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अधिकारी सस्पेंड होने से पीडब्ल्यूडी के 50 करोड़ के प्रोजेक्ट प्रभावित
Updated Mon, 16 Jul 2018 01:06 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन सहित एक साथ चार अधिकारियों के सस्पेंड कर दिए जाने पर जिला भर में करीब 50 करोड़ के प्रोजेक्ट प्रभावित होने लगे हैं। अचानक सस्पेेंड के ऑर्डर जारी होने के बाद कामकाज का असर फील्ड स्तर पर भी दिखने लगा है। डिजिटल सिग्नेचर के बिना ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया भी प्रभावित हो गई है। इस समय चरखी दादरी के सस्पेंड एक्सईएन का चार्ज भिवानी के एक्सईएन को दिया गया है।
कुछ दिन पहले चरखी दादरी जिला में पीडब्ल्यूडी विभाग के चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिए जाने से विभागीय फाइलों के कामकाज के अलावा फील्ड का काम भी अब बाधित होने लगा है। एक्सईएन सहित एक एसडीओ और दो जेई के सस्पेंड कर दिए जाने पर विभाग कार्यालय का कामकाज प्रभावित होने लगा है। एक्सईएन का एडिशनल चार्ज सौंपे जाने से कामकाज में उतना आउटपुट नहीं मिल पाता जितना एक रेगुलर अधिकारी फील्ड में तथा अपनी सीट पर काम करता है। आने वाले समय में पीडब्ल्यूडी विभाग का कार्यालय भी बनना है इसके लिए भी कागज प्रक्रिया चल रही है इसमें डिजिटल सिग्नेचर संबंधी बाधा आना स्वाभाविक है। नगर में सरकारी क्वार्टर भी बनने हैं ऐसे में एक्सईएन का रेगुलर पद होना यहां बेहद जरूरी है केवल दूसरे जिले के अधिकारी को चार्ज देकर यह प्रोजेक्ट पूरे करना आसान काम नहीं है। ऐसे में इन प्रोजेक्ट में देरी होना भी स्वाभाविक है जबकि चरखी दादरी नया जिला बना है ऐसे में यहां तो तेजी से विकास कार्यों को गति देने की जरूरत है ताकि पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर समय पर तैयार हो सके और आम लोगों को जल्द ही जिला स्तर की सभी सुविधाएं मिलनी शुरू हो सकें।
राजकीय स्कूल, पीएचसी और सड़क निर्माण के प्रोजेक्ट प्रभावित
मौजूदा समय में जिला में कई सड़क प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। इन प्रोजेक्टों में दादरी-चिड़िया सड़क मार्ग के अलावा आदमपुर-झोझू कलां सड़क मार्ग मुख्य रूप से शामिल हैं। इन दोनो प्रोजेक्टों पर करीब 15 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च होना है। इसी प्रकार गांव सरूपगढ़ स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल का निर्माण भी चल रहा है। इस प्रोजेक्ट पर तीन करोड़ खर्च होना है। गांव इमलोटा स्थित पीएचसी निर्माण का भी करीब तीन करोड़ का प्रोजेक्ट है। इसी प्रकार शहर में रेस्ट हाउस निर्माण का 14 करोड़ का प्रोजेक्ट भी शुरू करने की प्लानिंग है लेकिन यह काम भी अब देरी से शुरू हो सकेगा।
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स्टाफ की है कमी
पीडब्ल्यूडी विभाग में वैसे ही कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी है। लोहारू के एक एसडीओ को चरखी दादरी का चार्ज देकर काम चलाया जा रहा है। इसी प्रकार दो जेई को भी एडिशनल चार्ज दे रखा है। बड़ी मुश्किल से प्रोजेक्टों को मंजूरी मिल पाती है ऐसे में अधिकारियों के बिना प्रोजेक्ट पूरा करवाना मुश्किल होता है।
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चरखी दादरी।
पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन सहित एक साथ चार अधिकारियों के सस्पेंड कर दिए जाने पर जिला भर में करीब 50 करोड़ के प्रोजेक्ट प्रभावित होने लगे हैं। अचानक सस्पेेंड के ऑर्डर जारी होने के बाद कामकाज का असर फील्ड स्तर पर भी दिखने लगा है। डिजिटल सिग्नेचर के बिना ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया भी प्रभावित हो गई है। इस समय चरखी दादरी के सस्पेंड एक्सईएन का चार्ज भिवानी के एक्सईएन को दिया गया है।
कुछ दिन पहले चरखी दादरी जिला में पीडब्ल्यूडी विभाग के चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिए जाने से विभागीय फाइलों के कामकाज के अलावा फील्ड का काम भी अब बाधित होने लगा है। एक्सईएन सहित एक एसडीओ और दो जेई के सस्पेंड कर दिए जाने पर विभाग कार्यालय का कामकाज प्रभावित होने लगा है। एक्सईएन का एडिशनल चार्ज सौंपे जाने से कामकाज में उतना आउटपुट नहीं मिल पाता जितना एक रेगुलर अधिकारी फील्ड में तथा अपनी सीट पर काम करता है। आने वाले समय में पीडब्ल्यूडी विभाग का कार्यालय भी बनना है इसके लिए भी कागज प्रक्रिया चल रही है इसमें डिजिटल सिग्नेचर संबंधी बाधा आना स्वाभाविक है। नगर में सरकारी क्वार्टर भी बनने हैं ऐसे में एक्सईएन का रेगुलर पद होना यहां बेहद जरूरी है केवल दूसरे जिले के अधिकारी को चार्ज देकर यह प्रोजेक्ट पूरे करना आसान काम नहीं है। ऐसे में इन प्रोजेक्ट में देरी होना भी स्वाभाविक है जबकि चरखी दादरी नया जिला बना है ऐसे में यहां तो तेजी से विकास कार्यों को गति देने की जरूरत है ताकि पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर समय पर तैयार हो सके और आम लोगों को जल्द ही जिला स्तर की सभी सुविधाएं मिलनी शुरू हो सकें।
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राजकीय स्कूल, पीएचसी और सड़क निर्माण के प्रोजेक्ट प्रभावित
मौजूदा समय में जिला में कई सड़क प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। इन प्रोजेक्टों में दादरी-चिड़िया सड़क मार्ग के अलावा आदमपुर-झोझू कलां सड़क मार्ग मुख्य रूप से शामिल हैं। इन दोनो प्रोजेक्टों पर करीब 15 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च होना है। इसी प्रकार गांव सरूपगढ़ स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल का निर्माण भी चल रहा है। इस प्रोजेक्ट पर तीन करोड़ खर्च होना है। गांव इमलोटा स्थित पीएचसी निर्माण का भी करीब तीन करोड़ का प्रोजेक्ट है। इसी प्रकार शहर में रेस्ट हाउस निर्माण का 14 करोड़ का प्रोजेक्ट भी शुरू करने की प्लानिंग है लेकिन यह काम भी अब देरी से शुरू हो सकेगा।
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स्टाफ की है कमी
पीडब्ल्यूडी विभाग में वैसे ही कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी है। लोहारू के एक एसडीओ को चरखी दादरी का चार्ज देकर काम चलाया जा रहा है। इसी प्रकार दो जेई को भी एडिशनल चार्ज दे रखा है। बड़ी मुश्किल से प्रोजेक्टों को मंजूरी मिल पाती है ऐसे में अधिकारियों के बिना प्रोजेक्ट पूरा करवाना मुश्किल होता है।