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ढांचागत सुविधाओं के लिए चाहिए बजट, कंडम भवनों में लगती हैं कक्षाएं

Mon, 25 Feb 2019 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 25 Feb 2019 01:06 AM IST
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ढांचागत सुविधाओं के लिए चाहिए बजट, कंडम भवनों में लगती हैं कक्षाएं
अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर। प्रदेश के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु सोमवार को विधानसभा में बजट पेश करेंगे। यह बजट लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पेश किया जा रहा है। इससे लोगों को उम्मीद है कि यह बजट लोगों को लुभाने वाला होगा। सोमवार को आने वाले बजट को लेकर शिक्षा के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए शिक्षाविदें से बात की गई तो उन्होंने सबसे पहले प्राथमिक शिक्षा के ढांचे को और अधिक मजबूत करने के साथ-साथ स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक बताया। इसके लिए सरकार को विशेष तौर से बजट का प्रावधान करना चाहिए। सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में सुविधाओं की आवश्यकता है। आज के समय में बिजली के बिना कोई काम असंभव है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में बिजली तक पूरे समय उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। इससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। स्कूलों में लाखों रुपये की लागत से कुछ वर्ष पूर्व जनरेटर सेट भेजे गए थे। लेकिन इनको चलाने के लिए बजट भी उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। दिन के समय एक से दो घंटे बिजली ग्रामीण क्षेत्र में आती है। इससे अलावा बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे सबसे ज्यादा कंप्यूटर शिक्षा प्रभावित होती है। इसलिए सबसे ज्यादा स्कूलों में बिजली का प्रबंध करने के लिए सरकार को बजट का विशेष रूप से प्रावधान करना चाहिए।

स्कूलों के कंडम भवनों को बजट की दरकार
जिले में करीब 526 सरकारी स्कूल है। इनमें 176 वरिष्ठ माध्यमिक और हाई स्कूल हैं। जबकि 71 माध्यमिक और 279 प्राथमिक पाठशाला है। इन स्कूलों में से करीब 90 फीसद स्कूल ग्रामीण क्षेत्र में हैं। शहरी क्षेत्र के स्कूलों में तो हालात कुछ हद तक ठीक हें। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में हालात बदहाल हैं। कई स्कूलों के भवन तक कंडम हो चुके हैं और बच्चों को बैठने तक की सुविधा नहीं है। इस प्रकार के भवनों को ठीक करवाने और स्कूलों के नए भवनों का निर्माण कराने के लिए बजट में विशेष प्रावधान होना चाहिए।
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सरकार जब भी अगले वर्ष के लिए बजट पेश करती है तो हर क्षेत्र को काफी उम्मीद होती हैं। समाज व देश को ऊंचा उठाने के लिए शिक्षा सबसे जरूरी है। इसलिए बजट में शिक्षा के क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान होना किया जाना आवश्यक है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के लिए। क्योंकि प्रदेश व देश की 80 फीसद जनता ग्रामीण
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क्षेत्र में निवास करती हैै और यहां के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएं। सबसे पहले सरकार को ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में पूरी बिजली देने का प्रबंध करना चाहिए।

सतबीर सिंह दलाल, पूर्व प्रवक्ता, झज्जर।

क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को बढ़ावा देना चाहिए। इसके लिए सरकार को बजट में ढांचागत सुविधाओं को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। बच्चों के लिए अच्छे भवनों का प्रबंध करना आवश्यक है। क्योंकि आज प्रतियोगिता का युग है। इस लिए सरकारी स्कूलों की हालत को सुधारना जरूरी है।
श्रीकृष्ण फौगाट, पूर्व प्रवक्ता, झज्जर।
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