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स्वच्छता सर्वे में पिछड़ जाएगा झज्जर, नपा ने नहीं जुटाए संसाधन
Updated Mon, 18 Dec 2017 12:46 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
स्वच्छता सर्वे 2018 में तैयारियां न होने के चलतेे नगरपालिका झज्जर पिछड़ता दिख रहा है। कुछ दिन पूर्व तक नपा ने इस सर्वे में अच्छी रैंकिंग हासिल करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया था जिसे खुद नपा द्वारा ही फॉलो नहीं किया जा रहा है। 4 जनवरी 2018 से शुरू होने वाले स्वच्छता सर्वे के लिए नपा के पास संसाधनों का पूरी तरह से टोटा बना हुआ है। इसके चलते झज्जर शहर की सूरत सर्वे टीम के सामने बदहाल नजर आएगी। ऐसे में झज्जर शहर का इस सर्वे में बुरी तरह से पिछड़ जाना अभी तक तय माना जा रहा है जोकि झज्जर शहर के निवासियों के लिए अच्छी खबर नहीं है।
डीसी की टेबल पर अटकी फाइल
नपा द्वारा तैयार किए गए मास्टर प्लान की फाइल डीसी सोनल गोयल को भेजी गई थी जहां पर यह फाइल नवंबर माह से अटकी हुई है। जब तक फाइल को डीसी की मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती। ऐसे में अगर अब मंजूरी मिलती है तो सर्वे शुरू होने तक बमुश्किल ही प्लान पर कार्य शुरू हो पाएगा।
डोर टू डोर कूड़ा उठाने का था प्लान
नपा द्वारा तय किया गया था कि शहर के हर वार्ड के प्रत्येक घर से कूड़ा एकत्रित किया जाएगा। इसके चलते रिक्शा चलाई जाएंगी। नपा द्वारा इस कार्य के लिए कोई चार्ज नहीं वसूला जाएगा। रिक्शा चालकों के द्वारा कूड़ा डंपिंग प्वाइंट पर डाला जाएगा। जहां से कूड़ा उठाकर ऊटलौदा के डंपिंग यार्ड तक भेजने की जिम्मेदारी ठेकेदार की रहेगी। नपा द्वारा इस कार्य के लिए 5 टाटा ऐस गाड़ियों की खरीद की जानी थी।
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डस्टबिन के लिए है 20 लाख का बजट
डस्टबिन की खरीद के लिए शहरी निकाय की ओर से 20 लाख रुपये का बजट झज्जर नपा के खाते में डाला जा चुका है। लेकिन नपा के द्वारा खरीद के लिए टेंडर लगाने की प्रक्रिया तक शुरू नहीं की गई है। नपा द्वारा तीन प्रकार के डस्टबीन की खरीद की जानी है जिसमें थ्री क्यूम, वन क्यूम व छोटे डस्टबीन शामिल हैं। बड़े डस्टबिन कम संख्या व छोटे डस्टबिन ज्यादा संख्या में खरीदे जाएंगे।
ये हैं नपा के पास मौजूदा संसाधन
बड़े डस्टबिन-15
छोटे डस्टबिन-20
ट्रैक्टर-5
सफाई कर्मचारी स्थायी-21
सफाई कर्मचारी अस्थायी-126
कूड़ा उठान गाड़ी-1
सैनेटरी इंस्पेक्टर-0
टेंडर लगाने की मंजूरी डीसी कार्यालय भेजी जा चुकी है। जहां से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर लगाकर डस्टबिन खरीद व कूड़ा उठान का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। उन्हें पूरा भरोसा है कि शहर स्वच्छता सर्वे में नहीं पिछड़ेगा।
-नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
नपा के पास न डस्टबिन न पर्याप्त संसाधन और उम्मीदें स्वच्छता में नंबर वन बनने की
स्वच्छता सर्वे में पिछड़ जाएगा झज्जर, नपा ने नहीं जुटाए संसाधन
-डस्टबिन की कमी से जूझ रहा है शहर, बजट के बावजूद नहीं लग रहे टेंडर
-कूड़ा उठान गाड़ी की भी नहीं की जा रही खरीद
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झज्जर।
स्वच्छता सर्वे 2018 में तैयारियां न होने के चलतेे नगरपालिका झज्जर पिछड़ता दिख रहा है। कुछ दिन पूर्व तक नपा ने इस सर्वे में अच्छी रैंकिंग हासिल करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया था जिसे खुद नपा द्वारा ही फॉलो नहीं किया जा रहा है। 4 जनवरी 2018 से शुरू होने वाले स्वच्छता सर्वे के लिए नपा के पास संसाधनों का पूरी तरह से टोटा बना हुआ है। इसके चलते झज्जर शहर की सूरत सर्वे टीम के सामने बदहाल नजर आएगी। ऐसे में झज्जर शहर का इस सर्वे में बुरी तरह से पिछड़ जाना अभी तक तय माना जा रहा है जोकि झज्जर शहर के निवासियों के लिए अच्छी खबर नहीं है।
डीसी की टेबल पर अटकी फाइल
नपा द्वारा तैयार किए गए मास्टर प्लान की फाइल डीसी सोनल गोयल को भेजी गई थी जहां पर यह फाइल नवंबर माह से अटकी हुई है। जब तक फाइल को डीसी की मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती। ऐसे में अगर अब मंजूरी मिलती है तो सर्वे शुरू होने तक बमुश्किल ही प्लान पर कार्य शुरू हो पाएगा।
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डोर टू डोर कूड़ा उठाने का था प्लान
नपा द्वारा तय किया गया था कि शहर के हर वार्ड के प्रत्येक घर से कूड़ा एकत्रित किया जाएगा। इसके चलते रिक्शा चलाई जाएंगी। नपा द्वारा इस कार्य के लिए कोई चार्ज नहीं वसूला जाएगा। रिक्शा चालकों के द्वारा कूड़ा डंपिंग प्वाइंट पर डाला जाएगा। जहां से कूड़ा उठाकर ऊटलौदा के डंपिंग यार्ड तक भेजने की जिम्मेदारी ठेकेदार की रहेगी। नपा द्वारा इस कार्य के लिए 5 टाटा ऐस गाड़ियों की खरीद की जानी थी।
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डस्टबिन के लिए है 20 लाख का बजट
डस्टबिन की खरीद के लिए शहरी निकाय की ओर से 20 लाख रुपये का बजट झज्जर नपा के खाते में डाला जा चुका है। लेकिन नपा के द्वारा खरीद के लिए टेंडर लगाने की प्रक्रिया तक शुरू नहीं की गई है। नपा द्वारा तीन प्रकार के डस्टबीन की खरीद की जानी है जिसमें थ्री क्यूम, वन क्यूम व छोटे डस्टबीन शामिल हैं। बड़े डस्टबिन कम संख्या व छोटे डस्टबिन ज्यादा संख्या में खरीदे जाएंगे।
ये हैं नपा के पास मौजूदा संसाधन
बड़े डस्टबिन-15
छोटे डस्टबिन-20
ट्रैक्टर-5
सफाई कर्मचारी स्थायी-21
सफाई कर्मचारी अस्थायी-126
कूड़ा उठान गाड़ी-1
सैनेटरी इंस्पेक्टर-0
टेंडर लगाने की मंजूरी डीसी कार्यालय भेजी जा चुकी है। जहां से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर लगाकर डस्टबिन खरीद व कूड़ा उठान का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। उन्हें पूरा भरोसा है कि शहर स्वच्छता सर्वे में नहीं पिछड़ेगा।
-नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
नपा के पास न डस्टबिन न पर्याप्त संसाधन और उम्मीदें स्वच्छता में नंबर वन बनने की
स्वच्छता सर्वे में पिछड़ जाएगा झज्जर, नपा ने नहीं जुटाए संसाधन
-डस्टबिन की कमी से जूझ रहा है शहर, बजट के बावजूद नहीं लग रहे टेंडर
-कूड़ा उठान गाड़ी की भी नहीं की जा रही खरीद