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निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावकों में रोष, आज देंगे एसडीएम को ज्ञापन
Updated Mon, 09 Apr 2018 01:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
निजी स्कूलों में फीस बढ़ाने व निजी प्रकाशकों की ही पुस्तकें लागू करने से अभिभावकों में रोष है। रविवार को छोटूराम धर्मशाला बहादुरगढ़ में मीटिंग कर अभिभावकों व विभिन्न संस्थाओं ने निजी स्कूल संचालकों की मनमानी पर विरोध जताया और प्रशासन से निजी स्कूलों पर नकेल कसने की आवाज उठाई। इस संबंध में अब अभिभावक सोमवार को एसडीएम बहादुरगढ़ को ज्ञापन देंगे।
नागरिक कल्याण संघ के अध्यक्ष रणवीर सिंह राठी ने कहा कि साल दर साल बढ़ती फीस ने अभिभावकों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। फीस तो बढ़ाई जाती है, बिल्डिंग व अन्य सुविधाओं के लिए भी रुपये मांगे जाते हैं। इससे अभिभावकों पर लगातार बोझ बढ़ रहा है। रमन शर्मा ने कहा कि स्कूलों में बच्चों को एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें दी जा रही हैं। एनसीईआरटी के मुकाबले निजी प्रकाशकों की किताबें कई गुणा महंगी है। जो किताब 50 रुपये की होनी चाहिए, वो 500 में जबरन थोपी जा रही है। हीरा सिंह ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद भी अभिभावक किसी तरह से अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का प्रयास करते हैं। मगर निजी स्कूल संचालकों ने शिक्षा को व्यापार बना डाला है।
जयपाल सांगवान ने कहा कि निजी व सरकारी विद्यालयों में साइंस लैब अति आवश्यक तौर पर होनी चाहिए, जोकि अधिकतर विद्यालयों में नाममात्र ही है। संबंधित विभाग की टीम द्वारा विद्यालयों की नियमित चेकिंग होनी चाहिए ताकि बच्चों को विद्यालय में मिलने वाली मूलभूत व शिक्षा संबंधी सुविधाओं का सही आंकलन हो सके। मुकेश पांचाल ने कहा कि निजी स्कूलों की यह मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आज सोमवार को इनके खिलाफ एसडीएम बहादुरगढ़ को ज्ञापन दिया जाएगा। बैठक में सुरेंद्र दलाल, सतबीर राठी, तारीफ सिंह, आजाद सिंह, वीरेंद्र आर्य, सोमदत्त आर्य, रविंद्र मांडोठी, अनिल दलाल, मनोज, कृष्ण, नीरज बंसल, नरेंद्र धनखड़, नवीन अहलावत व अर्जुन दलाल आदि उपस्थित थे।
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बहादुरगढ़।
निजी स्कूलों में फीस बढ़ाने व निजी प्रकाशकों की ही पुस्तकें लागू करने से अभिभावकों में रोष है। रविवार को छोटूराम धर्मशाला बहादुरगढ़ में मीटिंग कर अभिभावकों व विभिन्न संस्थाओं ने निजी स्कूल संचालकों की मनमानी पर विरोध जताया और प्रशासन से निजी स्कूलों पर नकेल कसने की आवाज उठाई। इस संबंध में अब अभिभावक सोमवार को एसडीएम बहादुरगढ़ को ज्ञापन देंगे।
नागरिक कल्याण संघ के अध्यक्ष रणवीर सिंह राठी ने कहा कि साल दर साल बढ़ती फीस ने अभिभावकों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। फीस तो बढ़ाई जाती है, बिल्डिंग व अन्य सुविधाओं के लिए भी रुपये मांगे जाते हैं। इससे अभिभावकों पर लगातार बोझ बढ़ रहा है। रमन शर्मा ने कहा कि स्कूलों में बच्चों को एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें दी जा रही हैं। एनसीईआरटी के मुकाबले निजी प्रकाशकों की किताबें कई गुणा महंगी है। जो किताब 50 रुपये की होनी चाहिए, वो 500 में जबरन थोपी जा रही है। हीरा सिंह ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद भी अभिभावक किसी तरह से अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का प्रयास करते हैं। मगर निजी स्कूल संचालकों ने शिक्षा को व्यापार बना डाला है।
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जयपाल सांगवान ने कहा कि निजी व सरकारी विद्यालयों में साइंस लैब अति आवश्यक तौर पर होनी चाहिए, जोकि अधिकतर विद्यालयों में नाममात्र ही है। संबंधित विभाग की टीम द्वारा विद्यालयों की नियमित चेकिंग होनी चाहिए ताकि बच्चों को विद्यालय में मिलने वाली मूलभूत व शिक्षा संबंधी सुविधाओं का सही आंकलन हो सके। मुकेश पांचाल ने कहा कि निजी स्कूलों की यह मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आज सोमवार को इनके खिलाफ एसडीएम बहादुरगढ़ को ज्ञापन दिया जाएगा। बैठक में सुरेंद्र दलाल, सतबीर राठी, तारीफ सिंह, आजाद सिंह, वीरेंद्र आर्य, सोमदत्त आर्य, रविंद्र मांडोठी, अनिल दलाल, मनोज, कृष्ण, नीरज बंसल, नरेंद्र धनखड़, नवीन अहलावत व अर्जुन दलाल आदि उपस्थित थे।
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