाई के मामले में जिला प्रशासन तो कछुए की चाल चल रहा है लेकिन नगर परिषद ने थोड़ी तेजी दिखाई है। जबकि इस मामले में पहले भी ईपीएसए के चेयरमैन भी बहादुरगढ़ का दौरा कर चुके हैं। दौरे के दौरान उन्होंने इस पर कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था। अमर उजाला में लगातार खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया तो नगर परिषद ने नोटिस देने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
बिना सीएलयू के चल रहा धंधा
गौरतलब है कि पिछले दिनों ईपीसीए के चेयरमैन भूरे लाल ने बहादुरगढ़ में अवैध रूप से बसाई जा रही पीवीसी मार्केट पर संज्ञान लेते हुए कहा कि यह मार्केट कृषि भूमि पर बसाई जा रही है क्या इस मार्केट को बसाने से पहले सीएलयू ली गई थी। उन्होंने कहा था कि कृषि भूमि पर व्यवसायिक गतिविधि कैसे की जा रही है। इसकी अनुमति किसने दी है। अवैध पीवीसी मार्केट से शहर में प्रदूषण भी फैलने पर उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई कर रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाए। उन्होंने अधिकारियों को मार्केट को तुरंत हटाए जाने के निर्देश दिए थे।
ईपीसीए के चेयरमैन ने भी किया था दौरा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में अवैध रूप से बसाई पीवीसी मार्केट के मामले में ईपीसीए के चेयरमैन भूरे लाल ने 24 जनवरी को दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि लगातार सुर्खियों में बनी पीवीसी मार्केट बहादुरगढ़ में किसकी अनुमति से बसाई गई है। अमर उजाला की खबर पर संज्ञान लेते हुए ईपीसीए चेयरमैन भूरेलाल ने पीवीसी मार्केट के मामले में नगर परिषद के अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
इन अधिकारियों ने किया था दौरा
नगर परिषद के सचिव मुकेश कुमार, जेई दलबीर देशवाल और बीआई विवेक जैन ने पीवीसी मार्केट का दौरा भी किया था। यहां पर मार्केट में प्लास्टिक कचरे का काम कर रहे लोगों को निर्देश दिए थे कि जल्द ही इस अवैध मार्केट को यहां से हटा लिया जाए और कृषि योग्य जमीन पर जो कचरा डाला गया है उसे तुरंत हटाकर जमीन को खाली कर दी जाए, मगर इस तरह के निर्देशों पर मार्केट के दुकानदारों ने अमल नहीं किया।
दिन में कटती है प्लास्टिक, रात में जलाते है अवशेष
अवैध पीवीसी मार्केट में पूरे दिन मजदूरों से मशीन के जरिए प्लास्टिक को काटकर दाना तैयार किया जाता है। अंधेरा होते ही बचे हुए अवशेषों को जलाया जा रहा है। बचे हुए अवशेष को जलाने से रात के समय शहर का प्रदूषण लेवल बढ़ जाता है।
निजमापुर में बनाया है गोदाम
अवैध पीवीसी मार्केट में काम करने वाले कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भाई साहब यहां पर केवल कटाई सहित अन्य काम भी किया जाता है लेकिन असली माल तो निजमापुर के एक गोदाम में रखा जाता है। जहां से माल को लाकर यहां पर उसकी कटाई की जाती है। जब कर्मी से निजमापुर वाले गोदाम का पता पूछा गया तो वह सही पता नहीं बता पाया साथ ही उसने कहा कि भाई हम तो बाहर यहां काम करने आएं है निजामपुर में गोदाम किस जगह है यह तो बता पाना मुश्किल है।
दो दिन में मौके पर जाकर देंगे नोटिस
जटवाड़े की जमीन पर अवैध रूप से बसाई गई पीवीसी मार्केट के मामले में नगर परिषद कमर्शियल जमीन के उपयोग के मामले में मौके पर जाकर नोटिस जारी करेगा। यह नोटिस दो दिन में नगर परिषद की टीम मौके पर जाकर देगी। अगर व्यापारी अपने कारखाने या फैक्टरी को खुद हटा लेता है तो उस पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। - मुकेश कुमार, सचिव नगर परिषद।
विज्ञापन
व्यापारियों के बाद भू-मालिकों को भी मिलेगा नोटिस
नगर परिषद के सचिव मुकेश कुमार ने बताया कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट से भू मालिकों के ब्योरा मांगा है। जैसे ही भू मालिकों का डाटा नगर परिषद को मिल जाएगा उसके आधार पर भूमालिकों को भी नोटिस देने का काम शुरू किया जाएगा। वहीं नगर परिषद की इस कार्रवाई से व्यापारियों सहित भू मालिकों को दोहरा झटका लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन
9 जनवरी को उठाया था मुद्दा
जटवाड़े की जमीन अवैध पीवीसी मार्केट के बसने का मुद्दा 9 जनवरी को अमर उजाला ने उठाया था। हालांकि अवैध पीवीसी मार्केट पर कार्रवाई के मामले में जिला प्रशासन तो कछुए की चाल चल रहा है लेकिन नगर परिषद ने थोड़ी तेजी दिखाई है। जबकि इस मामले में पहले भी ईपीएसए के चेयरमैन भी बहादुरगढ़ का दौरा कर चुके हैं। दौरे के दौरान उन्होंने इस पर कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था। अमर उजाला में लगातार खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया तो नगर परिषद ने नोटिस देने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
बिना सीएलयू के चल रहा धंधा
गौरतलब है कि पिछले दिनों ईपीसीए के चेयरमैन भूरे लाल ने बहादुरगढ़ में अवैध रूप से बसाई जा रही पीवीसी मार्केट पर संज्ञान लेते हुए कहा कि यह मार्केट कृषि भूमि पर बसाई जा रही है क्या इस मार्केट को बसाने से पहले सीएलयू ली गई थी। उन्होंने कहा था कि कृषि भूमि पर व्यवसायिक गतिविधि कैसे की जा रही है। इसकी अनुमति किसने दी है। अवैध पीवीसी मार्केट से शहर में प्रदूषण भी फैलने पर उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई कर रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाए। उन्होंने अधिकारियों को मार्केट को तुरंत हटाए जाने के निर्देश दिए थे।
ईपीसीए के चेयरमैन ने भी किया था दौरा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में अवैध रूप से बसाई पीवीसी मार्केट के मामले में ईपीसीए के चेयरमैन भूरे लाल ने 24 जनवरी को दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि लगातार सुर्खियों में बनी पीवीसी मार्केट बहादुरगढ़ में किसकी अनुमति से बसाई गई है। अमर उजाला की खबर पर संज्ञान लेते हुए ईपीसीए चेयरमैन भूरेलाल ने पीवीसी मार्केट के मामले में नगर परिषद के अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
इन अधिकारियों ने किया था दौरा
नगर परिषद के सचिव मुकेश कुमार, जेई दलबीर देशवाल और बीआई विवेक जैन ने पीवीसी मार्केट का दौरा भी किया था। यहां पर मार्केट में प्लास्टिक कचरे का काम कर रहे लोगों को निर्देश दिए थे कि जल्द ही इस अवैध मार्केट को यहां से हटा लिया जाए और कृषि योग्य जमीन पर जो कचरा डाला गया है उसे तुरंत हटाकर जमीन को खाली कर दी जाए, मगर इस तरह के निर्देशों पर मार्केट के दुकानदारों ने अमल नहीं किया।
दिन में कटती है प्लास्टिक, रात में जलाते है अवशेष
अवैध पीवीसी मार्केट में पूरे दिन मजदूरों से मशीन के जरिए प्लास्टिक को काटकर दाना तैयार किया जाता है। अंधेरा होते ही बचे हुए अवशेषों को जलाया जा रहा है। बचे हुए अवशेष को जलाने से रात के समय शहर का प्रदूषण लेवल बढ़ जाता है।
निजमापुर में बनाया है गोदाम
अवैध पीवीसी मार्केट में काम करने वाले कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भाई साहब यहां पर केवल कटाई सहित अन्य काम भी किया जाता है लेकिन असली माल तो निजमापुर के एक गोदाम में रखा जाता है। जहां से माल को लाकर यहां पर उसकी कटाई की जाती है। जब कर्मी से निजमापुर वाले गोदाम का पता पूछा गया तो वह सही पता नहीं बता पाया साथ ही उसने कहा कि भाई हम तो बाहर यहां काम करने आएं है निजामपुर में गोदाम किस जगह है यह तो बता पाना मुश्किल है।
दो दिन में मौके पर जाकर देंगे नोटिस
जटवाड़े की जमीन पर अवैध रूप से बसाई गई पीवीसी मार्केट के मामले में नगर परिषद कमर्शियल जमीन के उपयोग के मामले में मौके पर जाकर नोटिस जारी करेगा। यह नोटिस दो दिन में नगर परिषद की टीम मौके पर जाकर देगी। अगर व्यापारी अपने कारखाने या फैक्टरी को खुद हटा लेता है तो उस पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। - मुकेश कुमार, सचिव नगर परिषद।