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कैंसर के बढ़ते मामलों ग्रामीण इलाकों में स्टडी कराने के लिए भेजा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
Updated Mon, 20 Nov 2017 01:06 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बेरी।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने राज्य में कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर ग्रामीण क्षेत्रों में इस बीमारी का कारण जानने के लिए अध्ययन कराने की मांग की है। कृषि मंत्री ने रविवार को यह जानकारी गांव दुजाना में डॉ. अजय धनखड़ की स्मृति में आयोजित सेमिनार के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए दी। हरियाणा के श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी के साथ सेमिनार से पहले स्व. डॉ. धनखड़ की स्मृति में ही आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स), नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित शिविर में कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने भी रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने पांच मांगों के निवेदन का जिक्र करते हुए बताया कि बाढ़सा स्थित एम्स परिसर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के साथ ही एक बड़ा सामान्य अस्पताल, गंभीर बीमारी से जूझने वाले मरीजों की देखभाल के लिए नर्सिंग केयर अस्पताल, एम्स परिसर में सोलर पावर प्लांट स्थापित करने और दिल्ली मेट्रो से जोड़ने में सहयोग की भी मांगने की बात कही है।
15 साल में बढ़ गए 7 गुना मरीज
कैंसर के बढ़ते मामलों का जिक्र करते हुए धनखड़ ने पंडित भगवत दयाल शर्मा मेडिकल यूनिवर्सिटी, रोहतक के कैंसर विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते बताय कि वर्ष 2002 में यहां पर कैंसर के पांच हजार मरीज आए थे जबकि 2012 में यह संख्या 35 हजार हो गई थी। सेमिनार में एम्स के कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. अतुल शर्मा ने भी अपने विचार रखे। डा. अतुल शर्मा ने बताया कि फेफड़े व गले के कैंसर का मुख्य कारण तंबाकू का सेवन है। जबकि महिलाओं में बच्चेदानी व ब्रेस्ट कैंसर के मामले सामने आते है। उन्होंने बताया कि यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि कैंसर की बीमारी का कोई लक्षण प्रारंभिक तौर पर सामने नहीं आता। हालांकि महिलाओं के मामले में समय पर जांच व इलाज शुरू हो जाए तो इसका निदान संभव है। स्व. डा. अजय धनखड़ की धर्मपत्नी डा. सुमित्रा धनखड़ ने रक्तदान शिविर सेमिनार में पहुंचने पर सभी का आभार जताया। वहीं रक्तदान शिविर में 135 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर विक्रम कादियान, डा. प्रवीण खुराना, एम्स की डा. वंदना, डा. संजीव मढिय़ा, डा. भागमल खत्री, डा. आरके जांगड़ा, हरपाल, चंद्रसेन, विजय धनखड़, बेरी मंडल अध्यक्ष धर्म सिंह आदि उपस्थित रहे। जबकि प्रशासन की ओर से एसडीएम बेरी संजय राय, बीडीपीओ इकबाल राठी, नायब तहसीलदार रमेश कुमार, एपीआरओ बिजेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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कैंसर के बढ़ते मामलों की ग्रामीण इलाकों में स्टडी कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
- कृषि मंत्री ने कैंसर पर जताई चिंता
- बाढ़सा में नया सामान्य अस्पताल, मेट्रो से कनेक्टिविटी में सहयोग सहित रखी पांच मांग
- स्व. डॉ. अजय धनखड़ की स्मृति में हुआ सेमिनार
- शिविर में 135 यूनिट रक्त एकत्रित
फोटो संख्या-2 व 3
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बेरी।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने राज्य में कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर ग्रामीण क्षेत्रों में इस बीमारी का कारण जानने के लिए अध्ययन कराने की मांग की है। कृषि मंत्री ने रविवार को यह जानकारी गांव दुजाना में डॉ. अजय धनखड़ की स्मृति में आयोजित सेमिनार के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए दी। हरियाणा के श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी के साथ सेमिनार से पहले स्व. डॉ. धनखड़ की स्मृति में ही आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स), नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित शिविर में कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने भी रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने पांच मांगों के निवेदन का जिक्र करते हुए बताया कि बाढ़सा स्थित एम्स परिसर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के साथ ही एक बड़ा सामान्य अस्पताल, गंभीर बीमारी से जूझने वाले मरीजों की देखभाल के लिए नर्सिंग केयर अस्पताल, एम्स परिसर में सोलर पावर प्लांट स्थापित करने और दिल्ली मेट्रो से जोड़ने में सहयोग की भी मांगने की बात कही है।
15 साल में बढ़ गए 7 गुना मरीज
कैंसर के बढ़ते मामलों का जिक्र करते हुए धनखड़ ने पंडित भगवत दयाल शर्मा मेडिकल यूनिवर्सिटी, रोहतक के कैंसर विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते बताय कि वर्ष 2002 में यहां पर कैंसर के पांच हजार मरीज आए थे जबकि 2012 में यह संख्या 35 हजार हो गई थी। सेमिनार में एम्स के कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. अतुल शर्मा ने भी अपने विचार रखे। डा. अतुल शर्मा ने बताया कि फेफड़े व गले के कैंसर का मुख्य कारण तंबाकू का सेवन है। जबकि महिलाओं में बच्चेदानी व ब्रेस्ट कैंसर के मामले सामने आते है। उन्होंने बताया कि यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि कैंसर की बीमारी का कोई लक्षण प्रारंभिक तौर पर सामने नहीं आता। हालांकि महिलाओं के मामले में समय पर जांच व इलाज शुरू हो जाए तो इसका निदान संभव है। स्व. डा. अजय धनखड़ की धर्मपत्नी डा. सुमित्रा धनखड़ ने रक्तदान शिविर सेमिनार में पहुंचने पर सभी का आभार जताया। वहीं रक्तदान शिविर में 135 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ।
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ये रहे मौजूद
इस अवसर पर विक्रम कादियान, डा. प्रवीण खुराना, एम्स की डा. वंदना, डा. संजीव मढिय़ा, डा. भागमल खत्री, डा. आरके जांगड़ा, हरपाल, चंद्रसेन, विजय धनखड़, बेरी मंडल अध्यक्ष धर्म सिंह आदि उपस्थित रहे। जबकि प्रशासन की ओर से एसडीएम बेरी संजय राय, बीडीपीओ इकबाल राठी, नायब तहसीलदार रमेश कुमार, एपीआरओ बिजेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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कैंसर के बढ़ते मामलों की ग्रामीण इलाकों में स्टडी कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
- कृषि मंत्री ने कैंसर पर जताई चिंता
- बाढ़सा में नया सामान्य अस्पताल, मेट्रो से कनेक्टिविटी में सहयोग सहित रखी पांच मांग
- स्व. डॉ. अजय धनखड़ की स्मृति में हुआ सेमिनार
- शिविर में 135 यूनिट रक्त एकत्रित
फोटो संख्या-2 व 3