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शहर से सटती 400 घरों की आबादी को तीन दशक से पक्की गलियों का इंतजार

Sun, 03 Feb 2019 12:59 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 03 Feb 2019 12:59 AM IST
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शहर से सटती 400 घरों की आबादी को तीन दशक से पक्की गलियों का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। शहर के ढाणी रोड पर आबाद बस्ती में कच्ची गलियां होने से लोगों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने इस एरिया को नगर परिषद सीमा में शामिल करवाकर सड़क निर्माण करवाए जाने की मांग की है। इस बस्ती में तीन दशक से करीब 400 मकान बन गए हैं।
ढाणी रोड पर गांव ढाणी फौगाट की सीमा में शहर से सटी बस्ती है। इस बस्ती में लोग करीब तीन दशक से भी ज्यादा समय से रह रहे हैं लेकिन आज तक बस्ती के लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। कालोनी में सभी गलियां कच्ची पड़ी हैं। गलियां कच्ची होने से लोगों को आनेजाने में परेशानी बनी रहती है। बारिश होने पर तो हालात और भी खराब हो जाते हैं। दोपहिया वाहनों का भी गलियों से गुजरना मुश्किल हो जाता है। बारिश होने पर दूषित पानी का जमाव बन जाता है।
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महेंद्र सिंह, अश्विनी कुमार, रमेश कुमार और कृष्ण कुमार का कहना है कि इस एरिया को नियमित करने की जरूरत है ताकि यह क्षेत्र नगर परिषद के अधीन आ सके और यहां का विकास शुरू हो सके। उनका कहना है कि शहर से सटा होने की वजह से अब सरकार को इस क्षेत्र को नगर परिषद की सीमा में शामिल कर लेना चाहिए ताकि यहां सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं लोगों को मिल सके। ढाणी रोड के साथ-साथ गली संख्या तीन से 10 तक सर्वोदय स्कूल और आसपास के एरिया में करीब 400 की संख्या में मकान बने हैं। इन लोगों को काफी कठिनाई झेलनी पड़ रही है। इन लोगों का कहना है कि उनके मकान गांव ढाणी फौगाट की सीमा में जरूर है लेकिन आबादी शहर से सटती है। उनकी बस्ती का विकास गांव ढाणी फौगाट पंचायत की तरफ से भी नहीं करवाया जा रहा है। इन लोगों का तर्क है कि बिजली निगम ने यहां बिजली की सप्लाई भी कर रखी है। जनस्वास्थ्य विभाग ने पेयजल लाइनें भी बिछा रखी हैं लेकिन सड़कें आज तक नहीं बन पाई हैं। स्ट्रीट लाइटों की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में बस्ती निवासी बेहद दुविधा एवं परेशानी में हैं। सरकार को उनकी सुध लेनी चाहिए। इस वार्ड के पार्षद आनंद महराणा का कहना है कि सरकार को इस एरिया को एप्रूवड कर देना चाहिए ताकि लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। बिना एप्रूवड हुए सभी सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी।
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