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गोचरान भूमि पर कब्जे हटाने की मांग को लेकर एडीसी को सौंपा ज्ञापन
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
गोभक्तों ने हरियाणा में गोचरान भूमि पर कब्जे हटाकर गोवंशों को बसाने की मांग को लेकर रोहतक में अनशन कर रहे संत गोपाल दास की मांगों को जल्द से जल्द मंजूर करने से संबंधित मुख्यमंत्री नामित ज्ञापन पत्र एडीसी डॉ. नरहरि बांगड़ को सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के बाद गोधन सेवा समिति के प्रधान रमेश राठी ने बताया कि चुनावों में भाजपा ने घोषणा की थी कि अगर भाजपा सरकार बन गई तो गोचरान भूमि को कब्जा मुक्त बनाकर गोवंश का संरक्षण और संवर्धन करने का काम किया जाएगा। भाजपा सरकार का यह चुनावी वादा सिर्फ घोषणा ही बनकर रह गया। रमेश राठी ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में गौचरान भूमि से कब्जे हटाने के आदेश जारी कर रखे है मगर राज्य सरकारें कब्जे हटवाने में आजतक नाकाम साबित हुई है। आरटीआई के माध्यम से मिली जानकारी अनुसार पूरे भारत में 3 करोड़ 32 लाख 50 हजार एकड़ जमीन है। वर्ष 2013 में हरियाणा सरकार से आरटीआई के माध्यम से मिली
हरियाणा में 4 लाख 50 हजार एकड़ भूमि गोचरान की हैै तथा 2 हजार 378 करोड़ रुपये सरकार के पास जमा जमा है जिसे सरकार गोवश के संरक्षण की बजाय कहीं और खर्च कर रही है।
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गोभक्तों ने रोष जताते हुए कहा कि प्रदेश के मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के पास संबंधित मंत्रालय है तथा वह भी गोवंश के संरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है। गोभक्तों ने कहा कि आए दिन गोवंश कूड़ा कर्कट खाने की वजह से बीमार होकर मौत का ग्रास बन रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मांग करते हुए कहा कि संत गोपाल दास की मांगे मानकर गोवंश के संरक्षण का कार्य सरकार करें, नहीं तो आने वाले दिनों में गोभक्त कोई बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में मनोज जून, सत्येन्द्र दहिया, हरिओम जून, नवीन, नीरज, जितेश कुमार, रोहित कुमार, सोनू, प्रदीप, योगेश, आकाश, शमशेर, अनूप, दिनेश, कर्मबीर सिंह के अलावा काफी संख्या में गोभक्त मौजूद रहे।
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बहादुरगढ़।
गोभक्तों ने हरियाणा में गोचरान भूमि पर कब्जे हटाकर गोवंशों को बसाने की मांग को लेकर रोहतक में अनशन कर रहे संत गोपाल दास की मांगों को जल्द से जल्द मंजूर करने से संबंधित मुख्यमंत्री नामित ज्ञापन पत्र एडीसी डॉ. नरहरि बांगड़ को सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के बाद गोधन सेवा समिति के प्रधान रमेश राठी ने बताया कि चुनावों में भाजपा ने घोषणा की थी कि अगर भाजपा सरकार बन गई तो गोचरान भूमि को कब्जा मुक्त बनाकर गोवंश का संरक्षण और संवर्धन करने का काम किया जाएगा। भाजपा सरकार का यह चुनावी वादा सिर्फ घोषणा ही बनकर रह गया। रमेश राठी ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में गौचरान भूमि से कब्जे हटाने के आदेश जारी कर रखे है मगर राज्य सरकारें कब्जे हटवाने में आजतक नाकाम साबित हुई है। आरटीआई के माध्यम से मिली जानकारी अनुसार पूरे भारत में 3 करोड़ 32 लाख 50 हजार एकड़ जमीन है। वर्ष 2013 में हरियाणा सरकार से आरटीआई के माध्यम से मिली
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हरियाणा में 4 लाख 50 हजार एकड़ भूमि गोचरान की हैै तथा 2 हजार 378 करोड़ रुपये सरकार के पास जमा जमा है जिसे सरकार गोवश के संरक्षण की बजाय कहीं और खर्च कर रही है।
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गोभक्तों ने रोष जताते हुए कहा कि प्रदेश के मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के पास संबंधित मंत्रालय है तथा वह भी गोवंश के संरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है। गोभक्तों ने कहा कि आए दिन गोवंश कूड़ा कर्कट खाने की वजह से बीमार होकर मौत का ग्रास बन रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मांग करते हुए कहा कि संत गोपाल दास की मांगे मानकर गोवंश के संरक्षण का कार्य सरकार करें, नहीं तो आने वाले दिनों में गोभक्त कोई बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में मनोज जून, सत्येन्द्र दहिया, हरिओम जून, नवीन, नीरज, जितेश कुमार, रोहित कुमार, सोनू, प्रदीप, योगेश, आकाश, शमशेर, अनूप, दिनेश, कर्मबीर सिंह के अलावा काफी संख्या में गोभक्त मौजूद रहे।