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सरकारी संपति जमा न कराने पर पूर्व शिक्षा प्रेरकों पर होगी कानूनी कार्रवाई
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:56 AM IST
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सरकारी संपत्ति जमा न कराने पर पूर्व शिक्षा प्रेरकों पर होगी कानूनी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। पूर्व शिक्षा प्रेरकों को सरकारी संपत्ति जमा कराके बकाया मानदेय लेने का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। ऐसे प्रेरक आगामी 20 मार्च तक सरकारी संपत्ति जमा करवाकर अनापत्ति प्रमाण-पत्र व सत्यापित हाजिरी प्रतिलिपि अपने खंड कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला लोक शिक्षा समिति सदस्य सचिव कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि पूर्व शिक्षा प्रेरकों को सरकारी संपत्ति जमा कराके बकाया मानदेय लेने के लिए 11 सिंतबर 2017 को आदेश जारी किए गए थे, लेकिन अभी तक कुछ पूर्व शिक्षा प्रेरकों ने सरकारी संपत्ति जमा नही करवाई है।
उन्होंने कहा कि आगामी 20 मार्च तक सरकारी संपत्ति एवं अपना अनापत्ति प्रमाण-पत्र व सत्यापित हाजिरी प्रतिलिपि अपने खंड कार्यालय में जमा करवाएं अन्यथा उनके विरूद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के आदेशानुसार पूर्व शिक्षा प्रेरकों को छह जून 2017 को पद भार मुक्त कर दिया गया था और 11 सितंबर 2017 तक सरकारी संपत्ति जिसमें एक बड़ी अलमारी, एक छोटी अलमारी, एक बड़ी मेज, दो कुर्सी, एक रंगीन श्यामपट्ट, एक दरी व एइसी रिकॉर्ड आदि संबंधित गांव के राजकीय विद्यालय में जमा करवाने के लिए कहा गया था। उन्होंने बताया कि कुछ पूर्व प्रेरकों ने सरकारी संपति जमा न करवाकर नियमों की अवहेलना की है। ऐसे पूर्व प्रेरकों को सरकारी संपत्ति जमा करवाकर बकाया मानदेय प्राप्त करने का अंतिम मौका दिया जा रहा है। वे सरकारी संपत्ति व रिकार्ड 20 मार्च तक संबंधित गांव के राजकीय विद्यालय में जमा करवाकर अनापत्ति प्रमाण-पत्र व सत्यापित हाजिरी प्रतिलिपि अपने खंड कार्यालय में जमा करवाना सुनिश्चित करे। उन्होंने बताया कि 20 मार्च तक यदि कोई पूर्व प्रेरक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करेगा उसके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उससे सरकारी संपत्ति को प्राप्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि तक अनापत्ति प्रमाण-पत्र व सत्यापित हाजिरी जमा न होने व बजट लैप्स हो जाएगा और इसके लिए संबंधित प्रेरक स्वयं जिम्मेदार होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। पूर्व शिक्षा प्रेरकों को सरकारी संपत्ति जमा कराके बकाया मानदेय लेने का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। ऐसे प्रेरक आगामी 20 मार्च तक सरकारी संपत्ति जमा करवाकर अनापत्ति प्रमाण-पत्र व सत्यापित हाजिरी प्रतिलिपि अपने खंड कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला लोक शिक्षा समिति सदस्य सचिव कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि पूर्व शिक्षा प्रेरकों को सरकारी संपत्ति जमा कराके बकाया मानदेय लेने के लिए 11 सिंतबर 2017 को आदेश जारी किए गए थे, लेकिन अभी तक कुछ पूर्व शिक्षा प्रेरकों ने सरकारी संपत्ति जमा नही करवाई है।
उन्होंने कहा कि आगामी 20 मार्च तक सरकारी संपत्ति एवं अपना अनापत्ति प्रमाण-पत्र व सत्यापित हाजिरी प्रतिलिपि अपने खंड कार्यालय में जमा करवाएं अन्यथा उनके विरूद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के आदेशानुसार पूर्व शिक्षा प्रेरकों को छह जून 2017 को पद भार मुक्त कर दिया गया था और 11 सितंबर 2017 तक सरकारी संपत्ति जिसमें एक बड़ी अलमारी, एक छोटी अलमारी, एक बड़ी मेज, दो कुर्सी, एक रंगीन श्यामपट्ट, एक दरी व एइसी रिकॉर्ड आदि संबंधित गांव के राजकीय विद्यालय में जमा करवाने के लिए कहा गया था। उन्होंने बताया कि कुछ पूर्व प्रेरकों ने सरकारी संपति जमा न करवाकर नियमों की अवहेलना की है। ऐसे पूर्व प्रेरकों को सरकारी संपत्ति जमा करवाकर बकाया मानदेय प्राप्त करने का अंतिम मौका दिया जा रहा है। वे सरकारी संपत्ति व रिकार्ड 20 मार्च तक संबंधित गांव के राजकीय विद्यालय में जमा करवाकर अनापत्ति प्रमाण-पत्र व सत्यापित हाजिरी प्रतिलिपि अपने खंड कार्यालय में जमा करवाना सुनिश्चित करे। उन्होंने बताया कि 20 मार्च तक यदि कोई पूर्व प्रेरक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करेगा उसके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उससे सरकारी संपत्ति को प्राप्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि तक अनापत्ति प्रमाण-पत्र व सत्यापित हाजिरी जमा न होने व बजट लैप्स हो जाएगा और इसके लिए संबंधित प्रेरक स्वयं जिम्मेदार होगा।
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