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38 हजार किसानों के बनवा दिए सॉयल हेल्थ कार्ड, मिट्टी जांच लैब् में केमिकल भी नहीं
Updated Wed, 28 Feb 2018 02:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने किसानों को मिट्टी जांच करवाने के लिए खूब जागरूक किया। जागरूक करने के बाद किसानों के पास टारगेट देकर एडीओ को भेज दिया गया। एडीओ ने टारगेट के दबाव में जिले के 38 हजार किसानों के सॉयल हेल्थ कार्ड बना दिए। अब समस्या यह है किसान मिट्टी जांच करवाने के लिए किसान लैब में पहुंचे तो वहां पर केमिकल ही नहीं मिला।
यह हाल कृषि मंत्री के गृह जिले झज्जर का है, जोकि आए दिन 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने वाला भाषण देते हैं। मिट्टी जांच लैब में केमिकल न होने के कारण सैंपल रोहतक भेजे जाते हैं, जहां से सैंपलों की रिपोर्ट आने में 10 से 12 दिन का समय लग जाता है।
मई 2017 में आई थी जांच मशीन
झज्जर में मिट्टी जांच कार्य के लिए मई 2017 में लैब के लिए चार नई मशीनें आई थी। साथ ही 400 सैंपलों की जांच का केमिकल भेजा गया था। जोकि 367 सैंपल में ही काम आ पाया। विभाग के पास यह केमिकल जनवरी 2018 के प्रथम सप्ताह में खत्म हो गया। इसके बाद 58 सैंपल जांच के लिए झज्जर से रोहतक लैब में भेजे जा चुके हैं। दो माह के करीब समय होने के बावजूद झज्जर लैब में विभाग की ओर से केमिकल नहीं भेजा गया है।
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यहां हुई है सैंपलों की जांच
एडीओ ने जो टारगेट के दबाव में 38 हजार सॉयल हेल्थ कार्ड बनाए तो उनके साथ 28696 मिट्टी के सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को लेने की प्रक्रिया नवंबर 2015 में शुरू की गई थी। इसमें से 11 हजार 525 इफरैक कंपनी को भेजे गए। 2930 सैंपल विभाग की वैन से तथा 14241 बहादुरगढ़ भेजकर जांच कराई गई।
केंद्रीय मंत्री से भी करवा चुके हैं प्रचार
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ सॉयल हेल्थ कार्ड के प्रति किसानों में जागरूकता लाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह का भी कार्यक्रम झज्जर में करवा चुके हैं। गत पांच दिसंबर 2017 को हुए कार्यक्रम के लिए मिट्टी जांच वैन जींद से लाई गई थी। झज्जर की मिट्टी जांच वैन आरक्षण आंदोलन के दौरान जला दी गई थी, उसके बाद से यहां कोई नई वैन नहीं दी गई है।
सॉयल टेस्टिंग ऑफिस की स्थिति
पद सैंक्शन खाली
एसटीओ 1 1
एएसटीओ 1 0
एलए 2 2
जेएसए 3 3
क्लर्क 1 1
हेल्पर 1 1
सहायक भूमि सरंक्षण अधिकारी कार्यालय में स्थिति
एएससीओ 1 0
एडीओ 3 3
अकाऊंटेंट 1 1
क्लर्क 2 1
स्टैनो 1 1
एआई 7 1
फील्डमैन 3 3
ड्राफ्टमैन 1 1
डीसी रेट के कर्मचारी चला रहे हैं काम
सॉयल टेस्टिंग ऑफिस का कार्य डीसी रेट पर तैनात कर्मचारी चला रहा है। विभाग के द्वारा एनालिटिकल एसोसिएट के चार और एक ऑफिस एसोसिएट डीसी रेट पर लगाए गए हैं। लैब टेक्नीशियन न होने के कारण लैब में सैंपलिंग का कार्य भी क्लर्क या फिर चपडासी ही करते हैं।
वर्जन
केमिकल के लिए विभाग के मुख्यालय को पत्र लिखा जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही केमिकल आएगा। स्टाफ का टोटा तो काफी समय से चल रहा है।
- रोहताश, डीडीए, झज्जर।
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झज्जर।
प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने किसानों को मिट्टी जांच करवाने के लिए खूब जागरूक किया। जागरूक करने के बाद किसानों के पास टारगेट देकर एडीओ को भेज दिया गया। एडीओ ने टारगेट के दबाव में जिले के 38 हजार किसानों के सॉयल हेल्थ कार्ड बना दिए। अब समस्या यह है किसान मिट्टी जांच करवाने के लिए किसान लैब में पहुंचे तो वहां पर केमिकल ही नहीं मिला।
यह हाल कृषि मंत्री के गृह जिले झज्जर का है, जोकि आए दिन 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने वाला भाषण देते हैं। मिट्टी जांच लैब में केमिकल न होने के कारण सैंपल रोहतक भेजे जाते हैं, जहां से सैंपलों की रिपोर्ट आने में 10 से 12 दिन का समय लग जाता है।
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मई 2017 में आई थी जांच मशीन
झज्जर में मिट्टी जांच कार्य के लिए मई 2017 में लैब के लिए चार नई मशीनें आई थी। साथ ही 400 सैंपलों की जांच का केमिकल भेजा गया था। जोकि 367 सैंपल में ही काम आ पाया। विभाग के पास यह केमिकल जनवरी 2018 के प्रथम सप्ताह में खत्म हो गया। इसके बाद 58 सैंपल जांच के लिए झज्जर से रोहतक लैब में भेजे जा चुके हैं। दो माह के करीब समय होने के बावजूद झज्जर लैब में विभाग की ओर से केमिकल नहीं भेजा गया है।
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यहां हुई है सैंपलों की जांच
एडीओ ने जो टारगेट के दबाव में 38 हजार सॉयल हेल्थ कार्ड बनाए तो उनके साथ 28696 मिट्टी के सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को लेने की प्रक्रिया नवंबर 2015 में शुरू की गई थी। इसमें से 11 हजार 525 इफरैक कंपनी को भेजे गए। 2930 सैंपल विभाग की वैन से तथा 14241 बहादुरगढ़ भेजकर जांच कराई गई।
केंद्रीय मंत्री से भी करवा चुके हैं प्रचार
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ सॉयल हेल्थ कार्ड के प्रति किसानों में जागरूकता लाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह का भी कार्यक्रम झज्जर में करवा चुके हैं। गत पांच दिसंबर 2017 को हुए कार्यक्रम के लिए मिट्टी जांच वैन जींद से लाई गई थी। झज्जर की मिट्टी जांच वैन आरक्षण आंदोलन के दौरान जला दी गई थी, उसके बाद से यहां कोई नई वैन नहीं दी गई है।
सॉयल टेस्टिंग ऑफिस की स्थिति
पद सैंक्शन खाली
एसटीओ 1 1
एएसटीओ 1 0
एलए 2 2
जेएसए 3 3
क्लर्क 1 1
हेल्पर 1 1
सहायक भूमि सरंक्षण अधिकारी कार्यालय में स्थिति
एएससीओ 1 0
एडीओ 3 3
अकाऊंटेंट 1 1
क्लर्क 2 1
स्टैनो 1 1
एआई 7 1
फील्डमैन 3 3
ड्राफ्टमैन 1 1
डीसी रेट के कर्मचारी चला रहे हैं काम
सॉयल टेस्टिंग ऑफिस का कार्य डीसी रेट पर तैनात कर्मचारी चला रहा है। विभाग के द्वारा एनालिटिकल एसोसिएट के चार और एक ऑफिस एसोसिएट डीसी रेट पर लगाए गए हैं। लैब टेक्नीशियन न होने के कारण लैब में सैंपलिंग का कार्य भी क्लर्क या फिर चपडासी ही करते हैं।
वर्जन
केमिकल के लिए विभाग के मुख्यालय को पत्र लिखा जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही केमिकल आएगा। स्टाफ का टोटा तो काफी समय से चल रहा है।
- रोहताश, डीडीए, झज्जर।