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:: गेहूं की बिजाई में जुटे किसान
Updated Mon, 19 Nov 2018 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। जिले में गेहूं की बिजाई का काम जोरो पर है। 25 नवंबर तक किसान गेहूं की अगेती बिजाई कर सकते हैं। जिले में गेहूं की बिजाई का रकबा इस बार 40 हजार एकड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। किसान सरसों की बिजाई पिछले माह की कर चुके हैं। पछेती किस्मों की बिजाई 25 दिसंबर तक की जा सकेगी। जिले में गेहूं की बिजाई के काम में किसान दिन-रात जुटे हैं। तराई वाले एरिया में गेहूं की बिजाई करने में किसानों को आसानी हो रही है। इस एरिया में किसानों को गेहूं की बिजाई से पहले होने वाली सिंचाई करने की जरूरत नहीं है क्योंकि पहले से ही इस तराई एरिया में नमी ज्यादा मात्रा में बनी हुई है। बरानी एवं रेतीले क्षेत्र में किसानों को बिजाई से पहले खेत की सिंचाई करनी पड़ रही है तब जाकर गेहूं की बिजाई हो पा रही है।
किसान लीलाराम, रामकुमार, रोशनलाल व शमशेर सिंह ने बताया कि गेहूं की बिजाई का कार्य इस समय जोरों पर है। उन्होंने बताया कि बरानी एरिया में सिंचाई करके ही बिजाई करनी पड़ रही है। इस संबंध में कृषि विकास अधिकारी संदीप बूरा ने बताया कि किसान 25 नवंबर तक अगेती किस्मों की बिजाई कर सकते हैं। उसके बाद 25 दिसंबर तक पछेती किस्म की बिजाई की जा सकेगी। किसानों को चाहिए कि वे गेहूं की बिजाई करते समय निर्धारित मात्रा में ही डीएपी खाद डालें। गेहूं की पहली सिंचाई 25 से 30 दिन के बीच करनी होगी।
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चरखी दादरी। जिले में गेहूं की बिजाई का काम जोरो पर है। 25 नवंबर तक किसान गेहूं की अगेती बिजाई कर सकते हैं। जिले में गेहूं की बिजाई का रकबा इस बार 40 हजार एकड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। किसान सरसों की बिजाई पिछले माह की कर चुके हैं। पछेती किस्मों की बिजाई 25 दिसंबर तक की जा सकेगी। जिले में गेहूं की बिजाई के काम में किसान दिन-रात जुटे हैं। तराई वाले एरिया में गेहूं की बिजाई करने में किसानों को आसानी हो रही है। इस एरिया में किसानों को गेहूं की बिजाई से पहले होने वाली सिंचाई करने की जरूरत नहीं है क्योंकि पहले से ही इस तराई एरिया में नमी ज्यादा मात्रा में बनी हुई है। बरानी एवं रेतीले क्षेत्र में किसानों को बिजाई से पहले खेत की सिंचाई करनी पड़ रही है तब जाकर गेहूं की बिजाई हो पा रही है।
किसान लीलाराम, रामकुमार, रोशनलाल व शमशेर सिंह ने बताया कि गेहूं की बिजाई का कार्य इस समय जोरों पर है। उन्होंने बताया कि बरानी एरिया में सिंचाई करके ही बिजाई करनी पड़ रही है। इस संबंध में कृषि विकास अधिकारी संदीप बूरा ने बताया कि किसान 25 नवंबर तक अगेती किस्मों की बिजाई कर सकते हैं। उसके बाद 25 दिसंबर तक पछेती किस्म की बिजाई की जा सकेगी। किसानों को चाहिए कि वे गेहूं की बिजाई करते समय निर्धारित मात्रा में ही डीएपी खाद डालें। गेहूं की पहली सिंचाई 25 से 30 दिन के बीच करनी होगी।
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