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चैंबर की मोटरें नहीं कर रही काम, तीन दिन से पेयजल आपूर्ति ठप
Updated Thu, 11 Oct 2018 01:11 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बौंदकलां। जलघर चैंबर की मोटरें काम नहीं करने से पिछले तीन दिनों से कस्बे में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके चलते करीब 30 हजार की आबादी के समक्ष पेयजल संकट गहराया हुआ है। वहीं, अब तक इन मोटरों को दुरुस्त नहीं किया गया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो मोटरों में जो स्टार्टर लगे हैं उनकी क्षमता कम है और इसके चलते मोटरें नहीं चल पा रही हैं। एक्सईएन ने बताया कि जल्द ही मैकेनिकल शाखा के कर्मचारी को भेजकर मोटरों की खामियों को दूर कर दिया जाएगा और इसके तुरंत बाद सप्लाई छोड़ी जाएगी।
30 हजार की आबादी में पेयजल की आपूर्ति के लिए जलघर से ऊण रोड पर जन स्वास्थ्य विभाग ने एक 8 इंच की व दो लाइनें 6 इंच की डाली हुई हैं। इन लाइनों से ऊण रोड व गढ़ी पाना के बूस्टिंग स्टेशन में पानी पहुंचाया जाता है। वहीं, बस स्टैंड की ओर बूस्टिंग स्टेशनों के लिए स्पेशल लाइन है जिसमें सीएचसी, दो कालेज व पुराने पंचायत घर वाले बूस्टिंग स्टेशनों को पानी दिया जाता है। एक 6 इंच की मुख्य लाइन मुख्य बाजार के लिए बाबा हरदयाल दास के समीप से गुजरती है। जहारवीर गोगापीर के सामने से सरकारी कन्या स्कूल की ओर जाने वाले रास्ते पर एक 4 इंच की, एक 6 इंच की और एक 8 इंच की लाइन से बस्तियों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। जलघर से पेयजल आपूर्ति के लिए 20 जोन निर्धारित हैं और इनमें करीब 80 वॉल्व लगी हुई हैं। इनके माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। रविवार शाम को ही जलघर चैंबर की मोटरों में लगे स्टार्टरों ने काम करना बंद कर दिया। इसके चलते बूस्टिंग स्टेशनों में पानी सप्लाई करने वाली 20 हॉर्स पावर की मोटर और गांव की लाइनों में पेयजल आपूर्ति करने वाली 30 हॉर्स पावर की मोटरों ने काम करना बंद कर दिया। विभाग द्वारा चैंबर में लगाए गए स्टार्टरों की क्षमता कम होने के कारण मोटरों का लोड नहीं उठा पा रहे हैं और इसके कारण ही मोटरें नहीं चल पा रही हैं।
डीच ड्रेन टूटने के बाद चैंबरों तक पहुंचा था पानी
करीब 20 दिन पहले ही बौंदकलां में डीच ड्रेन टूट गई थी। ड्रेन का पानी कस्बा की बस्तियों में भरने के साथ-साथ जलघर के चैंबर तक आ पहुंचा था और इसमें मोटरें डूब गई थीं। यहां का जलस्तर कम होने के बाद जब विभाग ने सप्लाई छोड़ी तो घरों में कैमिकलयुक्त और दूषित पानी पहुंचा था।
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वर्जन::
जलघर की मोटरें अगर काम नहीं कर रही हैं और इनमें स्टार्टर की समस्या है तो तुरंत कर्मचारी को भेजकर इन्हें दुरुस्त कराया जाएगा। बौंदकलां कस्बा में जल्द पेयजल आपूर्ति हम शुरू करवा देंगे।
-विशाल बंसल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
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बौंदकलां। जलघर चैंबर की मोटरें काम नहीं करने से पिछले तीन दिनों से कस्बे में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके चलते करीब 30 हजार की आबादी के समक्ष पेयजल संकट गहराया हुआ है। वहीं, अब तक इन मोटरों को दुरुस्त नहीं किया गया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो मोटरों में जो स्टार्टर लगे हैं उनकी क्षमता कम है और इसके चलते मोटरें नहीं चल पा रही हैं। एक्सईएन ने बताया कि जल्द ही मैकेनिकल शाखा के कर्मचारी को भेजकर मोटरों की खामियों को दूर कर दिया जाएगा और इसके तुरंत बाद सप्लाई छोड़ी जाएगी।
30 हजार की आबादी में पेयजल की आपूर्ति के लिए जलघर से ऊण रोड पर जन स्वास्थ्य विभाग ने एक 8 इंच की व दो लाइनें 6 इंच की डाली हुई हैं। इन लाइनों से ऊण रोड व गढ़ी पाना के बूस्टिंग स्टेशन में पानी पहुंचाया जाता है। वहीं, बस स्टैंड की ओर बूस्टिंग स्टेशनों के लिए स्पेशल लाइन है जिसमें सीएचसी, दो कालेज व पुराने पंचायत घर वाले बूस्टिंग स्टेशनों को पानी दिया जाता है। एक 6 इंच की मुख्य लाइन मुख्य बाजार के लिए बाबा हरदयाल दास के समीप से गुजरती है। जहारवीर गोगापीर के सामने से सरकारी कन्या स्कूल की ओर जाने वाले रास्ते पर एक 4 इंच की, एक 6 इंच की और एक 8 इंच की लाइन से बस्तियों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। जलघर से पेयजल आपूर्ति के लिए 20 जोन निर्धारित हैं और इनमें करीब 80 वॉल्व लगी हुई हैं। इनके माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। रविवार शाम को ही जलघर चैंबर की मोटरों में लगे स्टार्टरों ने काम करना बंद कर दिया। इसके चलते बूस्टिंग स्टेशनों में पानी सप्लाई करने वाली 20 हॉर्स पावर की मोटर और गांव की लाइनों में पेयजल आपूर्ति करने वाली 30 हॉर्स पावर की मोटरों ने काम करना बंद कर दिया। विभाग द्वारा चैंबर में लगाए गए स्टार्टरों की क्षमता कम होने के कारण मोटरों का लोड नहीं उठा पा रहे हैं और इसके कारण ही मोटरें नहीं चल पा रही हैं।
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डीच ड्रेन टूटने के बाद चैंबरों तक पहुंचा था पानी
करीब 20 दिन पहले ही बौंदकलां में डीच ड्रेन टूट गई थी। ड्रेन का पानी कस्बा की बस्तियों में भरने के साथ-साथ जलघर के चैंबर तक आ पहुंचा था और इसमें मोटरें डूब गई थीं। यहां का जलस्तर कम होने के बाद जब विभाग ने सप्लाई छोड़ी तो घरों में कैमिकलयुक्त और दूषित पानी पहुंचा था।
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जलघर की मोटरें अगर काम नहीं कर रही हैं और इनमें स्टार्टर की समस्या है तो तुरंत कर्मचारी को भेजकर इन्हें दुरुस्त कराया जाएगा। बौंदकलां कस्बा में जल्द पेयजल आपूर्ति हम शुरू करवा देंगे।
-विशाल बंसल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग