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जापान के प्रतिनिधि मंडल ने जाने जैविक खेती के तौर तरीके
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में किसानों की आमदनी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन झज्जर के किसान तो इससे भी आगे बढ़ते जा रहे हैं। यहां के जैविक उत्पादों की धूम सात समुद्र पार विदेशों तक जा पहुंची है। कुदरती खेती किसान समूह मातनहेल की ओर से देश के विभिन्न क्षेत्रों लगाए जाने वाले कृषि मेलों में स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इन मेलों में आने वाले विदेशी मेहमानों ने सेहलंगा गांव के
किसान कृषि रतन अवॉर्डी भीमसिंह डागर से संपर्क कर उनके फार्म हाउस पर भी पहुंच रहे हैं। रविवार को जापान के टोकियो से 18 सदस्यों का दल जैविक खेती के बारे में जानकारी लेने के लिए सेहलंगा पहुंचा। जहां पर उन्होंने जिले के जैविक खेती करने वाले किसानों से जानकारी प्राप्त की। विदेशी मेहमानों ने कहा कि जापान में खेती तो होती है, लेकिन वह काफी कम क्षेत्र में होती है। वे अन्य देशों से अनाज लेते हैं और वहां से कार व अन्य सामान दूसरे देशों में निर्यात करते हैं। उनके देश के लोग मछली आदि का सेवन अधिक करते हैं। वे इस समय दिल्ली और गुरुग्राम में आए हुए हैं। जब गुरुग्राम में उन्हें जैविक उत्पादों के बारे में जानकारी मिली तो वे इन्हें पैदा करने के तौर तरीकों के बारे में जानकारी लेने के लिए यहां आए हैं। जो उत्पाद अब वे खा रहे हैं उन्हें उगाने के लिए क्या करना पड़ता है और वे किस प्रकार तैयार होते हैं।
ये मेहमान पहुंचे सेहलंगा
जापान के टोकियो से अशई, यूकिको ईटो, ताके यूची, हिरागा, चिनानाकी, मीजोसीमा, किनाहारा, ससीकी, निशीमोटो, मिजोकोसी, योसीहारा, आसका हट्टा, माई हट्टा और इटली से इविका सान सेहलंगा गांव में पहुंचे। वे दोपहर के समय गुरूग्राम से सेहलंगा पहुंचे थे और शाम के समय वापस गुरूग्राम के लिए रवाना हो गए थे। किसान भीम सिंह डागर ने उन्हें बताया कि वह अक्टूबर 2011 से जैविक खेती कर रहे हैं। 14 एकड़ भूमि में गेहूं, किन्नू, मिश्रीत सब्जियों का उत्पादन करते हैं। उनके समूह के साथ काफी किसान जुड़े हुए हैं। उनका समूह गुरुग्राम व दिल्ली आदि क्षेत्रों में जैविक उत्वादों को उनके समूह के साथ जुड़े हुए लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं। उनके फार्म हाउस पर तीसरा विदेशी प्रतिनिधिमंडल दौरा करने के लिए पहुंचा है। इससे पहले भी जापान से एक प्रतिनिधि मंडल यहां का दौरा कर चुका है।
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सम्मान से गदगद हुए मेहमान
जापान के प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों का गांव की तरफ से सरपंच जगत सिंह, धर्मबीर सिंह, सतबीर सिंह गोरिया, सतबीर सिंह निमली, प्रेम धनखड़ ग्वालीसन सहित विभिन्न लोगों उन्हें पगड़ी पहनाकर स्वागत किया तो मेहमानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि भारत की धरती पर ही नहीं उन्हें जापान में भी इस प्रकार से सम्मान नहीं मिला।
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झज्जर। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में किसानों की आमदनी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन झज्जर के किसान तो इससे भी आगे बढ़ते जा रहे हैं। यहां के जैविक उत्पादों की धूम सात समुद्र पार विदेशों तक जा पहुंची है। कुदरती खेती किसान समूह मातनहेल की ओर से देश के विभिन्न क्षेत्रों लगाए जाने वाले कृषि मेलों में स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इन मेलों में आने वाले विदेशी मेहमानों ने सेहलंगा गांव के
किसान कृषि रतन अवॉर्डी भीमसिंह डागर से संपर्क कर उनके फार्म हाउस पर भी पहुंच रहे हैं। रविवार को जापान के टोकियो से 18 सदस्यों का दल जैविक खेती के बारे में जानकारी लेने के लिए सेहलंगा पहुंचा। जहां पर उन्होंने जिले के जैविक खेती करने वाले किसानों से जानकारी प्राप्त की। विदेशी मेहमानों ने कहा कि जापान में खेती तो होती है, लेकिन वह काफी कम क्षेत्र में होती है। वे अन्य देशों से अनाज लेते हैं और वहां से कार व अन्य सामान दूसरे देशों में निर्यात करते हैं। उनके देश के लोग मछली आदि का सेवन अधिक करते हैं। वे इस समय दिल्ली और गुरुग्राम में आए हुए हैं। जब गुरुग्राम में उन्हें जैविक उत्पादों के बारे में जानकारी मिली तो वे इन्हें पैदा करने के तौर तरीकों के बारे में जानकारी लेने के लिए यहां आए हैं। जो उत्पाद अब वे खा रहे हैं उन्हें उगाने के लिए क्या करना पड़ता है और वे किस प्रकार तैयार होते हैं।
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ये मेहमान पहुंचे सेहलंगा
जापान के टोकियो से अशई, यूकिको ईटो, ताके यूची, हिरागा, चिनानाकी, मीजोसीमा, किनाहारा, ससीकी, निशीमोटो, मिजोकोसी, योसीहारा, आसका हट्टा, माई हट्टा और इटली से इविका सान सेहलंगा गांव में पहुंचे। वे दोपहर के समय गुरूग्राम से सेहलंगा पहुंचे थे और शाम के समय वापस गुरूग्राम के लिए रवाना हो गए थे। किसान भीम सिंह डागर ने उन्हें बताया कि वह अक्टूबर 2011 से जैविक खेती कर रहे हैं। 14 एकड़ भूमि में गेहूं, किन्नू, मिश्रीत सब्जियों का उत्पादन करते हैं। उनके समूह के साथ काफी किसान जुड़े हुए हैं। उनका समूह गुरुग्राम व दिल्ली आदि क्षेत्रों में जैविक उत्वादों को उनके समूह के साथ जुड़े हुए लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं। उनके फार्म हाउस पर तीसरा विदेशी प्रतिनिधिमंडल दौरा करने के लिए पहुंचा है। इससे पहले भी जापान से एक प्रतिनिधि मंडल यहां का दौरा कर चुका है।
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सम्मान से गदगद हुए मेहमान
जापान के प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों का गांव की तरफ से सरपंच जगत सिंह, धर्मबीर सिंह, सतबीर सिंह गोरिया, सतबीर सिंह निमली, प्रेम धनखड़ ग्वालीसन सहित विभिन्न लोगों उन्हें पगड़ी पहनाकर स्वागत किया तो मेहमानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि भारत की धरती पर ही नहीं उन्हें जापान में भी इस प्रकार से सम्मान नहीं मिला।