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रोहतक मुख्यमार्ग की 1200 मीटर लंबी सड़क पर 12 लाइटें भी नहीं, अंधेरा होते ही सड़कों पर आ जाते हैं 120 से अधिक गोवंश
Updated Wed, 22 Aug 2018 01:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। रोहतक की तरफ से शहर में एंट्री करने वाली सड़क (रावलधी बाईपास से फाटक तक) पिछले लंबे समय से लाइटों की कमी का दंश झेल रही है। करीब 1200 मीटर की दूरी में इस सड़क पर कुुल 12 लाइटें भी नहीं हैं, जबकि शाम सात बजे के बाद इस सड़क पर लगभग 120 से अधिक लावारिस गोवंश आ जाते हैं। मुख्यमार्ग पर अंधेरा छाया रहने से हादसों और वारदातों का डर लोगों के जहन में बना हुआ है। यह समस्या पिछले लंबे समय से बनी हुई है लेकिन नगर परिषद ने अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है। विवेक नगर (चंपापुरी) के लोगों ने नगर परिषद यहां स्ट्रीट लाइटें लगवाने की मांग की है ताकि हादसों से बचा जा सके। वहीं, नप अधिकारियों का तर्क है कि इस संबंध में कुछ दिन पहले ही उनके पास भी डिमांड पहुंची है और इस पर कागजी प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
रोहतक फाटक से रावलधी बाईपास तक की दूरी 1200 मीटर है और यह एरिया नगर परिषद के अधिकारी क्षेत्र में आता है। रोहतक की तरफ से आने वाले वाहन चालकों के लिए यह शहर में आने का एंट्री प्वाइंट है। इसके सौंदर्यकरण के लिए न तो नगर परिषद ने प्रयास किए हैं और न ही पीडब्लयूडी विभाग ने। हालांकि करीब दो साल पहले इस मार्ग के दोहरीकरण का प्रपोजल पीडब्लयूडी विभाग ने तैयार किया था, लेकिन अब तक यह भी ठंडे बस्ते में पड़ा है। इस प्लानिंग के तहत रोहतक फाटक से लेकर रावलधी बाईपास तक सड़क का दोहरीकरण किया जाना है और दोनों पर पानी निकासी के लिए ड्रेन सिस्टम बनवाने और सड़क के बीचोंबीच डिवाइडर बनवाकर इस पर लाइटें लगवाना भी प्लानिंग का ही हिस्सा है। यह प्रपोजल पिछले करीब डेढ़ साल से हेड ऑफिस में अटका हुआ है और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी काम शुरू नहीं करा पा रहे। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने का इंतजार काफी लंबा होने के बाद अब लोगों ने समस्याओं के समाधान के लिए नगर परिषद यहां लाइटें लगवाने की मांग की है।
रोहतक फाटक से निकलते ही लावारिस पशुओं के झुंड इस सड़क पर नजर आने शुरू हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने अमर उजाला कार्यालय में फोन कर समस्या की जानकारी दी। इसके बाद सोमवार शाम करीब आठ बजे अमर उजाला टीम हकीकत देखने मौके पर पहुंची। इस दौरान गली नंबर एक से तीन के बीच 18 गोवंश सड़क किनारे खड़े मिले। जब टीम रावलधी बाईपास की तरफ आगे बढ़ी तो गली नंबर पांच व सात के बीच भी 33 लावारिस गोवंश मिले। रावलधी बाईपास से पहले बनी टाइल फैक्टरी तक 120 से अधिक गोवंश सड़क पर खड़े पाए गए।
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सड़क के एक तरफ ही लगी महज 10 लाइटें, तीन खराब
फाटक से रावलधी बाईपास की तरफ चलने पर सड़क दाईं ओर महज 10 ही लाइटें लगी हुई हैं। अमर उजाला की जांच मे सामने आया कि इनमें से पांच सोडियम लाइटें हैं जो कि काफी साल पहले यहां लगाई गई थीं। इसके अलावा यहां पांच एलईडी लाइटें लगी हुई हैं। पांच सोडियम लाइटों में से तीन खराब हैं। बड़ी बात यह है कि सभी लाइटें सड़क के दोनों साइड की बजाय एक ही तरफ लगाई गई हैं। इससे आधी सड़क तक ही इनकी रोशनी सिमट कर रह जाती है।
लंबे समय से हम यहां लाइटें लगवाने की मांग कर रहे हैं। शाम के समय सड़क पर गोवंश आ जाते हैं और कई दफा इसके चलते हादसे हो चुके हैं।
-मुकेश कुमार, वार्ड एक
इस मुख्यमार्ग पर एक तो लाइटें बेहद कम हैं और जो लगी हुई हैं उनमें से भी कुछ खराब पड़ी है। नगर परिषद को जल्द यहां लाइटें लगवानी चाहिए।
-नवीन, चंपापुरी निवासी
इस सड़क पर केवल एक साइड ही लाइटें लगी हैं और भी वह भी अनियमित रूप से। कहीं 50 मीटर में दो लाइटें हैं तो कहीं 300 मीटर तक लाइटें नहीं है।
-सतबीर, चंपापुरी निवासी
नगर परिषद को जल्द से जल्द यहां लाइटें लगवानी चाहिए। शाम होते ही काफी तादाद में गोवंश सड़क पर आ जाते हैं और इनके चलते कई दफा दुपहिया वाहन सवार घायल हो चुके हैं।
-राजेश कुमार, चंपापुरी निवासी
इस सड़क पर लाइटों की कमी है, हमारे पास भी डिमांड पहुंच चुकी है। इस पर कागजी प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही हम टेंडर कार्रवाई पूरी कर देंगे।
-रामकरण भारद्वाज, सचिव, नगर परिषद
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चरखी दादरी। रोहतक की तरफ से शहर में एंट्री करने वाली सड़क (रावलधी बाईपास से फाटक तक) पिछले लंबे समय से लाइटों की कमी का दंश झेल रही है। करीब 1200 मीटर की दूरी में इस सड़क पर कुुल 12 लाइटें भी नहीं हैं, जबकि शाम सात बजे के बाद इस सड़क पर लगभग 120 से अधिक लावारिस गोवंश आ जाते हैं। मुख्यमार्ग पर अंधेरा छाया रहने से हादसों और वारदातों का डर लोगों के जहन में बना हुआ है। यह समस्या पिछले लंबे समय से बनी हुई है लेकिन नगर परिषद ने अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है। विवेक नगर (चंपापुरी) के लोगों ने नगर परिषद यहां स्ट्रीट लाइटें लगवाने की मांग की है ताकि हादसों से बचा जा सके। वहीं, नप अधिकारियों का तर्क है कि इस संबंध में कुछ दिन पहले ही उनके पास भी डिमांड पहुंची है और इस पर कागजी प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
रोहतक फाटक से रावलधी बाईपास तक की दूरी 1200 मीटर है और यह एरिया नगर परिषद के अधिकारी क्षेत्र में आता है। रोहतक की तरफ से आने वाले वाहन चालकों के लिए यह शहर में आने का एंट्री प्वाइंट है। इसके सौंदर्यकरण के लिए न तो नगर परिषद ने प्रयास किए हैं और न ही पीडब्लयूडी विभाग ने। हालांकि करीब दो साल पहले इस मार्ग के दोहरीकरण का प्रपोजल पीडब्लयूडी विभाग ने तैयार किया था, लेकिन अब तक यह भी ठंडे बस्ते में पड़ा है। इस प्लानिंग के तहत रोहतक फाटक से लेकर रावलधी बाईपास तक सड़क का दोहरीकरण किया जाना है और दोनों पर पानी निकासी के लिए ड्रेन सिस्टम बनवाने और सड़क के बीचोंबीच डिवाइडर बनवाकर इस पर लाइटें लगवाना भी प्लानिंग का ही हिस्सा है। यह प्रपोजल पिछले करीब डेढ़ साल से हेड ऑफिस में अटका हुआ है और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी काम शुरू नहीं करा पा रहे। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने का इंतजार काफी लंबा होने के बाद अब लोगों ने समस्याओं के समाधान के लिए नगर परिषद यहां लाइटें लगवाने की मांग की है।
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रोहतक फाटक से निकलते ही लावारिस पशुओं के झुंड इस सड़क पर नजर आने शुरू हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने अमर उजाला कार्यालय में फोन कर समस्या की जानकारी दी। इसके बाद सोमवार शाम करीब आठ बजे अमर उजाला टीम हकीकत देखने मौके पर पहुंची। इस दौरान गली नंबर एक से तीन के बीच 18 गोवंश सड़क किनारे खड़े मिले। जब टीम रावलधी बाईपास की तरफ आगे बढ़ी तो गली नंबर पांच व सात के बीच भी 33 लावारिस गोवंश मिले। रावलधी बाईपास से पहले बनी टाइल फैक्टरी तक 120 से अधिक गोवंश सड़क पर खड़े पाए गए।
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सड़क के एक तरफ ही लगी महज 10 लाइटें, तीन खराब
फाटक से रावलधी बाईपास की तरफ चलने पर सड़क दाईं ओर महज 10 ही लाइटें लगी हुई हैं। अमर उजाला की जांच मे सामने आया कि इनमें से पांच सोडियम लाइटें हैं जो कि काफी साल पहले यहां लगाई गई थीं। इसके अलावा यहां पांच एलईडी लाइटें लगी हुई हैं। पांच सोडियम लाइटों में से तीन खराब हैं। बड़ी बात यह है कि सभी लाइटें सड़क के दोनों साइड की बजाय एक ही तरफ लगाई गई हैं। इससे आधी सड़क तक ही इनकी रोशनी सिमट कर रह जाती है।
लंबे समय से हम यहां लाइटें लगवाने की मांग कर रहे हैं। शाम के समय सड़क पर गोवंश आ जाते हैं और कई दफा इसके चलते हादसे हो चुके हैं।
-मुकेश कुमार, वार्ड एक
इस मुख्यमार्ग पर एक तो लाइटें बेहद कम हैं और जो लगी हुई हैं उनमें से भी कुछ खराब पड़ी है। नगर परिषद को जल्द यहां लाइटें लगवानी चाहिए।
-नवीन, चंपापुरी निवासी
इस सड़क पर केवल एक साइड ही लाइटें लगी हैं और भी वह भी अनियमित रूप से। कहीं 50 मीटर में दो लाइटें हैं तो कहीं 300 मीटर तक लाइटें नहीं है।
-सतबीर, चंपापुरी निवासी
नगर परिषद को जल्द से जल्द यहां लाइटें लगवानी चाहिए। शाम होते ही काफी तादाद में गोवंश सड़क पर आ जाते हैं और इनके चलते कई दफा दुपहिया वाहन सवार घायल हो चुके हैं।
-राजेश कुमार, चंपापुरी निवासी
इस सड़क पर लाइटों की कमी है, हमारे पास भी डिमांड पहुंच चुकी है। इस पर कागजी प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही हम टेंडर कार्रवाई पूरी कर देंगे।
-रामकरण भारद्वाज, सचिव, नगर परिषद